Bareilly News: वक्फ संपत्ति बता सरकारी जमीन को कब्जाया, एसएसपी ने कराई जांच तो हुआ खुलासा, 11 लोगों पर FIR
बरेली में कब्रिस्तान के नाम दर्ज सरकारी भूमि को वक्फ संपत्ति बताकर कब्जा कर लिया गया। शिकायत मिलने पर एसएसपी ने जांच कराई तो पूरा मामला खुल गया। मामले में 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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वक्फ कानून का नोटिफिकेशन जारी होने से पहले ही माफिया निशाने पर आ गए हैं। बरेली में सीबीगंज के एक मामले में शिकायत पर एसएसपी अनुराग आर्य ने एसपी सिटी मानुष पारीक से जांच कराई तो पता लगा कि अभिलेखों में कब्रिस्तान के नाम दर्ज सरकारी भूमि को शातिर ने फर्जी ट्रस्ट बनाकर वक्फ में पंजीकृत कर कब्जा लिया है। यहां दुकानें बनाकर कमाई की जा रही है। इस बारे में कोर्ट के आदेश को भी माफिया दबाए बैठा है। एसएसपी के हस्तक्षेप से पीड़ित ने 11 लोगों पर धोखाधड़ी, फर्जी कागजात बनाने व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामला पुराना होने की वजह से अभी आईपीसी की धाराओं में कार्रवाई की गई है। इसे बाद में नए वक्फ कानून की धाराओं में बदला जा सकता है।
खतौनी में कब्रिस्तान के नाम दर्ज है जमीन
गांव सरनिया निवासी पुत्तन शाह ने एसएसपी अनुराग आर्य को बताया कि उनके गांव में ही एक बेशकीमती जमीन खतौनी में कब्रिस्तान के नाम दर्ज है, यह सरकारी जमीन है। उन्होंने बताया कि गांव के ही सब्जे अली ने सैयद हामिद हसन नाम के एक व्यक्ति को फकीर बनाकर कब्रिस्तान के कुछ हिस्से की जमीन पर बैठा दिया। फिर उससे झाड़-फूंक कराकर लोगों को बरगलाने लगा। उससे होने वाली आमदनी में अपना हिस्सा लेने लगा। हामिद हसन की मौत के उसके शव को वहीं कब्र खुदवाकर दफन करा दिया। फिर उस जमीन के साथ ही कब्रिस्तान के कुछ हिस्से की करीब तीन बीघा जमीन पर कब्जा करने की नियत से मजार का निर्माण कराने लगा। इसका उसने विरोध किया तो उसकी पिटाई कर दी और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया।
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फकीर के नाम से ट्रस्ट बनाकर वक्फ में पंजीकृत कराया
पुत्तन शाह ने बताया कि सब्जे अली ने फर्जी कागजात तैयार कर फकीर सैयद हामिद हसन दरगाह चैरिटेबिल ट्रस्ट के नाम से न्यास पत्र उपनिबंधक सदर द्वितीय के कार्यालय में 24 नवंबर वर्ष 2020 को पंजीकृत करा लिया। इसके बाद अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन पर अपने आपको ट्रस्टी नामित कर ट्रस्ट में अपने ही परिजनों को शामिल कर लिया। साथ ही सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ में इस संपत्ति को पंजीकृत करा दिया और इसे अपनी जमीन बताते हुए खुद इसका अध्यक्ष बन गया।
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पुत्तन शाह के मुताबिक उन्होंने जब भी इस कथित वक्फ संपत्ति के बारे में कोई सूचना मांगी तो सब्जे अली ने हमेशा आधी अधूरी सूचना ही उपलब्ध कराई। बताया कि 12 फरवरी वर्ष 2021 में सब्जे अली ने पुत्तन शाह के विरुद्ध ही कोर्ट में एक वाद डाल दिया। पुत्तन ने कानूनी लड़ाई लड़ी तो कोर्ट ने सब्जे अली के कब्जे को अवैध पाया। वह कोर्ट को आखिरी समय तक संपत्ति के असली मालिक के बारे में जानकारी नहीं दे सका।
कोर्ट का आदेश लेकर पुत्तन काफी समय से भटक रहे थे लेकिन पुलिस कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही थी। पुत्तन शाह ने एसएसपी को सच्चाई बताई तो उन्होंने एसपी सिटी मानुष पारीक से मामले की जांच कराई। इसमें सच्चाई सामने आ गई कि सब्जे अली ने परिजनों की मदद से संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया है। एसएसपी के आदेश से सब्जे अली समेत उसके 11 परिजनों पर रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई।
वक्फ के नाम पर संपत्ति कब्जाई तो खैर नहीं : एसएसपी
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पुत्तन शाह के आरोप की जांच कराने के बाद पता लगा कि दूसरे पक्ष ने पूरी तरह अवैध तरीका अपनाकर वक्फ के नाम पर बेशकीमती संपत्ति कब्जा ली है। यह जमीन राजस्व के रिकार्ड में सरकारी और कब्रिस्तान के नाम दर्ज निकली। चूंकि मामला पुराना है तो आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। राजस्व टीम की मदद से संपत्ति कब्जा मुक्त कराई जाएगी।