Bareilly: रामवाटिका कॉलोनी में मदरसा संचालन का आरोप लगाकर हंगामा, लोगों ने बुलाई पुलिस, शिक्षिका ने दी ये सफाई
रामवाटिका कॉलोनी में कुछ मुस्लिम परिवार के घर हैं। इन्हीं में से एक घर का नीचे का हिस्सा किराये पर उठाया है। बुधवार को यहां कुछ लड़के व शिक्षक शिफ्ट हुए। बृहस्पतिवार को लोगों ने यहां मदरसा संचालन का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया।
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बरेली की रामवाटिका कॉलोनी के एक घर में कोचिंग संस्थान के नाम पर मदरसा संचालन का आरोप लगाकर कॉलोनी के लोगों ने बृहस्पतिवार को विरोध जताया और हंगामा किया। लोगों की शिकायत पर पुलिस ने कोचिंग संचालिका से बात की। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया। हालांकि किराये का घर खाली करने पर सहमति दे दी।
रामवाटिका कॉलोनी में कुछ मुस्लिम परिवार के घर हैं। इन्हीं में से एक घर का नीचे का हिस्सा किराये पर उठाया है। बुधवार को यहां कुछ लड़के व शिक्षक शिफ्ट हुए। एक कमरे में कक्षा और दूसरे में विद्यार्थियों के लिए बेड डालकर छात्रावास की तरह तैयार किया गया। कॉलोनी के लोग रात से ही इसके विरोध में आ गए। बृहस्पतिवार दोपहर कई लोग घर के सामने जमा हो गए। वह इसे मदरसा बताकर विरोध करने लगे। संचालिका ने विद्यार्थियों को अंदर कर गेट बंद कर लिया।
शिक्षिका ने दिखाईं एनसीईआरटी की किताबें
सूचना पर श्यामगंज चौकी प्रभारी धर्मेंद्र विश्नोई पुलिस के साथ पहुंच गए। उन्होंने गेट खुलवाकर शिक्षिका मेहनाज खान से बात की। उन्होंने कोचिंग का नाम और एनसीईआरटी की किताबें दिखाईं। बताया कि वह लोग फाइक एन्क्लेव में कोचिंग चला रहे थे। बुधवार को ही यहां शिफ्ट हुए हैं। मदरसे जैसी कोई चीज नहीं है। उन्होंने बुलाया तो कोचिंग संचालक अहमद अजीज खान भी आ गए।
उन्होंने बताया कि वह खुद ही यहां से कोचिंग हटा लेंगे। चौकी प्रभारी ने बताया कि जांच में मदरसा शिक्षा जैसी कोई चीज नहीं मिली। हालांकि विवाद की वजह से कॉलोनी वालों से दूसरे पक्ष का लिखित में समझौता हो गया कि कोचिंग यहां से हटा ली जाएगी। छात्र फिलहाल घर भेज दिए हैं।
कॉलोनी निवासी डॉ. एसी सक्सेना, आशु अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, राजीव कुमार, रीना देवी समेत कई लोग घर के बाहर खड़े थे। इन लोगों का आरोप था कि बुधवार को ही 10 से 15 लड़के यहां आ गए हैं। किराये पर घर लेकर मदरसा शिक्षा दी जा रही है और मकान मालिक से लेकर कोचिंग वाले भी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं। इससे कॉलोनी का माहौल खराब हो रहा है। दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
शिक्षिका मेहनाज ने बताया कि वह अंग्रेजी की शिक्षिका हैं। अधिकांश विद्यार्थी आदर्श पब्लिक स्कूल के और शहर व आसपास कस्बों के निवासी हैं। वह एक समुदाय के जरूर हैं, पर कोई धार्मिक शिक्षा नहीं दी जा रही है। आधुनिक शिक्षा की किताबों को पढ़ाई वाले कई शिक्षक हिंदू हैं। फिजूल में माहौल बनाया गया है, इसीलिए कोचिंग कहीं और शिफ्ट कर रहे हैं, स्टूडेंट को भी भेज दिया है।