{"_id":"5e2b2d358ebc3ec6ea07ce2d","slug":"others-in-jahanabad-pilibhit-bareilly-news-bly393317635","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसिक मंदित ने ब्लेड से काटा अपना गला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसिक मंदित ने ब्लेड से काटा अपना गला
विज्ञापन
जहानाबाद (पीलीभीत)। पांच माह से एक दरगाह पर रहने वाले मानसिक मंदित युवक ने आम के बाग में जाकर ब्लेड से खुद का गला काट लिया। जिला अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उसकी मौत हो गई।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के भगाडांडी गांव निवासी मोहम्मद अहमद का परिवार कुछ साल से उत्तराखंड के खटीमा जाकर बस गया था। वहीं पर परिवार वाले मेहनत मजदूरी करते थे। उनका 20 वर्षीय पुत्र अरशद मानसिक अस्वस्थ हो गया। उसके परिवार वाले भूत-प्रेत बाधा होने की बात मानकर उसे कस्बा जहानाबाद की एक दरगाह पर ले गए। पांच माह से अरशद दरगाह पर ही था। मां शमीम और बहन नूर बी उसके साथ रहती थीं। शुक्रवार सुबह आठ बजे अरशद टहलता हुआ कुछ दूर कस्बे की एक अन्य दरगाह के नजदीक आम के बाग में पहुंचकर ब्लेड से अपने गले पर वार किया। ब्लेड से वार करने से काफी गहराई तक उसका गला कट गया और खून बहने लगा। उसे लहूलुहान हालत में देखकर भीड़ जमा हो गई। इसकी सूचना मिलने पर परिजन भी आ गए। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने अरशद को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजन से जानकारी जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जवान बेटे की मौत से फूट-फूट कर रोई बूढ़ी मां
अरशद की मौत के बाद परिवार टूट गया। बूढ़ी मां शमीम का रो-रोकर बुरा हाल रहा। जवान बेटे की मौत से वह बदहवाश हो गई। उसने बताया कि अरशद दो भाइयों में छोटा था। पिता की मौत हो चुकी है। इससे पहले बड़े बेटे रियाज को भी कई साल पहले ऐसी ही दिक्कत हुई थी। तब उसे भी इसी दरगाह पर लाई थीं और रियाज ठीक हो गया। अब एक साल पहले से जब अरशद को दिक्कत हुई थी तो वह उसे भी जहानाबाद ले आईं थीं। उसके ठीक होने की दुआ कर रहीं थीं। अरशद पर निगाह रखती थीं, मगर शुक्रवार सुबह वह कब निकलकर चला गया..पता ही नहीं लगा।
विज्ञापन
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर भेज दी थी। परिजन कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते थे। फिलहाल पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है। - रोहित मिश्र, एएसपी
विज्ञापन
जहानाबाद थाना क्षेत्र के भगाडांडी गांव निवासी मोहम्मद अहमद का परिवार कुछ साल से उत्तराखंड के खटीमा जाकर बस गया था। वहीं पर परिवार वाले मेहनत मजदूरी करते थे। उनका 20 वर्षीय पुत्र अरशद मानसिक अस्वस्थ हो गया। उसके परिवार वाले भूत-प्रेत बाधा होने की बात मानकर उसे कस्बा जहानाबाद की एक दरगाह पर ले गए। पांच माह से अरशद दरगाह पर ही था। मां शमीम और बहन नूर बी उसके साथ रहती थीं। शुक्रवार सुबह आठ बजे अरशद टहलता हुआ कुछ दूर कस्बे की एक अन्य दरगाह के नजदीक आम के बाग में पहुंचकर ब्लेड से अपने गले पर वार किया। ब्लेड से वार करने से काफी गहराई तक उसका गला कट गया और खून बहने लगा। उसे लहूलुहान हालत में देखकर भीड़ जमा हो गई। इसकी सूचना मिलने पर परिजन भी आ गए। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने अरशद को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजन से जानकारी जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन
जवान बेटे की मौत से फूट-फूट कर रोई बूढ़ी मां
अरशद की मौत के बाद परिवार टूट गया। बूढ़ी मां शमीम का रो-रोकर बुरा हाल रहा। जवान बेटे की मौत से वह बदहवाश हो गई। उसने बताया कि अरशद दो भाइयों में छोटा था। पिता की मौत हो चुकी है। इससे पहले बड़े बेटे रियाज को भी कई साल पहले ऐसी ही दिक्कत हुई थी। तब उसे भी इसी दरगाह पर लाई थीं और रियाज ठीक हो गया। अब एक साल पहले से जब अरशद को दिक्कत हुई थी तो वह उसे भी जहानाबाद ले आईं थीं। उसके ठीक होने की दुआ कर रहीं थीं। अरशद पर निगाह रखती थीं, मगर शुक्रवार सुबह वह कब निकलकर चला गया..पता ही नहीं लगा।
विज्ञापन
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर भेज दी थी। परिजन कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते थे। फिलहाल पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है। - रोहित मिश्र, एएसपी