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Bareilly News: अब ठांय-ठांय के लिए खाकी को करनी होगी ज्यादा मशक्कत

Wed, 10 Jul 2024 06:53 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2024 06:53 AM IST
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Now Khaki will have to work harder for Thanay-Thayay
बरेली। पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हमेशा सवालों में रहती है। इसे काबिलियत मानें या संयोग, अब तक अंधेरे में भी पुलिस की गोली बदमाशों के घुटने के नीचे लगती रही है। अब नए कानून में मुठभेड़ दिखाना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया है। मुठभेड़ से पूर्व के वीडियो भी फर्द के साथ कोर्ट में पेश करने होंगे। मुठभेड़ के मामलों में अब पुलिस को घिसी-पिटी कहानी बदलनी होगी।
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पुलिस को घटनास्थल का वीडियो बनाने के साथ ही मौके से वैज्ञानिक प्रमाण भी जुटाने होंगे। गिरफ्तारी और जब्तीकरण का वीडियो भी बनाना होगा। अब तक कागजी कार्रवाई और भागदौड़ से बचने के लिए पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी दूसरी जगह से करके अपने थाना क्षेत्र में दिखाती रही है। अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
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आड़े आएगा संसाधनों का अभाव
नए कानून में वैज्ञानिक साक्ष्य, वीडियोग्राफी, ऑडियो और डिजिटल साक्ष्य को अहमियत दी गई है। इसके तहत विवेचना करने के लिए पुलिस को कई नए संसाधनों की जरूरत होगी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक अभी इतनी मात्रा में संसाधनों को उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में विवेचक को नए कानून के तहत साक्ष्य जुटाने में दिक्कत होगी। हालांकि, आने वाले वक्त में संसाधनों को जुटाकर कामकाज काफी पारदर्शी हो सकता है। ब्यूरो
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इस तरह की होंगी दिक्कतें
- मुठभेड़ या अन्य कोई घटना होने के बाद वीडियो बनाने में काफी समय लगेगा।

- भीड़ वाले इलाकों में घटना होने पर वीडियो बनाना चुनौती, विरोध होने का रहेगा खतरा।
- वीडियो न्यायालय में पेश करने के लिए पेन ड्राइव समेत कई उपकरण चाहिए जो सरकार ने नहीं दिए हैं।
- पुराने पुलिस वालों में तकनीकी प्रशिक्षण की कमी।
- एक ही दिन कई घटनाएं होने पर सभी का वीडियो बनाना होगा मुश्किल।


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नए कानूनों के लागू होने से व्यवस्था काफी पारदर्शी होने जा रही है। मुठभेड़ को लेकर उठने वाले सवालों पर भी अब विराम लगेगा। चेकिंग या मुठभेड़ का वीडियो बनाने के लिए पुलिस बॉडी वार्न कैमरों का उपयोग करेगी। जरूरत के मुताबिक संसाधन मुख्यालय से मुहैया कराए जा रहे हैं। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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