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Bareilly News: डीएम-कप्तान जैसे लेटरहेड पर बनाए आदेश, तस्करों-शातिरों से भी की वसूली
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पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
बरेली। भमोरा थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अधिकारियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों से रुपये वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। उनके पास से फर्जी आधार कार्ड, आदेशों की छायाप्रति आदि बरामद हुए हैं। आरोपियों पर डीएम-एसएसपी समेत कई अधिकारियों के लेटरहेड जैसे भ्रामक पत्र बनाकर वसूली करने का आरोप है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया किया कि मंगलवार रात भमोरा पुलिस ने सूचना के आधार पर ब्राह्मपुर गांव के पास एक बंद ईंट भट्ठे के पास घेराबंदी की। यहां से राजवीर राठौर और निकेत भारद्वाज को पकड़ा गया। राजवीर बारादरी जबकि निकेत भारद्वाज किला क्षेत्र का निवासी है। राजवीर ने बताया कि वह पप्पू मौर्य, शिवलाल मौर्य और शशांक वर्मा के साथ मिलकर फर्जी कागजात तैयार कराता है। निकेत कचहरी में कंप्यूटर टाइपिंग करता है और फर्जी दस्तावेज बनाने में उसकी भूमिका रहती थी। इन दस्तावेज के जरिये वे अपराधियों व ऐसे लोगों को भ्रमित करते हैं जिन पर कार्रवाई हो रही है या होने वाली है। इन लोगों से वसूली करके बैठ जाते थे।
बदायूं के अफीम तस्कर के परिवार से वसूली का खुला राज
गिरोह ने बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के अफीम तस्कर परमानंद के परिवार से संपर्क किया था। परमानंद भमोरा थाने से तस्करी के मामले में बरेली जेल में बंद है। उस पर पिट एनडीपीएस एक्ट लगा है और साल भर जमानत की गुंजाइश नहीं है। गिरोह ने परमानंद के परिवार को बताया कि उनकी अधिकारियों के दफ्तरों में सीधी दखल है। वह उसके पिट के आदेश को निरस्त करवा सकते हैं। इससे संपत्ति जब्त होने का खतरा भी टल जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इन लोगों ने पिट खत्म करने का भरोसा देने के लिए डीएम व एसएसपी के लेटरहेड को हुबहू एआई से तैयार करवा लिया। उस पर मुहर भी वैसी ही लगा ली और मनमाफिक दस्तखत करके परमानंद के परिवार को थमा दिया। इस तरह परिवार से कई बार में करीब साढ़े बारह लाख रुपये ले लिए। इनके पास डीपीओ व कुछ अन्य अधिकारियों के छह लेटरहेड मिले हैं।
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राजवीर पुराना शातिर, आठ मामले हैं दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार राजवीर राठौर के खिलाफ आठ गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। बरेली और संभल जिले के विभिन्न थानों में उस पर हत्या, धोखाधड़ी और रंगदारी के मुकदमे हैं। एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत भी उस पर कार्रवाई हो चुकी है। बारादरी में हत्या का एक मामला और चंदौसी में गैंगस्टर एक्ट का मामला भी बताया गया है। नितेश पर पहला ही मामला दर्ज है।
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गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो फर्जी आधार कार्ड व अधिकारियों के नाम से तैयार दो फर्जी आदेशों की छायाप्रति मिली है। कुछ और अधिकारियों के पत्र मिले हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से दो तमंचे और दो कारतूस जब्त किए हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि गिरोह ने कितने अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग किया और अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। गिरोह के तीन अन्य सदस्य की तलाश की जा रही है। - अंशिका वर्मा, एसपी दक्षिणी
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बरेली। भमोरा थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अधिकारियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों से रुपये वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। उनके पास से फर्जी आधार कार्ड, आदेशों की छायाप्रति आदि बरामद हुए हैं। आरोपियों पर डीएम-एसएसपी समेत कई अधिकारियों के लेटरहेड जैसे भ्रामक पत्र बनाकर वसूली करने का आरोप है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया किया कि मंगलवार रात भमोरा पुलिस ने सूचना के आधार पर ब्राह्मपुर गांव के पास एक बंद ईंट भट्ठे के पास घेराबंदी की। यहां से राजवीर राठौर और निकेत भारद्वाज को पकड़ा गया। राजवीर बारादरी जबकि निकेत भारद्वाज किला क्षेत्र का निवासी है। राजवीर ने बताया कि वह पप्पू मौर्य, शिवलाल मौर्य और शशांक वर्मा के साथ मिलकर फर्जी कागजात तैयार कराता है। निकेत कचहरी में कंप्यूटर टाइपिंग करता है और फर्जी दस्तावेज बनाने में उसकी भूमिका रहती थी। इन दस्तावेज के जरिये वे अपराधियों व ऐसे लोगों को भ्रमित करते हैं जिन पर कार्रवाई हो रही है या होने वाली है। इन लोगों से वसूली करके बैठ जाते थे।
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बदायूं के अफीम तस्कर के परिवार से वसूली का खुला राज
गिरोह ने बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के अफीम तस्कर परमानंद के परिवार से संपर्क किया था। परमानंद भमोरा थाने से तस्करी के मामले में बरेली जेल में बंद है। उस पर पिट एनडीपीएस एक्ट लगा है और साल भर जमानत की गुंजाइश नहीं है। गिरोह ने परमानंद के परिवार को बताया कि उनकी अधिकारियों के दफ्तरों में सीधी दखल है। वह उसके पिट के आदेश को निरस्त करवा सकते हैं। इससे संपत्ति जब्त होने का खतरा भी टल जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इन लोगों ने पिट खत्म करने का भरोसा देने के लिए डीएम व एसएसपी के लेटरहेड को हुबहू एआई से तैयार करवा लिया। उस पर मुहर भी वैसी ही लगा ली और मनमाफिक दस्तखत करके परमानंद के परिवार को थमा दिया। इस तरह परिवार से कई बार में करीब साढ़े बारह लाख रुपये ले लिए। इनके पास डीपीओ व कुछ अन्य अधिकारियों के छह लेटरहेड मिले हैं।
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राजवीर पुराना शातिर, आठ मामले हैं दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार राजवीर राठौर के खिलाफ आठ गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। बरेली और संभल जिले के विभिन्न थानों में उस पर हत्या, धोखाधड़ी और रंगदारी के मुकदमे हैं। एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत भी उस पर कार्रवाई हो चुकी है। बारादरी में हत्या का एक मामला और चंदौसी में गैंगस्टर एक्ट का मामला भी बताया गया है। नितेश पर पहला ही मामला दर्ज है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो फर्जी आधार कार्ड व अधिकारियों के नाम से तैयार दो फर्जी आदेशों की छायाप्रति मिली है। कुछ और अधिकारियों के पत्र मिले हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से दो तमंचे और दो कारतूस जब्त किए हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि गिरोह ने कितने अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग किया और अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया गया है। गिरोह के तीन अन्य सदस्य की तलाश की जा रही है। - अंशिका वर्मा, एसपी दक्षिणी