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नेशनल हॉकी खिलाड़ी की वार्मअप के दौरान साई स्टेडियम में मौत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 04 May 2018 01:04 AM IST
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2013 में बिहार की ओर से हॉकी की चार नेशनल प्रतियोगिताओं में खेल चुके 22 वर्षीय खिलाड़ी विनोद सिंह रावत की गुरुवार सुबह छह बजे साई स्टेडियम में वार्मअप करते वक्त अचानक मौत हो गई। साथी खिलाड़ियों के मुताबिक विनोद स्टेडियम के एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड पर दौड़ रहे थे, तभी अचानक सीने में तेज दर्द उठने के बाद वह गिरकर बेहोश हो गए। उन्हें फौरन डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, लेकिन मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए उनका हार्ट और विसरा सुरक्षित कर लिया है।
कैंट क्षेत्र के गांव भरतौल में रहने वाले विनोद तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। मां सावित्री देवी के मुताबिक विनोद प्रतिदिन प्रैक्टिस के लिए साई स्टेडियम जाते थे। गुरुवार को भी वह सुबह जल्दी घर से निकले थे। कुछ समय बाद दोस्तों ने फोन करके उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी दी। बाद में पता चला कि विनोद की मृत्यु हो गई है। बड़े भाई दिलीप ने बताया कि हॉकी विनोद का जुनून थी। हॉकी के लिए विनोद ने 2014 में इंटरमीडिएट करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी। वह हॉकी के बड़े खिलाड़ी बनना चाहते थे।
बिहार की ओर से पंजाब, रांची, बैंगलुरू और दिल्ली में नेशनल प्रतियोगिताओं में खेल चुके विनोद सिंह रावत ने छोटे से कॅरियर में ही सात गोल्ड और पांच सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिए थे। परफेक्ट डिफेंडर विनोद पूरी तरह फिट थे। ओलंपिक खेलने के साथ ही नेशनल टीम का कोच बनना उनका सपना था।
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कैंट क्षेत्र के गांव भरतौल में रहने वाले विनोद तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। मां सावित्री देवी के मुताबिक विनोद प्रतिदिन प्रैक्टिस के लिए साई स्टेडियम जाते थे। गुरुवार को भी वह सुबह जल्दी घर से निकले थे। कुछ समय बाद दोस्तों ने फोन करके उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी दी। बाद में पता चला कि विनोद की मृत्यु हो गई है। बड़े भाई दिलीप ने बताया कि हॉकी विनोद का जुनून थी। हॉकी के लिए विनोद ने 2014 में इंटरमीडिएट करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी। वह हॉकी के बड़े खिलाड़ी बनना चाहते थे।
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बिहार की ओर से पंजाब, रांची, बैंगलुरू और दिल्ली में नेशनल प्रतियोगिताओं में खेल चुके विनोद सिंह रावत ने छोटे से कॅरियर में ही सात गोल्ड और पांच सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिए थे। परफेक्ट डिफेंडर विनोद पूरी तरह फिट थे। ओलंपिक खेलने के साथ ही नेशनल टीम का कोच बनना उनका सपना था।
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