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डीआईजी के जाते ही भिड़ गए सीओ और चेयरमैन के पति
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बहेड़ी। थाना समाधान दिवस से डीआईजी के जाते ही अयोध्या फैसले पर जश्न मनाने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने को लेकर सीओ रामानंद राय और नगर पालिका चेयरमैन के पति नसीम अहमद भिड़ गए। दोनों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ता देख इंस्पेक्टर और अन्य लोगों ने दोनों को शांत कराया। इसके बाद गुस्से में सीओ एसएसपी से मिलने की बात कहकर बरेली चले गए।
समाधान दिवस से डीआईजी के जाने के बाद नसीम अहमद और सभासद जाने लगे तो इंस्पेक्टर रामअवतार सिंह ने चाय पीकर जाने की बात कहकर उन्हें रोक लिया। सीओ भी मौजूद थे। इसी बीच नसीम अहमद ने अयोध्या फैसले पर दो लोगों पर जश्न मनाने का आरोप लगाते हुए दी गई नामजद तहरीर पर अब तक रिपोर्ट दर्ज न होने की सीओ से वजह से पूछी। सवाल किया कि अब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। सीओ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी कह दिया कि अफसर तो बारावफात जुलूस के दौरान काले झंडे दिखाने की बात भी कह रहे हैं। इतना सुनते ही नसीम भड़क गए। सीओ से बोले कि वह आरोपियों को बचाना चाहते हैं। इस पर सीओ को भी गुस्सा आ गया। बोले- कप्तान ने उन्हें यहां भेजा है और सरकार के नौकर हैं। तुम्हारी पत्नी चेयरमैन हैं तुम नहीं। दबाव में कोई काम नहीं होगा। दबाव और भभकी में इंस्पेक्टर को लेना, हमसे बेवजह टकराने की हिमाकत मत करना। इतना कहकर सीओ कप्तान से मिलने की बात कहकर थाने से चले गए।
पुलिस लगातार आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। एडीजी, एसएसपी को पहले ही शिकायती पत्र दिया जा चुका है। अब डीआईजी से शिकायत की तो सीओ और इंस्पेक्टर को बुरा लग गया। - नसीम अहमद, चेयरमैन के पति
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मैं दबाव में कोई काम नहीं करता। एडीजी के यहां से शिकायती पत्र आया है, उसकी जांच कर रहा हूं। जांच में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। - रामानंद राय, सीओ बहेड़ी।
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समाधान दिवस से डीआईजी के जाने के बाद नसीम अहमद और सभासद जाने लगे तो इंस्पेक्टर रामअवतार सिंह ने चाय पीकर जाने की बात कहकर उन्हें रोक लिया। सीओ भी मौजूद थे। इसी बीच नसीम अहमद ने अयोध्या फैसले पर दो लोगों पर जश्न मनाने का आरोप लगाते हुए दी गई नामजद तहरीर पर अब तक रिपोर्ट दर्ज न होने की सीओ से वजह से पूछी। सवाल किया कि अब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। सीओ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी कह दिया कि अफसर तो बारावफात जुलूस के दौरान काले झंडे दिखाने की बात भी कह रहे हैं। इतना सुनते ही नसीम भड़क गए। सीओ से बोले कि वह आरोपियों को बचाना चाहते हैं। इस पर सीओ को भी गुस्सा आ गया। बोले- कप्तान ने उन्हें यहां भेजा है और सरकार के नौकर हैं। तुम्हारी पत्नी चेयरमैन हैं तुम नहीं। दबाव में कोई काम नहीं होगा। दबाव और भभकी में इंस्पेक्टर को लेना, हमसे बेवजह टकराने की हिमाकत मत करना। इतना कहकर सीओ कप्तान से मिलने की बात कहकर थाने से चले गए।
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पुलिस लगातार आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। एडीजी, एसएसपी को पहले ही शिकायती पत्र दिया जा चुका है। अब डीआईजी से शिकायत की तो सीओ और इंस्पेक्टर को बुरा लग गया। - नसीम अहमद, चेयरमैन के पति
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मैं दबाव में कोई काम नहीं करता। एडीजी के यहां से शिकायती पत्र आया है, उसकी जांच कर रहा हूं। जांच में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। - रामानंद राय, सीओ बहेड़ी।