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गड्ढे और अंधेरा... स्मार्ट सिटी के अफसरों की यही दिवाली है

Tue, 26 Oct 2021 01:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 26 Oct 2021 01:56 AM IST
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Pits and darkness... this is Diwali for smart city officials
बरेली बदायूं रोड पर अंधेरे में गड्डा युक्त सड़कों से होकर गुजरते लोग।
गड्ढों से भरे शहर के ज्यादातर मुख्य मार्गों पर महीनों से बंद पड़ी हैं स्ट्रीट लाइटें मगर किसी को परवाह नहीं
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बरेली। स्मार्ट सिटी बनते शहर में दिवाली इस हाल में मनानी पड़ेगी, शायद ही किसी ने सोचा हो। गहरे गड्ढों की भरमार की वजह से जिन सड़कों पर दिन में ही चलना मुश्किल होता है, वे रात को अंधेरे में डूबने के बाद और खतरनाक हो जाती हैं। स्मार्ट सिटी पर काम की शुरुआत के दौरान ही शहर को स्ट्रीट लाइटों से जगमग कर देने के दावे हुए थे लेकिन इसके उलट जो लाइटें जल रही थीं, वे भी बंद होती गईं। अब नौबत यह आ गई है कि शहर की ज्यादातर सड़कें अंधेरे में डूबी हुई हैं।
श्यामगंज से लेकर ईसाईयों की पुलिया तक एक तरफ से सारी स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। गांधी उद्यान से बियावानी कोठी के रास्ते ईसाईयों पुलिया तक आने वाले रास्ते पर भी आधे से अधिक स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी है। पीलीभीत बाईपास पर भी तमाम स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही हैं। हाल में बने सेटेलाइट पुल पर कुछ महीने पहले ही स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं लेकिन इनमें से एक गायब हो गई है। डेलापीर से लेकर एयरफोर्स की ओर जाने वाली सड़क पर गुजरते वक्त भी आपको एक भी स्ट्रीट लाइट जलती मिलना मुश्किल है।
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पुराने चौपुला पुल से उतरने के बाद बदायूं रोड पर दोनों तरफ बड़े और गहरे गड्ढे हैं मगर फिर भी यहां इक्का-दुक्का स्ट्रीट लाइटें ही जलती मिलती हैं। लोगों का कहना है कि बाकी लाइटें काफी समय से खराब पड़ी हैं। कई बार शिकायतें भी की जा चुकी हैं लेकिन कोई सुनने वाला ही नहीं है। मालगोदाम रोड पर भी स्ट्रीट लाइटों का ऐसा ही हाल है। यहां ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। शहर के गली-कूचो का हाल और ज्यादा खराब है। रात में गलियों में बगैर टॉर्च लिए चलना मुश्किल है।
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गड्ढामुक्ति अभियान भी कागजों में ही निपट गया
शासन ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए थे और इसके लिए 15 नवंबर तक की समयसीमा भी तय की थी। अफसरशाही इससे भी पूरी तरह बेपरवाह दिख रहे हैं। शहर की लगभग सभी सड़कों पर भीषण गड्ढे होने के बावजूद अब तक गड्ढामुक्ति का काम तक शुरू नहीं हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि समयसीमा खत्म होने से आनन-फानन गुणवत्ता बगैर तए किए काम करा दिए जाएंगे। हालांकि फिलहाल शहरवासियों को भारी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। अंधेरे में डूबी ऊबड़खाबड़ सड़कों पर लगातार हादसे भी हो रहे हैं।

मेयर बोले- अफसरों को फिर निर्देश दूंगा
नगर निगम के अफसरों से मैंने इस संबंध में कहा है। एक बार फिर उन्हें निर्देश जारी किए जाएंगे कि दिवाली से पहले शहर की सभी छोटी-बड़ी सड़कों और गलियों की स्ट्रीट लाइटें हर हाल में ठीक कर दी जाएं। गड्ढों पर पैचवर्क के भी निर्देश दिए गए हैं। कहीं किसी भी मुख्य सड़क या गली में गड्ढे न रहें। नगर निगम के मुख्य अभियंता, प्रकाश अधीक्षक, नगर स्वास्थ्य अधिकारी और जलकल महाप्रबंधक के साथ बैठक भी करूंगा ताकि दिवाली से पहले शहर की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएं। -उमेश गौतम, मेयर
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