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Bareilly News: लाभार्थियों के एफआरएस में लापरवाही बरतने पर नौ सीडीपीओ को नोटिस जारी
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बरेली। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत सभी लाभार्थियों का डाटा फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) पर फीडिंग में लापरवाही सामने आने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) मनोज कुमार ने नौ सीडीपीओ को नोटिस जारी किया है। चेतावनी देने के बाद भी इन सीडीपीओ ने काम में तेजी नहीं दिखाई।
फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम पर लाभार्थियों की फीडिंग जिले में 89.14 प्रतिशत है। इसमें सबसे पिछड़ा मीरगंज है। यहां 77.07 प्रतिशत ही फीडिंग हो पाई है। भुता में 82.43 प्रतिशत, फरीदपुर में 86.98, रामनगर में 88.15, भदपुरा में 88.75, नवाबगंज में 88.96 प्रतिशत फीडिंग हो सकी है। मझगवां में 89.11 प्रतिशत, आलमपुर जाफराबाद में 89.13 और शहर में 89.99 प्रतिशत फीडिंग सीडीपीओ करा पाए हैं। डीपीओ ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों, धात्री, गर्भवती व किशोरियों को अब पुष्टाहार तभी मिलेगा, जब उनका डाटा एफआरएस के जरिये पोषण ट्रेकर पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगा।
जिले में 2857 आंगनबाड़ी केंद्र है। नई व्यवस्था में अब लाभार्थियों के चेहरे का फोटो खींचकर और उनका विवरण एफआरएस के माध्यम से पोषण ट्रैकर पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। यह कार्य पूरा होने पर हर महीने लाभार्थी के चेहरे का मिलान करने पर ही पुष्टाहार का लाभ दिया जाएगा। संवाद
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फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम पर लाभार्थियों की फीडिंग जिले में 89.14 प्रतिशत है। इसमें सबसे पिछड़ा मीरगंज है। यहां 77.07 प्रतिशत ही फीडिंग हो पाई है। भुता में 82.43 प्रतिशत, फरीदपुर में 86.98, रामनगर में 88.15, भदपुरा में 88.75, नवाबगंज में 88.96 प्रतिशत फीडिंग हो सकी है। मझगवां में 89.11 प्रतिशत, आलमपुर जाफराबाद में 89.13 और शहर में 89.99 प्रतिशत फीडिंग सीडीपीओ करा पाए हैं। डीपीओ ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों, धात्री, गर्भवती व किशोरियों को अब पुष्टाहार तभी मिलेगा, जब उनका डाटा एफआरएस के जरिये पोषण ट्रेकर पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगा।
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जिले में 2857 आंगनबाड़ी केंद्र है। नई व्यवस्था में अब लाभार्थियों के चेहरे का फोटो खींचकर और उनका विवरण एफआरएस के माध्यम से पोषण ट्रैकर पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। यह कार्य पूरा होने पर हर महीने लाभार्थी के चेहरे का मिलान करने पर ही पुष्टाहार का लाभ दिया जाएगा। संवाद
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