फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Over 107 elderly people die in winter

कड़ाके की सर्दी में 107 से ज्यादा बुजुर्ग मरे

Sat, 16 Dec 2017 02:25 AM IST
Updated Sat, 16 Dec 2017 02:25 AM IST
विज्ञापन
पहाड़ों पर बर्फवारी होने से मैदान में चल रही शीत लहर के बीच बरेली में ही 107 से ज्यादा बुजुर्गों की मौत हो गई। जबकि तमाम बुजुर्गों की जान खतरे में हैं। जबकि प्रशासन सर्दी को लेकर बिल्कुल संजीदा नहीं है। डीएम ने विधानसभा चुनाव को आचार संहिता लागू होने के बाद  तहसीलों में रखे पुराने कंबल बांटने के आदेश जारी किए हैं। ई-टेंडरिंग के चक्कर में प्रशासन नए कंबल खरीदने की स्थिति में नहीं है। हालांकि शासन ने इसके लिए 30 लाख रुपये भेज दिए हैं। अलाव के लिए शासन से जो तीन लाख रुपये मिले थे, उनमें से तहसीलों को 50-50 हजार भेज दिए गए हैं। 
विज्ञापन

यह सर्दी का बढ़ता प्रकोप ही कहा जाएगा कि छह दिन में शहर के दो श्मशान के रिकॉर्ड के मुताबिक 49 बुजुर्ग इस दुनिया से चले गए। सिटी श्मशान भूमि के कंहई लाल ने बताया कि यहां नौ लाश प्रतिदिन आने का औसत है। 10 दिसंबर से 15 दिसंबर तक 52 लोगों के शव जलाने के लिए लाए गए, जिसमें 33 लोग 60 या इससे ऊपर उम्र के लोग थे। इसमें एक 105 साल के बुजुर्ग भी शामिल हैं। वहीं संजय नगर स्थित श्मशान भूमि के प्रबंधक भगवान स्वरूप ने बताया कि उनके यहां चार शव प्रतिदिन आने का औसत है। बताया, औसत तो वही है मगर इसमें बुजुर्गों की संख्या 16 है, जबकि कुल शव 25 आए। यह आंकड़ा दो श्मशान प्रमुख श्मशान भूमि का है।  उधर, शहर के कई कब्रिस्तानों में भी यही हाल देखने को मिला। यहां 58 से भी ज्यादा बुजुर्गों को दफनाएं लाए जाने की सूचना है। इनमें बृहस्ततिवार को 80 वर्षीय रौनक अली, निवासी, पीलीभीत बाईपास रोड को शाहजहांपुर रोड स्थित कब्रिस्तान में और बाकरगंज की रहने वाली 65 वर्षीय हसीमा, 45 मोहल्ले के ही कब्रिस्तान में दफन किया गया है। 45 वर्षीय कामरान निवासी शाहबाद चाय की दुकान करते थे। कड़ाके की सर्दी में शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। कामरान का शव शनिवार को कल्लू मियां के तकिया कब्रिस्तान में सुपुर्देखाक किया जाएगा।     
विज्ञापन


कोहर की चादर फैलाएगा त्रिग्रही योग
पौष माह का शुक्ल पक्ष 18 दिसंबर से शुरू हो रहा है। इस दौरान बनने वाला त्रिग्रही योग पूरे उत्तर भारत को कोहरे की चादर से ढक देगा। साथ ही इस पक्ष के तीन मंगल भी शुभ नहीं हैं। तीन जनवरी से माघ का महीना शुरू हो जाएगा। इस माह की शुरूआत में चार ग्रह एक साथ विचरण करेंगे। तो हाड़कंपा देने वाली सर्दी पड़ेगी। बारिश से भी मौसम बिगड़ेगा। -आचार्य मुकेश मिश्रा, ज्योतिषाचार्य
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed