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Bareilly News: प्रसव के दौरान नवजात की मौत, प्रसूता की हालत बिगड़ी
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पीड़ित ग्रामीण ने आरोपी झोलाछाप के खिलाफ थाने में दी तहरीर
नवाबगंज/बहेड़ी। गलत उपचार के चलते प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई, जबकि प्रसूता की हालत बिगड़ गई। यह देख झोलाछाप कमलेश निवासी कुंडरा कोठी ने हाथ खड़े कर दिए। इससे परेशान परिजनों ने प्रसूता को रिछा के सीएचसी में भर्ती कराया है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने झोलाछाप महिला को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गई। घटना की तहरीर मिलने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा है।
बहेड़ी के गैजरपुर गौटिया के मेहताब सिंह खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनको दो बेटियां हैं। उनकी पत्नी गायत्री देवी 16 साल के बाद गर्भवती हुई। बृहस्पतिवार को गायत्री देवी को प्रसव पीड़ा होने पर नवाबगंज थाना क्षेत्र के कुंडरा कोठी में एक झोलाछाप के पास प्रसव को ले गए। झोलाछाप महिला ने प्रसूता की हालत देख साधारण प्रसव कराने का आश्वासन देकर अपने घर ले गई। शुक्रवार को जब प्रसूता को प्रसव पीड़ा तेज हुई तो झोलाछाप ने नवजात को खींचकर निकालने का प्रयास करने लगी। लगभग एक घंटे तक जूझने के बाद नवजात का जन्म हुआ।
नवजात में धड़कन न चलने के चलते झोलाछाप ने किसी बच्चे के चिकित्सक से उपचार कराने की सलाह दी, जब मेहताब एक निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे तो नवजात को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। इधर, प्रसूता की हालत बिगड़ने पर झोलाछाप उसे दूसरे चिकित्सक के पास ले जाने को कहने लगी। आनन-फानन में परिजनों ने प्रसूता को रिछा के सीएचसी में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बतायी जा रही है। मेहताब की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
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आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
-राहुल सिंह, कोतवाल, नवाबगंज
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फिर खुले अवैध क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग मौन
मीरगंज/नवाबगंज। मीरगंज में झोलाछाप के इलाज से महिलाओं की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई अब मजाक बनकर रह गई है। भ्रष्टाचार मुक्त शासन का नारा तब खोखला साबित हो हो रहा है, जब अवैध क्लीनिक पर सील करने की कार्रवाई सिर्फ दिखावा निकली। कुछ दिनों में सील की गई अवैध क्लीनिक फिर से चालू होने लगे हैं। मीरगंज में 25 मई को गांव लभेड़ा दुर्गा प्रसाद, सिमरिया और चुरई दलपतपुर में चल रहे झोलाछापों के क्लीनिकों को सील कर दिया गया था। वहीं, तहसील नवाबगंज में जगह-जगह अवैध तरीके से झोलाछाप अपनी क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। तमाम घटनाओं के बाद भी स्वास्थ्य विभाग चेत नहीं रहा है। इसी तरह क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड की दुकानें खुली हैं, जिसमें अप्रशिक्षित जांचें कर रहे हैं।
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क्लीनिक चालू किए हैं तो की जाएगी जांच : सीएचसी अधीक्षक
मीरगंज सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉॅ. विनय कुमार पाल ने बताया कि कुछ क्लीनिक संचालकों ने मुख्य चिकित्साधिकारी को शपथपत्र दिए थे कि क्लीनिक नहीं चलाएंगे। अगर दोबारा क्लीनिक चालू किए हैं तो फिर से जांच की जाएगी।
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नवाबगंज/बहेड़ी। गलत उपचार के चलते प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई, जबकि प्रसूता की हालत बिगड़ गई। यह देख झोलाछाप कमलेश निवासी कुंडरा कोठी ने हाथ खड़े कर दिए। इससे परेशान परिजनों ने प्रसूता को रिछा के सीएचसी में भर्ती कराया है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने झोलाछाप महिला को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गई। घटना की तहरीर मिलने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा है।
बहेड़ी के गैजरपुर गौटिया के मेहताब सिंह खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनको दो बेटियां हैं। उनकी पत्नी गायत्री देवी 16 साल के बाद गर्भवती हुई। बृहस्पतिवार को गायत्री देवी को प्रसव पीड़ा होने पर नवाबगंज थाना क्षेत्र के कुंडरा कोठी में एक झोलाछाप के पास प्रसव को ले गए। झोलाछाप महिला ने प्रसूता की हालत देख साधारण प्रसव कराने का आश्वासन देकर अपने घर ले गई। शुक्रवार को जब प्रसूता को प्रसव पीड़ा तेज हुई तो झोलाछाप ने नवजात को खींचकर निकालने का प्रयास करने लगी। लगभग एक घंटे तक जूझने के बाद नवजात का जन्म हुआ।
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नवजात में धड़कन न चलने के चलते झोलाछाप ने किसी बच्चे के चिकित्सक से उपचार कराने की सलाह दी, जब मेहताब एक निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे तो नवजात को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। इधर, प्रसूता की हालत बिगड़ने पर झोलाछाप उसे दूसरे चिकित्सक के पास ले जाने को कहने लगी। आनन-फानन में परिजनों ने प्रसूता को रिछा के सीएचसी में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बतायी जा रही है। मेहताब की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
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आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
-राहुल सिंह, कोतवाल, नवाबगंज
फिर खुले अवैध क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग मौन
मीरगंज/नवाबगंज। मीरगंज में झोलाछाप के इलाज से महिलाओं की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई अब मजाक बनकर रह गई है। भ्रष्टाचार मुक्त शासन का नारा तब खोखला साबित हो हो रहा है, जब अवैध क्लीनिक पर सील करने की कार्रवाई सिर्फ दिखावा निकली। कुछ दिनों में सील की गई अवैध क्लीनिक फिर से चालू होने लगे हैं। मीरगंज में 25 मई को गांव लभेड़ा दुर्गा प्रसाद, सिमरिया और चुरई दलपतपुर में चल रहे झोलाछापों के क्लीनिकों को सील कर दिया गया था। वहीं, तहसील नवाबगंज में जगह-जगह अवैध तरीके से झोलाछाप अपनी क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। तमाम घटनाओं के बाद भी स्वास्थ्य विभाग चेत नहीं रहा है। इसी तरह क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड की दुकानें खुली हैं, जिसमें अप्रशिक्षित जांचें कर रहे हैं।
क्लीनिक चालू किए हैं तो की जाएगी जांच : सीएचसी अधीक्षक
मीरगंज सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉॅ. विनय कुमार पाल ने बताया कि कुछ क्लीनिक संचालकों ने मुख्य चिकित्साधिकारी को शपथपत्र दिए थे कि क्लीनिक नहीं चलाएंगे। अगर दोबारा क्लीनिक चालू किए हैं तो फिर से जांच की जाएगी।