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ईवीएम पर संदेह की कोई गुंजाइश नहीं: एल. वेंकेटेश्वर
बरेली।
Updated Sat, 30 Dec 2017 01:28 AM IST
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बैठक
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकेटेश्वर लू ने शुक्रवार को यहां बरेली मंडल के अधिकारियों की बैठक लेकर मतदाता सूचियों की पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की। बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा, ईवीएम पर संदेह की कोई गुंजाइश ही नहीं है। कुछ लोग जानबूझकर अफवाह फैलाने और कुछ लोग अज्ञानता और गलतफहमी की वजह से ईवीएम पर उंगली उठा रहे हैं। मतदान होने तक कई बार ईवीएम की चेकिंग कराई जाती है। इस दौैरान सियासी दलों के प्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी भी मौजूद रहते हैं। आयोग सियासी दलों के मुद्दा उठाने पर यह साबित भी कर चुका है कि गड़बड़ी किसी हाल में नहीं हो सकती है। बिना वीपी पैड के कहीं चुनाव नहीं हो रहे हैं। प्रेसवार्ता से पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (भारत निर्वाचन आयोग) ने बरेली मंडल के चारों जिलों के अफसरों की बैठक ली। इस मौके पर प्रभारी कमिश्नर और डीएम बरेली राघवेंद्र विक्रम सिंह, अपर आयुक्त (प्रशासन) रामसूरत पांडेय, डीएम बदायूं दिनेश कुमार, डीएम पीलीभीत शीतल वर्मा और डीएम शाहजहांपुर अमृत त्रिपाठी मौजूद रहे।
पुनरीक्षण में किसी भी स्तर पर न हो कोताही
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निकाय चुनाव की मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों की सूचनाओं पर भारत निर्वाचन आयोग भी अलर्ट है, क्योंकि हर जिले में वही अधिकारी और बीएलओ हमारे साथ काम करते हैं जो निकाय चुनाव में रहते हैं। हालांकि उन्होंने दावा किया कि विधानसभा की सूचियों में बहुत कम गड़बड़ी होने की आशंका रहती है। चुनाव से पहले हर बार मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कराया जाता है। लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर विधानसभा की मतदाता सूचियोें का पुनरीक्षण कार्य शुरू हो गया है। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होने दी जाएगी।
फर्जी वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटेंगे
मतदाता सूचियों से फर्जी नाम, मृतक और एक जिले से दूसरे जिलों और स्थानों पर शिफ्ट होने वाले वोटरों के नाम काटे जाएंगे। नए वोटर भी विधानसभा की मतदाता सूचियों में जोड़े जाने हैं। 31 जनवरी तक कोई भी अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता हैै। इसके लिए उसे ऑनलाइन सुविधा भी दी गई है। बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करने के बाद मतदाता सूचियों को अपडेट करेंगे किसी भी स्तर पर गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी बूथ लेवल पर जाकर मतदाता सूचियों में काम होना है। मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए ई-टेंडरिंग की व्यवस्था की गई है। मतदाता पहचान पत्र की क्वालिटी पर भी नजर रखी जाएगी।
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यह रहेगा पुनरीक्षण का कार्यक्रम
-31 जनवरी तक मतदाता सूचियों में संशोधन और नए मतदाताओं के नाम बढ़ाने को दावे और आपत्तियां ली जाएंगी।
-30 दिसंबर से 29 जनवरी 2018 तक ग्राम सभा/ स्थानीय निकायों और रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन आदि की बैठकों में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों को पढ़ा जाएगा और नामों का सत्यापन होगा।
-31 दिसंबर से 28 जनवरी के बीच मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ दावे और आपत्तियां प्राप्त करने को विशेष अभियान चलेगा।
21 फरवरी को फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन होगा।
31 दिसंबर, 7 जनवरी, 21 जनवरी और 28 जनवरी को मतदेय स्थलों पर सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल अपने बूथ लेबिल एजेंट बना सकते हैं, जो बीएलओ के संरक्षण में मतदाता सूची की गलतियों को चिहिन्त करने में सहयोग कर सकते हैं।
किसी का तबादला नहीं होगा
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण कार्य में लगे जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, खंड विकास अधिकारी, चकबंदी अधिकारियों आदि के 21 फरवरी, 2018 तक तबादला करने पर रोक लगा दी गई है।
पुनरीक्षण में किसी भी स्तर पर न हो कोताही
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निकाय चुनाव की मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों की सूचनाओं पर भारत निर्वाचन आयोग भी अलर्ट है, क्योंकि हर जिले में वही अधिकारी और बीएलओ हमारे साथ काम करते हैं जो निकाय चुनाव में रहते हैं। हालांकि उन्होंने दावा किया कि विधानसभा की सूचियों में बहुत कम गड़बड़ी होने की आशंका रहती है। चुनाव से पहले हर बार मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कराया जाता है। लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर विधानसभा की मतदाता सूचियोें का पुनरीक्षण कार्य शुरू हो गया है। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होने दी जाएगी।
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फर्जी वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटेंगे
मतदाता सूचियों से फर्जी नाम, मृतक और एक जिले से दूसरे जिलों और स्थानों पर शिफ्ट होने वाले वोटरों के नाम काटे जाएंगे। नए वोटर भी विधानसभा की मतदाता सूचियों में जोड़े जाने हैं। 31 जनवरी तक कोई भी अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता हैै। इसके लिए उसे ऑनलाइन सुविधा भी दी गई है। बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करने के बाद मतदाता सूचियों को अपडेट करेंगे किसी भी स्तर पर गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी बूथ लेवल पर जाकर मतदाता सूचियों में काम होना है। मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए ई-टेंडरिंग की व्यवस्था की गई है। मतदाता पहचान पत्र की क्वालिटी पर भी नजर रखी जाएगी।
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यह रहेगा पुनरीक्षण का कार्यक्रम
-31 जनवरी तक मतदाता सूचियों में संशोधन और नए मतदाताओं के नाम बढ़ाने को दावे और आपत्तियां ली जाएंगी।
-30 दिसंबर से 29 जनवरी 2018 तक ग्राम सभा/ स्थानीय निकायों और रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन आदि की बैठकों में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों को पढ़ा जाएगा और नामों का सत्यापन होगा।
-31 दिसंबर से 28 जनवरी के बीच मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ दावे और आपत्तियां प्राप्त करने को विशेष अभियान चलेगा।
21 फरवरी को फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन होगा।
31 दिसंबर, 7 जनवरी, 21 जनवरी और 28 जनवरी को मतदेय स्थलों पर सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल अपने बूथ लेबिल एजेंट बना सकते हैं, जो बीएलओ के संरक्षण में मतदाता सूची की गलतियों को चिहिन्त करने में सहयोग कर सकते हैं।
किसी का तबादला नहीं होगा
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण कार्य में लगे जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, खंड विकास अधिकारी, चकबंदी अधिकारियों आदि के 21 फरवरी, 2018 तक तबादला करने पर रोक लगा दी गई है।