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राहत: नगर निगम के छह नए चबूतरों पर हुआ अंतिम संस्कार
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बरेली। नगर निगम ने सिटी श्मशान भूमि में छह चबूतरों का निर्माण करा दिया है। नौ चबूतरे अगले सप्ताह तक बनकर तैयार हो जाएंगे। तीनों श्मशान भूमि पर बृहस्पतिवार को 102 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से 24 का अंतिम संस्कार कोविड नियमों के तहत हुआ।
नगर निगम को सिटी श्मशान भूमि पर 15 चबूतरे बनाने हैं। इनमें से छह का निर्माण पूरा हो चुका है। बृहस्पतिवार को नए चबूतरों पर भी अंतिम संस्कार किए गए। सिटी श्मशान भूमि में पहले से 34 चबूतरें हैं। नगर निगम के 15 चबूतरों का निर्माण पूरा हो जाने के बाद यहां अंतिम संस्कार के लिए 49 चबूतरे हो जाएंगे। इसके बाद जमीन पर अंतिम संस्कार करने की नौबत नहीं आएगी। बृहस्पतिवार को सिटी श्मशान भूमि में 50 में 10, संजयनगर श्मशान भूमि पर 42 में से नौ और गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि में दस में पांच शवों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों के तहत किया गया। तीन संक्रमितों का अंतिम संस्कार गैस शवदाह गृह में हुआ। इसके अलावा रामगंगा तट पर भी शवों का अंतिम संस्कार किया गया। हिंदू सोशल सर्विस ट्रस्ट के सचिव विजय कुमार ने बताया कि अब कोरोना संक्रमित शव आने में कमी आई है।
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नगर निगम को सिटी श्मशान भूमि पर 15 चबूतरे बनाने हैं। इनमें से छह का निर्माण पूरा हो चुका है। बृहस्पतिवार को नए चबूतरों पर भी अंतिम संस्कार किए गए। सिटी श्मशान भूमि में पहले से 34 चबूतरें हैं। नगर निगम के 15 चबूतरों का निर्माण पूरा हो जाने के बाद यहां अंतिम संस्कार के लिए 49 चबूतरे हो जाएंगे। इसके बाद जमीन पर अंतिम संस्कार करने की नौबत नहीं आएगी। बृहस्पतिवार को सिटी श्मशान भूमि में 50 में 10, संजयनगर श्मशान भूमि पर 42 में से नौ और गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि में दस में पांच शवों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों के तहत किया गया। तीन संक्रमितों का अंतिम संस्कार गैस शवदाह गृह में हुआ। इसके अलावा रामगंगा तट पर भी शवों का अंतिम संस्कार किया गया। हिंदू सोशल सर्विस ट्रस्ट के सचिव विजय कुमार ने बताया कि अब कोरोना संक्रमित शव आने में कमी आई है।
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