Bareilly: रुहेलखंड विवि के अटल सभागार में बिखरे संस्कृति के रंग, 11 राज्यों के स्वयंसेवकों ने दीं प्रस्तुतियां
राष्ट्रीय एकता शिविर में अपने-अपने राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत, संगीत और नृत्य के जरिए एनएसएस के छात्र-छात्राओं ने भारत देश की विविधता में एकता को दर्शाया।
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बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय एकता शिविर के तीसरे दिन सोमवार को मंच पर आकर्षक प्रस्तुतियां स्वयंसेवकों ने दीं। अपने-अपने राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत, संगीत और नृत्य के जरिए उन्होंने भारत देश की विविधता में एकता को दर्शाया। मंच पर परिचर्चा, प्रतियोगिता, श्रमदान, महिला सुरक्षा और चुनौतियां, उनके समाधान पर अपने विचार साझा किए।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अटल सभागार में भारत सरकार युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय के प्रायोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय लखनऊ की ओर से ‘राष्ट्रीय एकता शिविर’ का सोमवार को तीसरा दिन रहा। इसमें छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत 11 राज्यों के 210 स्वयंसेवक और अधिकारियों ने सहभागिता की है। शिविर के तहत विभिन्न विषयों पर परिचर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, राज्यों के खान-पान, भाषा आदि का स्वयंसेवकों ने मंचन किया। इनकी प्रस्तुतियों ने विश्वविद्यालय परिसर में लघु भारत का माहौल बनाया।
योग से करें दिन की शुरुआत
तीसरे दिन स्वयंसेवकों ने अपने राज्य की परंपरागत जीवनशैली में समाज के लिए रोजाना सहयोग के बारे में जाना। स्वास्थ्य के लिए दिन की शुरुआत योग से करने के बारे में बताया गया। दिन भर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की व्यवस्था बिहार और उत्तराखंड के स्वयंसेवकों ने संभाली। एनएसएस ईटीआई प्रशिक्षक राहुल सिंह परिहार ने श्रमदान कर श्रम सीकर के बारे में जानकारी दी। फिर प्रतियोगिताएं शुरू हुईं।
व्यक्तित्व विकास, लीडरशिप, प्रबंधन का सीखा गुर
शिविर निदेशक डॉ. अशोक श्रोती ने स्वयंसेवकों को एनएसएस के इतिहास की जानकारी देते हुए उन्हें व्यक्तित्व विकास, लीडरशिप और प्रबंधन के बारे में बताया। डॉ. राज किशोर प्रसाद, डॉ. राकेश कुमार ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों समेत अन्य जानकारियां साझा कीं। सांस्कृतिक सत्र में हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के स्वयंसेवकों ने प्रस्तुतियां दीं। शिविर समन्वयक डॉ. सोमपाल सिंह ने सभी प्रतिभागियों को एकजुट होकर एक-दूसरे की भाषा, संस्कृति को सीखने के लिए प्रेरित किया।