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Bareilly News: रैन बसेरा फुल, बेघरों ने खुले में काटी रात
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बरेली। कड़ाके की ठंड में राहत के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। कहीं रैन बसेरे फुल हैं तो कुछ जगह अलाव ठंडे पड़े हैं। ऐसे में बेघर या दूर-दराज से जिले में आए लोग खुले में रात काट रहे हैं। बृहस्पतिवार रात में संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में यह हकीकत सामने आई।
सेटेलाइट बस अड्डे पर बना अस्थायी रैन बसेरा भरा हुआ और अलाव ठंडा मिला। यात्री फर्श पर सोते दिखे। कुछ अलाव को जलाने के लिए फूंक मारते दिखे, पर उनकी कोशिश कामयाब नहीं हो पाई। थक-हारकर वह भी बस अड्डे के कोने में शॉल और कंबल में लिपटकर दुबक गए। श्यामगंज सब्जीमंडी के बाहर भी लोग खुले में सोते दिखे। नगर निगम के बाहर रिक्शाचालक भी खुले में सोते दिखे। नगर निगम के गेट के बाहर ही एक व्यक्ति सोता मिला। वह कंबल में लिपटे होने के बावजूद ठिठुर रहा था।
पुराने बस अड्डे की तस्वीर जुदा रही। यहां बनाए गए अस्थायी रैन बसेरे में बिस्तर खाली होने के बावजूद भी एक व्यक्ति जमीन पर लेटा दिखा। बस अड्डा परिसर में 10-12 लोग जमीन पर सोते दिखे। बस अड्डे के बाहर चालक अपने ई-रिक्शाें में सो रहे थे। संवाद
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सेटेलाइट बस अड्डे पर बना अस्थायी रैन बसेरा भरा हुआ और अलाव ठंडा मिला। यात्री फर्श पर सोते दिखे। कुछ अलाव को जलाने के लिए फूंक मारते दिखे, पर उनकी कोशिश कामयाब नहीं हो पाई। थक-हारकर वह भी बस अड्डे के कोने में शॉल और कंबल में लिपटकर दुबक गए। श्यामगंज सब्जीमंडी के बाहर भी लोग खुले में सोते दिखे। नगर निगम के बाहर रिक्शाचालक भी खुले में सोते दिखे। नगर निगम के गेट के बाहर ही एक व्यक्ति सोता मिला। वह कंबल में लिपटे होने के बावजूद ठिठुर रहा था।
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पुराने बस अड्डे की तस्वीर जुदा रही। यहां बनाए गए अस्थायी रैन बसेरे में बिस्तर खाली होने के बावजूद भी एक व्यक्ति जमीन पर लेटा दिखा। बस अड्डा परिसर में 10-12 लोग जमीन पर सोते दिखे। बस अड्डे के बाहर चालक अपने ई-रिक्शाें में सो रहे थे। संवाद
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