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Bareilly News: अब मेडिकल कॉर्पोरेशन से होगी एआरएस की आपूर्ति

Sat, 14 Dec 2024 02:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 14 Dec 2024 02:36 AM IST
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Now ARS will be supplied from Medical Corporation
बरेली। कुत्ते, बंदर, सियार समेत अन्य पशुओं के काटने पर एंटी रैबीज सीरम (एआरएस) की क्षेत्रीय खरीद की झंझट से सरकारी अस्पतालों को जल्द निजात मिलेगी। मेडिकल कॉर्पोरेशन की ओर से जल्द एआरएस की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। इससे पहले राज्य स्तर पर प्रशिक्षण शिविर लगेंगे।
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राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण मुहिम के तहत जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर निशुल्क एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाई जा रही है, पर निशुल्क एआरएस लगवाने के लिए अभी लोगों को जिला अस्पताल की इमरजेंसी तक चक्कर लगाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में भी एआरएस अभी शासन से निशुल्क नहीं मिल रहा। क्षेत्रीय स्तर पर इसकी खरीद की जा रही है। इस वजह से एआरएस के गिने-चुने वॉयल ही खरीदे जाते हैं।
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जिला अस्पताल की एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक बीते सप्ताह मेडिकल कॉर्पोरेशन की टीम ने एआरएस की आपूर्ति के लिए संपर्क किया था। आपूर्ति कब तक होगी, इसका निर्णय शासन स्तर से ही होगा। एक चिकित्सक को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के लिए भेजेंगे।
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जानिए, कब एआरएस लगवाना जरूरी
डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक अगर कुत्ते या किसी अनय पशु के काटने से गहरा जख्म हो गया है या फिर गले या गले के ऊपर काट लिया है तो एंटी रैबीज सीरम लगवाना जरूरी होता है, क्योंकि सीरम एंटीबॉडी होता है जो रैबीज के संक्रमण को खत्म करना शुरू कर देता है। हल्की खरोंच या जख्म पर एआरवी लगाई जाती है।

हजार रुपये का लगता है एआरएस का एक इंजेक्शन
एडी एसआईसी के मुताबिक क्षेत्रीय स्तर पर खरीदारी करने पर एआरएस की एक डोज करीब हजार रुपये की पड़ती है। दिन भर में तीन-चार घायल पहुंचते हैं, जिन्हें जांच के बाद एआरएस लगाई जा रही है। जख्म गहरा होने पर एआरएस लगवाने में लेटलतीफी जानलेवा साबित हो सकती है।


प्रतिमाह पहुंच रहे दस हजार मामले
तीन सौ बेड अस्पताल समेत स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन करीब तीन सौ और प्रतिमाह दस हजार लोग एआरवी लगवाने पहुंचते हैं। जो गंभीर जख्मी होते हैं, उन्हें एआरएस के लिए जिला अस्पताल की इमरजेंसी भेजा जाता है। डॉ. अब्बास के मुताबिक तेज बुखार, बेचैनी, पानी से डर, आंशिक पक्षाघात, भ्रम, अनिद्रा आदि रैबीज के लक्षण हैं।
अमर उजाला ब्यूरो
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