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कान्हा गोशाला: शीशगढ़ में हुई गड़बड़ पर डीएम करेंगे कार्रवाई
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बरेली। शीशगढ़ की कान्हा गोशाला के मामले में हाईकोर्ट ने डीएम को याची के प्रत्यावेदन पर तीन महीने के अंदर मामला निपटाने का आदेश दिया है। उधर, प्रशासन ने शीशगढ़ में खलिहान की जमीन पर बनवाई जा रही इस गोशाला का निर्माण रुकवा दिया है।
शीशगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ ने 26 अक्तूबर को डीएम को पत्र लिखा था कि जिस जमीन को 1.66 करोड़ की लागत से कान्हा गोशाला बनाने के लिए चिह्नित किया गया है, वह राजस्व रिकार्ड में खलिहान के तौर पर दर्ज है। अवैध खनन से जमीन पर गड्ढे हो गए हैं और कई जगह उस पर कब्जा भी है। चेयरमैन और ईओ ने डीएम से जमीन का लैंडयूज बदलवाने का भी आग्रह किया था। अमर उजाला ने पड़ताल की तो पता चला कि नगर पंचायत प्रशासन जहां अवैध कब्जे बता रहा है, वहां तीन महीने पहले ही विधायक डॉ. डीसी वर्मा से शिलान्यास कराकर निर्माण शुरू करवा चुका है। नगर पंचायत के कुछ सदस्यों ने खलिहान की जमीन पर गोशाला बनाने के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के बाद फर्जी रिपोर्ट भेजकर डीएम से लैंडयूज बदलवाने का आग्रह किया गया था। डीएम के निर्देश पर शनिवार को एसडीएम मीरगंज राजेश चंद्र ने जांच को पहुंचे तो नगर पंचायत ने कान्हा का निर्माण बंद करा दिया। एसडीएम ने ईओ नूरजहां और चेयरमैन पति मतीन अहमद को दोबारा निर्माण न शुरू कराने की हिदायत दी। मौके पर वीडियोग्राफी भी कराई गई।
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शीशगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ ने 26 अक्तूबर को डीएम को पत्र लिखा था कि जिस जमीन को 1.66 करोड़ की लागत से कान्हा गोशाला बनाने के लिए चिह्नित किया गया है, वह राजस्व रिकार्ड में खलिहान के तौर पर दर्ज है। अवैध खनन से जमीन पर गड्ढे हो गए हैं और कई जगह उस पर कब्जा भी है। चेयरमैन और ईओ ने डीएम से जमीन का लैंडयूज बदलवाने का भी आग्रह किया था। अमर उजाला ने पड़ताल की तो पता चला कि नगर पंचायत प्रशासन जहां अवैध कब्जे बता रहा है, वहां तीन महीने पहले ही विधायक डॉ. डीसी वर्मा से शिलान्यास कराकर निर्माण शुरू करवा चुका है। नगर पंचायत के कुछ सदस्यों ने खलिहान की जमीन पर गोशाला बनाने के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के बाद फर्जी रिपोर्ट भेजकर डीएम से लैंडयूज बदलवाने का आग्रह किया गया था। डीएम के निर्देश पर शनिवार को एसडीएम मीरगंज राजेश चंद्र ने जांच को पहुंचे तो नगर पंचायत ने कान्हा का निर्माण बंद करा दिया। एसडीएम ने ईओ नूरजहां और चेयरमैन पति मतीन अहमद को दोबारा निर्माण न शुरू कराने की हिदायत दी। मौके पर वीडियोग्राफी भी कराई गई।
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