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इधर की ऑक्सीजन उधर... उठे सवाल
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बरेली। परसाखेड़ा जाने वाला ज्यादा ऑक्सीजन से भरा कैप्सूल फरीदपुर भेज दिया गया और फरीदपुर जाने वाला कम ऑक्सीजन वाला कैप्सूल परसाखेड़ा भेजा गया। शनिवार को औषधि निरीक्षक के आदेश के बाद अचानक हुए इस बदलाव पर सवाल उठ रहे हैं मगर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है।
शनिवार को बोकारो से ऑक्सीजन के तीन कैप्सूल बरेली पहुंचे जिन्हें मुरादाबाद, परसाखेड़ा और फरीदपुर भेजा जाना था। इनमें मुरादाबाद के लिए 16.5 टन, परसाखेड़ा के लिए 14 टन और फरीदपुर के लिए 6.7 टन वाला कैप्सूल भेजा जाना था। मगर रवानगी के दौरान औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा ने ट्रैफिक पुलिस को लिखित पत्र देकर परसाखेड़ा जाने वाला ज्यादा गैस से भरा कैप्सूल फरीदपुर और फरीदपुर जाने वाला कम गैस वाला कैप्सूल परसाखेड़ा भिजवा दिया। परसाखेड़ा चूंकि शहर में आता है और यहां तमाम अस्पताल हैं। ऐसे में कैप्सूल में बदलाव कर वहां कम गैस की आपूर्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मगर प्रशासन सबकुछ ठीक बता रहा है।
परसाखेड़ा और फरीदपुर के ऑक्सीजन गैस प्लांट एक ही व्यक्ति के हैं। दोनों कैप्सूल उन्हीं ने मंगवाए थे। ये उनका आंतरिक मामला है कि वे कहां ज्यादा गैस वाला कैप्सूल भेजें और कहां कम वाला। प्रशासन का इससे लेना देना नहीं है। - नितीश कुमार, डीएम
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परसाखेड़ा प्लांट में शनिवार को करीब 12 टन गैस थी और फरीदपुर में छह टन थी। दोनों जगह गैस की कमी न हो और आपूर्ति लगातार बनी रहे इसलिए यह बदलाव किया गया। यह बात डीएम और एडीएम के संज्ञान में भी है। - उर्मिला वर्मा, औषधि निरीक्षक
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शनिवार को बोकारो से ऑक्सीजन के तीन कैप्सूल बरेली पहुंचे जिन्हें मुरादाबाद, परसाखेड़ा और फरीदपुर भेजा जाना था। इनमें मुरादाबाद के लिए 16.5 टन, परसाखेड़ा के लिए 14 टन और फरीदपुर के लिए 6.7 टन वाला कैप्सूल भेजा जाना था। मगर रवानगी के दौरान औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा ने ट्रैफिक पुलिस को लिखित पत्र देकर परसाखेड़ा जाने वाला ज्यादा गैस से भरा कैप्सूल फरीदपुर और फरीदपुर जाने वाला कम गैस वाला कैप्सूल परसाखेड़ा भिजवा दिया। परसाखेड़ा चूंकि शहर में आता है और यहां तमाम अस्पताल हैं। ऐसे में कैप्सूल में बदलाव कर वहां कम गैस की आपूर्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मगर प्रशासन सबकुछ ठीक बता रहा है।
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परसाखेड़ा और फरीदपुर के ऑक्सीजन गैस प्लांट एक ही व्यक्ति के हैं। दोनों कैप्सूल उन्हीं ने मंगवाए थे। ये उनका आंतरिक मामला है कि वे कहां ज्यादा गैस वाला कैप्सूल भेजें और कहां कम वाला। प्रशासन का इससे लेना देना नहीं है। - नितीश कुमार, डीएम
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परसाखेड़ा प्लांट में शनिवार को करीब 12 टन गैस थी और फरीदपुर में छह टन थी। दोनों जगह गैस की कमी न हो और आपूर्ति लगातार बनी रहे इसलिए यह बदलाव किया गया। यह बात डीएम और एडीएम के संज्ञान में भी है। - उर्मिला वर्मा, औषधि निरीक्षक