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Bareilly News: डिजिटल वाटर मीटर नहीं लगाने वाले 254 प्रतिष्ठानों को नोटिस

Thu, 11 Jun 2026 12:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 12:33 AM IST
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Notices issued to 254 establishments for failing to install digital water meters.
बरेली। जिले के गिरते भूजल स्तर और पानी के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने के लिए भूगर्भ विभाग ने भूजल का दोहन करने वालों को रडार पर ले रखा है। विभाग ने डिजिटल वाटर मीटर नहीं लगवाने पर 254 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें 119 होटल, 80 औद्योगिक इकाइयां और 55 अस्पताल शामिल हैं। निर्धारित समय में मीटर नहीं लगवाने या संतोषजनक जवाब नहीं देने की स्थिति में उन पर जुर्माना लगाने के साथ अन्य कार्रवाई भी की जाएगी।
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जिले में होटल, अस्पताल और फैक्टरियां भूजल का मनमाना दोहन करती हैं। भूगर्भ विभाग के आकड़ों में 174 होटल, 250 अस्पताल, 212 फैक्टरियां दर्ज हैं। राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) के आदेश के बाद विभाग की तरफ से सालभर पहले होटल, अस्पताल व कारखानों में डिजिटल वाटर मीटर लगवाने का आदेश जारी किया गया था, पर प्रतिष्ठानों ने इसकी अनदेखी की।
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कई प्रतिष्ठानों को पहले भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन उन्होंने मीटर नहीं लगाए। अब नोटिस जारी कर अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। भूगर्भ विभाग की भूमिका भूजल के संरक्षण, जल स्तर की निगरानी, भूजल दोहन के लिए एनओसी जारी करने व जल उपयोग के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की है।
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विभाग समय-समय पर निरीक्षण कर जल संरक्षण संबंधी मानकों की जांच भी करता है। नियमों का उल्लंघन करने पर पहले नोटिस फिर जुर्माना व भूजल दोहन संबंधी अनुमति निरस्त करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। जुर्माने की रकम पानी के खर्च के मुताबिक तय की जाती है।
जानिए, कौन कितने पानी का करता है उपयोग
मध्यम श्रेणी के होटल : 15 हजार से 50 हजार लीटर प्रतिदिन।

100 बेड का अस्पताल : 40 हजार से एक लाख लीटर प्रतिदिन।

मध्यम औद्योगिक इकाइयां : 20 हजार से दो लाख लीटर प्रतिदिन।
डिजिटल वाटर मीटर की उपयोगिता
डिजिटल वाटर मीटर लगने से पानी की वास्तविक खपत का सटीक रिकॉर्ड मिल जाता है। इससे भूजल दोहन की निगरानी आसान हो जाती है। पानी के लीकेज व बर्बादी का पता चलता है। साथ ही जल संरक्षण नीतियों को लागू करने में मदद मिलती है। डिजिटल वाटर मीटर की लागत 15 हजार रुपये से अधिक तक आती है।


वर्जन
होटल, अस्पताल व औद्योगिक इकाइयों में डिजिटल वाटर मीटर लगाना अनिवार्य है। अनुपालन नहीं करने वालों को नोटिस जारी किए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जुर्माना लगाया जाएगा। - सौरभ शाह, सीनियर हाइड्रोलाजिस्ट, भूगर्भ विभाग
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