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साहब ! भैंसें दूध ही नहीं दे रहीं.. कैसे अदा करें लोन
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चार सालों से नहीं अदा कर पा रहे लोन, नोटिस जारी हुए तो सीडीओ से लगाई गुहार
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बरेली। करीब सात साल पहले भैंसें खरीदने के लिए स्वयं सहायता के तहत लिया गया लोन अब जी का जंजाल बन रहा है। साल दर साल बढ़ते ब्याज के साथ बैंक से नोटिस आते रहे, लेकिन समूह के सदस्य इसे अनदेखा करते रहे। पिछले दिनों बैंक ने ब्याज अदा न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी तो समूह के सदस्यों ने सीडीओ से ब्याज माफ करने की गुहार लगाई है। कहा है कि भैंसें दूध ही नहीं दे रही हैं तो लोन कहां से अदा करें।
ब्लॉक मझगवां के गांव मंडोरा के चंद्रमा स्वयं सहायता समूह ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वर्ष 2012 में 65 हजार रुपये का लोन लेकर तीन भैंसें खरीदीं थीं। समूह की शकुंतला, दयावती, आशा, रामबेटी समेत 11 महिलाएं तीनों भैंस की देखभाल करती रहीं और दूध को बेचकर लोन जमा करती रहीं। महिलाओं ने बताया कि चार साल से भैंसें दूध ही नहीं दे रहीं हैं। ऐसे में लोन अदा करना मुश्किल हो गया है। इधर, बैंक भी दबाव बना रही है। सोमवार को महिलाओं ने सीडीओ से मिलकर ब्याज माफ कराने की गुहार लगाई।
ब्लॉक मझगवां के गांव मंडोरा के चंद्रमा स्वयं सहायता समूह ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वर्ष 2012 में 65 हजार रुपये का लोन लेकर तीन भैंसें खरीदीं थीं। समूह की शकुंतला, दयावती, आशा, रामबेटी समेत 11 महिलाएं तीनों भैंस की देखभाल करती रहीं और दूध को बेचकर लोन जमा करती रहीं। महिलाओं ने बताया कि चार साल से भैंसें दूध ही नहीं दे रहीं हैं। ऐसे में लोन अदा करना मुश्किल हो गया है। इधर, बैंक भी दबाव बना रही है। सोमवार को महिलाओं ने सीडीओ से मिलकर ब्याज माफ कराने की गुहार लगाई।
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