NIA Raid: गजवा-ए-हिंद के स्लीपर सेल की तलाश में आई थी एनआईए, बरेली में पहले मिल चुके हैं आतंकी कनेक्शन
गजवा-ए-हिंद कट्टरपंथी मॉड्यूल मामले में एनआईए ने रविवार तड़के स्थानीय पुलिस के साथ छापा मारा। आंवला के युवक तौहीद का पाकिस्तान के कराची से कनेक्शन सामने आया है। हालांकि पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
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गजवा-ए-हिंद कट्टरपंथी मॉड्यूल के बहाने मुस्लिम युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। एनआईए इसी तरह के मामलों में स्लीपर सेल तलाशने में जुटी है। बरेली के आंवला में तौहीद के यहां एनआईए के छापे की वजह भी यही मानी जा रही है।
दरअसल, पिछले साल बिहार पुलिस ने पटना के फुलवारी शरीफ क्षेत्र के मरगूब अहमद दानिश उर्फ ताहिर को गिरफ्तार किया था। 14 जुलाई 2022 को मामला एनआईए को जांच के लिए मिला। मरगूब पर आरोप साबित कर छह जनवरी 2023 को चार्जशीट दाखिल की गई। पता लगा कि वह गजवा-ए-हिंद मॉड्यूल का सदस्य है। युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए पाकिस्तान से उसे प्रोत्साहित किया जा रहा था।
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वह सोशल मीडिया के जरिये देश में स्लीपर सेल स्थापित करने में जुटा था। कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसने बांग्लादेशी नागरिकों को भी जोड़ा था। कई संदिग्ध लोग पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे और गजवा-ए-हिंद के विचार का प्रचार कर रहे थे। मरगूब से पूछताछ में एनआईए को कई इनपुट मिले। इसी के आधार पर समय-समय पर छापे मारे जा रहे हैं। इसी क्रम में एनआईए ने रविवार को तीन राज्यों के पांच स्थानों पर दबिश दी।
पाक जासूस एजाज भी रहा था बरेली में
पाकिस्तानी जासूस एजाज ने भी बरेली के मोहल्ला शाहबाद और स्टेशन रोड पर किराये पर रहकर जासूसी की थी। करीब सात साल पहले एसटीएफ ने एजाज को मेरठ से पकड़ा था। तब पता लगा कि उसने बरेली में रहकर काफी वक्त गुजारा था। उसके पास कुछ नक्शे भी मिले थे, जो बरेली से भी संबंधित रहे थे। एजाज को लेकर कई बार बाहरी एजेंसियों ने बरेली में आकर जांच की थी।
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कमलेश तिवारी के हत्यारों को बरेली में दी गई थी शरण
कट्टरवादी हिंदू नेता कमलेश तिवारी की लखनऊ में की गई हत्या के तार भी बरेली से जुड़े रहे थे। कमलेश की हत्या करके अशफाक और मोइनुद्दीन सीधे बरेली आए थे। यहां उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई थी। एक घायल का इलाज भी कराया गया था। यहां से आरोपियों को नेपाल भेजने की व्यवस्था भी की गई थी। उन दिनों यहां चार-पांच मददगारों की धरपकड़ भी की गई थी। इससे बरेली खासा चर्चा में रहा।