{"_id":"65d908da1527e9a0780cd556","slug":"now-the-principal-has-written-a-letter-to-the-directordo-not-sign-the-documents-bareilly-news-c-4-noi1138-350323-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: अब निदेशक को प्राचार्य ने लिखा पत्र...दस्तावेजों पर न करें हस्ताक्षर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: अब निदेशक को प्राचार्य ने लिखा पत्र...दस्तावेजों पर न करें हस्ताक्षर
Sat, 24 Feb 2024 02:36 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 24 Feb 2024 02:36 AM IST
विज्ञापन
बरेली। बरेली कॉलेज में स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के निदेशक की नियुक्ति को लेकर उठा विवाद थम नहीं रहा है। एक दिन पहले राज्यपाल ने कुलपति से निदेशक की नियुक्ति निरस्त करने पर जवाब-तलब किया है। वहीं अब शुक्रवार को कॉलेज में प्राचार्य ने स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के निदेशक को पत्र लिखकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से मना किया है। साथ ही रुहेलखंड विश्वविद्यालय के आदेश की अवहेलना करने पर कार्रवाई की बात भी लिखी है।
प्राचार्य प्रो.ओपी राय ने निदेशक प्रो.अनुराग मोहन भटनागर को पत्र भेजा है। इसमें लिखा है कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने अपने निर्णय में स्ववित्तपोषित कोर्स के लिए अलग से निदेशक बनाए जाने को अवैधानिक और नियम विरुद्ध माना है। इसमें निदेशक की नियुक्ति भी निरस्त कर दी गई थी। ऐसे में 21 फरवरी से कॉलेज में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों से संबंधित किसी भी प्रपत्र, चेक समेत अन्य पत्राजात पर निदेशक के रूप में वह हस्ताक्षर न करें। इसके बाद भी आदेशों की अवहेलना की जाती है तो वह नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे।
ये है मामला
पिछले वर्ष 21 मई को स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों का निदेशक रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. अनुराग मोहन को बनाया गया था। प्राचार्य की आपत्ति पर विवि ने जांच समिति गठित की थी। जांच रिपोर्ट मेंं निदेशक बनाए जाने को अवैधानिक माना गया था। साथ ही उनकी नियुक्ति भी निरस्त कर दी गई थी। उसके बाद से लगातार विश्वविद्यालय, प्रबंध समिति और प्राचार्य कार्यालय से पत्राचार किया जा रहा है। प्रबंध समिति की ओर से विवि के हस्तक्षेप को गलत बताते हुए राजभवन में शिकायत की गई है, जिस पर राज्यपाल ने कुलपति से आख्या तलब की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्राचार्य प्रो.ओपी राय ने निदेशक प्रो.अनुराग मोहन भटनागर को पत्र भेजा है। इसमें लिखा है कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने अपने निर्णय में स्ववित्तपोषित कोर्स के लिए अलग से निदेशक बनाए जाने को अवैधानिक और नियम विरुद्ध माना है। इसमें निदेशक की नियुक्ति भी निरस्त कर दी गई थी। ऐसे में 21 फरवरी से कॉलेज में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों से संबंधित किसी भी प्रपत्र, चेक समेत अन्य पत्राजात पर निदेशक के रूप में वह हस्ताक्षर न करें। इसके बाद भी आदेशों की अवहेलना की जाती है तो वह नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन
ये है मामला
पिछले वर्ष 21 मई को स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों का निदेशक रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. अनुराग मोहन को बनाया गया था। प्राचार्य की आपत्ति पर विवि ने जांच समिति गठित की थी। जांच रिपोर्ट मेंं निदेशक बनाए जाने को अवैधानिक माना गया था। साथ ही उनकी नियुक्ति भी निरस्त कर दी गई थी। उसके बाद से लगातार विश्वविद्यालय, प्रबंध समिति और प्राचार्य कार्यालय से पत्राचार किया जा रहा है। प्रबंध समिति की ओर से विवि के हस्तक्षेप को गलत बताते हुए राजभवन में शिकायत की गई है, जिस पर राज्यपाल ने कुलपति से आख्या तलब की है।
विज्ञापन