दरोगा का दर्द: इधर अवैध स्टैंड हटाया उधर शुरू, नेताओं के चहेते कर रहे मनमानी, मजबूर हूं मैं... करूं क्या
बरेली में कई जगह अवैध वाहन स्टैंड संचालित हो रहे हैं। लगभग सभी चौराहों पर अनगिनत टेंपो, टैक्सी व ई रिक्शा सड़क घेरे खड़े रहते हैं। अवैध वाहन स्टैंड चलाने वाले दबंग ठेकेदारों के आगे पुलिस भी बेबस नजर आ रही है।
विस्तार
बरेली में अवैध टैक्सी स्टैंड का मामला हो या सड़कों पर ठेले लगाकर शराब पिलाने का, दबंग ठेकेदारों के सामने पुलिस लाचार नजर आ रही है। इनमें से कुछ ठेकेदार नेताओं के चहेते हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद वे सड़क और फुटपाथ पर फिर से कब्जा कर ले रहे हैं।
यह बात हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि बारादरी थानाक्षेत्र के एक चौकी प्रभारी के ऑडियो में यह टीस उबर कर सामने आई है। उनका कहना है कि वह एक पैसे के गुनाहगार नहीं हैं। मगर नेताओं के खास कारिंदों का कुछ कर नहीं पा रहे। यह बात अफसरों को भी कई बार बताई जा चुकी है।
दूसरे साथी भी कार्रवाई से कतराते हैं
चौकी प्रभारी का कहना है कि सख्त कार्रवाई न कर पाने के पीछे कोई लालच नहीं है। जब से आए हैं, ईमानदारी से काम कर रहे हैं। सच तो ये है कि छुटभैये नेताओं के चहेते मनमानी कर रहे हैं। हालात ये हैं कि वह खुद को मजबूर सा महसूस कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने ठेले, फड़ और वाहनों को हटाने की कार्रवाई की तो इसकी शिकायत ऊपर कर दी गई। किसी को जबरन हटाएं तो वीडियो बन जाता है और नौकरी खतरे में आ जाती है। इसलिए दूसरे साथी भी कार्रवाई करने से कतराते हैं।
...तो क्या इसी वजह से है यह स्थिति
शहर में कई जगह अवैध वाहन स्टैंड संचालित हो रहे हैं। लगभग सभी चौराहों पर अनगिनत टेंपो, टैक्सी व ई रिक्शा सड़क घेरे खड़े रहते हैं। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में ऐसी स्थिति पर चिंता जताकर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। एसएसपी की नाराजगी के बाद देहात क्षेत्र में कुछ कार्रवाई भी हुई है मगर शहर में पुलिस कार्रवाई की हिम्मत जुटा नहीं पा रही है। यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। अपनी टीम से दोपहिया वाहनों के चालान कराकर ही खानापूरी में लगे हैं।स्मार्ट सिटी के कैमरों के नीचे वाहनों का स्टैंड
सेटेलाइट चौराहे पर चिराग तले अंधेरा वाली स्थिति है। यहां पुलिस चौकी है और स्मार्ट सिटी के उच्च क्षमता वाले वह कैमरे भी हैं जो जाम, अवैध स्टैंड और अन्य गतिविधियों की निगरानी करते हैं। सोमवार को चौकी के पास से फरीदपुर जाने वाली अवैध ईको गाड़ियां भरी जा रही थीं।वहीं कैमरों के ठीक नीचे टेंपो और डग्गामार वाहनों का जमाबाड़ा लगा था। फरीदपुर रोड पर गाड़ियों की लंबी कतार थी। साथ ही, चौराहे से सीएनजी पंप के आगे तक फलों के ठेले सड़क घेरकर लगे थे। सवारियां भरने के लिए टेंपो व ई-रिक्शों की धमाचौकड़ी मची रहती है। इससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। पुलिस वहां मौजूद रहती है, लेकिन अराजकता फैलाने वालों पर सख्ती नहीं करती है। हां, बिना हेलमेट बाइक चालकों को घेरकर जरूर पकड़ा जाता है।
प्रभारी एसएसपी राहुल भाटी ने बताया कि अवैध टैक्सी स्टैंड व अन्य तरह के कब्जों को हटाने के लिए ही शासन ने अभियान छेड़ा है। अभियान 31 मई तक प्रभावी है। छुटभैया नेताओं और कथित ठेकेदारों की भूमिका को लेकर जांच कराई जा रही है। इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज गिरफ्तारी कराई जाएगी।