फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Officials scammed in food for girl of BAA school

गरीब छात्राओं का खाना भी हजम कर रहे अफसर 

Sun, 04 Mar 2018 01:14 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Sun, 04 Mar 2018 01:14 AM IST
विज्ञापन
Officials scammed in food for girl of BAA school
BAA School
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में बिस्तर घोटाला, छात्राओं के शैंपू, हैंडवॉश से लेकर च्यवनप्राश तक में घोटाला सामने आया है। गरीब छात्राओं के भोजन को भी सरकारी अफसर सालों से हड़प रहे हैं। टेंडर निकालने में देरी से शुरू होकर यह खेल टेंडर होने के बाद ठेकेदार से साठगांठ से पूरे सेशन में चलता है। सरकारी बजट के हिसाब से हर स्कूल को महीने में 80 हजार रुपये का सूखा राशन भेजा जाना होता है। ठेकेदार को इस हिसाब से ही पेमेंट हो रहा है लेकिन छात्राओं को इस बजट के राशन का तिहाई हिस्सा ही महीने भर में खाने को मिल रहा है। बाकी हिस्सा बीएसए, ठेकेदार, कस्तूरबा विद्यालय की समन्वयक, वित्त एवं सहायता लेखाअधिकारी से लेकर स्कूलों के अकाउंटेंट और वार्डन हजम कर रहे हैं। 
विज्ञापन


सत्र शुरू होने के दो महीने बाद हुआ टेंडर 
एक अप्रैल 2017 को शैक्षिक सत्र शुरू होने के बाद भी दो माह तक टेंडर नहीं हुआ। अप्रैल और मई में अफसरों और सभी इकाइयों ने खूब कमाई की। समन्वयक शिल्पी श्रीवास्तव की ओर से निर्देश दिए गए कि टेंडर न हो पाने के कारण सभी स्कूल अपने स्तर पर राशन खरीदें, जिसके बिल विभाग अदा करेगा। 50 हजार रुपये बजट में महीने भर का राशन, नाश्ता खरीदने को कहा गया। अकाउंटेंट और वार्डनों ने मिलकर 35 से 40 हजार की ही खरीदारी की और बाकी रकम अपनी जेब में डाल ली। दूसरी ओर 80 हजार के बजट में 50 हजार का बिल अदा करने के बाद बचे 30-30 हजार रुपये अफसर हजम कर गए। जुलाई से पीलीभीत की ओजला इंटरप्राइजेज का टेंडर शुरू हुआ।  
विज्ञापन

 
मार्च में टेंडर खत्म होने के बाद फिर शुरू होगा खेल
मार्च में टेंडर खत्म हो जाएगा और अभी टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। अंदेशा है कि पहले की तरह ही अफसर इस बार भी सीधी खरीद कराकर कमाई करेंगे। 

80 हजार का पेमेंट, 55 हजार के राशन की सप्लाई 
ठेकेदार को विभाग 80 हजार प्रति माह के हिसाब से प्रति स्कूल राशन का पेमेंट कर रहा है। स्कूलों को स्पष्ट निर्देश है कि महीना 55 हजार रुपये में चलाए। स्कूलों से जुड़े सूत्रों के हिसाब से हर स्कूल को निर्धारित पांच क्विंटल आटा और पांच क्विंटल चावल की जगह सिर्फ तीन से साढ़े तीन क्विंटल आटा-चावल ही पहुंच रहा है। हर महीने छह प्रकार की दाल अरहर, मसूर, उड़द, मूंग, चना, मिक्स दाल की 29-29 किलो मात्रा निर्धारित है पर सिर्फ 12 से 15 किलो ही दिया जा रहा है। ऐसे में 18 स्कूलों की सौ-सौ छात्राओं को कितना पौष्टिक भोजन मिलता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये हैं मानक 
नए मेन्यू के हिसाब से प्रति छात्रा प्रति माह 1500 रुपये का बजट जारी किया गया है। जिसमें सूखे राशन के अलावा दूध, सब्जी, मेवा, बेकरी आइटम, नॉन वेजेटेरियन आइटम और जूस शामिल है। पर स्कूलों में छात्राओं को सादा भोजन ही खिलाया जा रहा है। विभाग की ओर से 55 हजार रुपये में महीने निपटाने के आदेश का पालन बड़े तरीके से होता है। छात्राओं को नाश्ते में फल दिया जाना अनिवार्य है पर किसी स्कूल में फल नहीं बंटते। शाकाहार के नाम पर मेन्यू में सम्मिलित होने के बावजूद नॉनवेज आइटम नहीं खिलाए जाते। 
 
शाम को ही खिला दिया जाता है रात का खाना
स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी से लेकर वार्डन और छात्राओं की बायोमेट्री कराकर सभी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रबंध सरकार ने भले करा लिए हो पर स्कूलों में वार्डन से लेकर रसोइया तक रात में नहीं रुकते। कई स्कूलों में तो हालात इतने खराब हैं कि रसोइया शाम छह बजे तक ही छात्राओं को रात का भोजन कराने के बाद अपने घरों को चले जाते हैं। 


प्रभारी बीएसए का फोन भी नहीं उठा रहीं बीएसए
कस्तूरबा विद्यालयों में गड़बड़ियों की कलई खुलना शुरू क्या हुई बीएसए चुप्पी साध गई हैं। हद तो यह है कि प्रभारी बीएसए का फोन भी वह नहीं उठा रही हैं। प्रभार संभाल रहे राजीव श्रीवास्तव का कहना है कि मैडम को जानकारी देने के लिए फोन किया गया पर उनसे संपर्क नहीं हुआ। हमारी टीम ने भी सीयूजी नंबर पर संपर्क किया पर बीएसए चंदना राम इकबाल यादव ने फोन नहीं उठाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed