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मोदी जी! सिस्टम मौका देगा तो सवाल उठेंगे ही

Thu, 17 Oct 2019 02:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 17 Oct 2019 02:24 AM IST
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प्रधानमंत्री की भतीजी का बैग 24 घंटे में बरामद, छह मजदूरों की मौत सवा साल बाद भी फाइलों में दफन
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पीलीभीत बाईपास पर मोबाइल कंपनी के लिए खुदाई करते वक्त हुआ था हादसा
मजिस्ट्रियल जांच के लिए न कंपनी के अफसरों के बयान लिए न पुलिस ने रिपोर्ट भेजी

बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी से दिल्ली में लूटे गए पर्स की बरामदगी के लिए सात सौ पुलिस वालों की फौज लगाकर लुटेरों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिए जाने की खबर ने लोगों को भले न चौंकाया हो लेकिन यह खबर जरूर चौंकाएगी कि केंद्र की सत्ता पर काबिज होते ही देश में वीआईपी कल्चर खत्म करने की घोषणा करने वाली सरकार में सिस्टम की लापरवाही से छह बेकसूर मजदूरों के परिवारों का पेट पालने की जद्दोजहद करते-करते मिट्टी में दफन हो जाने की घटना को फाइलों में दफन कर दिया गया। सवा साल पहले हुई इस दर्दनाक घटना पर सिस्टम के रवैये का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक कार्यदायी संस्था के मैनेजर और सुपरवाइजर के बयान तक दर्ज नहीं हो पाए हैं। पुलिस भी अब तक अपनी जांच रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाई।
एक मोबाइल कंपनी की अंडरग्राउंड केबिल बिछाने के लिए सड़क के किनारे खुदाई कर रहे छह मजदूरों के तमाम लोगों की आंखों के सामने अचानक गहरे गड्ढे में दफन हो जाने की यह घटना 30 जुलाई 2018 को पीलीभीत बाईपास रोड पर फहम लॉन के पास हुई थी। रात करीब आठ बजे मिट्टी की बड़ी ढांग ढह जाने से यहां काम कर रहे सभी छह मजदूर जिंदा दफन हो गए थे। दो को किसी तरह मिट्टी के नीचे से निकालकर गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू कराते हुए एसीएम फर्स्ट को इसका जिम्मा सौंपा था। इसके अलावा पुलिस ने भी इस घटना की जांच शुरू की थी।
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समय बीतने के साथ यह घटना भी फाइलों में दफन होकर रह गई। करीब सवा साल बीत जाने के बावजूद यह जांच सिर्फ इसलिए पूरी नहीं हो सकी क्योंकि इसमें संबंधित कंपनी के प्रबंधक धीर सिंह और सुपरवाइजर अंशुल कुमार के साथ घटना में घायल हुए मजदूर रज्जाक अली और मुजफ्फर के बयान दर्ज नहीं किए जा सके। बारादरी थाना पुलिस ने भी जांच को आगे नहीं बढ़ने दिया और एफआईआर की कॉपी समेत घटना की पूरी रिपोर्ट जांच अधिकारी नहीं सौंपी। जिला प्रशासन के बड़े अफसरों ने भी इस बात की समीक्षा करने की जरूरत महसूस नहीं की कि सवा साल बाद भी मजिस्ट्रियल जांच आखिर क्यों नहीं पूरी हो पाई।
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अब एसीएम फर्स्ट ने बारादरी पुलिस से मांगी रिपोर्ट
छह मजदूरों की मौत की घटना पर सवा साल बाद अब जांच अधिकारी एसीएम फर्स्ट ने बारादरी थाना प्रभारी को नोटिस जारी कर गवाहों के साथ संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज कराने के लिए पेश करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए 24 अक्तूबर की तारीख नियत की है। इंस्पेक्टर बारादरी राहुल सिंह ने बताया कि एसीएम फर्स्ट ने इस घटना के संबंध में जो भी रिपोर्ट मांगी है, उसे उन्हें जल्द उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके अलावा संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज कराए जाएंगे।’
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