{"_id":"57ec16f84f1c1b81675741a3","slug":"narendra-modi-not-see-the-weak-rahul","type":"story","status":"publish","title_hn":"नरेंद्र मोदी कमजोरों को नहीं देखते: राहुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नरेंद्र मोदी कमजोरों को नहीं देखते: राहुल
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 29 Sep 2016 12:46 AM IST
विज्ञापन
राहुल गांधी बरेली में खुशनुमा मूड में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धोपेश्वर नाथ मंदिर और आला हजरत दरगाह में हाजिरी के बाद रोड शो शुरू करने वाले राहुल गांधी ने यहां भी प्रधानमंत्री को निशाने पर रखा। अपनी दो-दो मिनट की तीन स्वागत सभाओं में कांग्रेस उपाध्यक्ष ने केंद्र सरकार को गरीब और किसानों का विरोधी बताया। कहा कि जो कमजोर हैं उनको नरेंद्र मोदी देखते ही नहीं हैं, वह उद्योगपतियों और बड़े लोगों को ही फायदा पहुंचाने की राजनीति कर रहे हैं। पिछले ढाई साल में मोदी सरकार ने एक लाख 10 हजार करोड़ रुपये का कर्जा माफ कर दिया। यह कर्जा देश के 15 उद्योगपतियों का है जबकि हमने अपनी सरकार में 70 हजार करोड़ का कर्जा माफ किया था वो सब किसानों का था। बुधवार को11.30 पर शहामतगंज से राहुल के रोड शो की शुरुआत हुई। जोशीले नारों के बीच स्वाले नगर, फतेहगंज पश्चिमी और मीरगंज में हुई स्वागत सभाओं में कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि नरेंद्र मोदी सिर्फ झूठे वायदे करना जानते हैं। कमजोर लोगों और किसान के हितों के लिए काम करना नहीं चाहते हैं। मोदी सरकार ने कहा था कि उनकी सरकार हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देगी और हर किसी के बैंक एकाउंट में 15-15 हजार रुपये डाले जाएंगे लेकिन न तो किसी को नौकरी मिली, न ही किसी के एकाउंट में 15 हजार रुपये आए। उन्होंने कहा कि ये लोग जनता को लड़ाना चाहते हैं, यह देश हर धर्म, जाति का है, इसमें सबको जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी यात्रा एक सोच के खिलाफ है। कुछ दिन पहले हमारी एक खाट सभा हो रही थी। उसमें कुछ किसानों ने दो-तीन चारपाइयां उठा लीं, उस पर भाजपा के लोगों ने कहा कि देखो यूपी के किसान चोर हैं। और विजय माल्या 10 हजार करोड़ रुपये लेकर चला जाता है तो सब उसको डिफाल्टर कहते हैं लेकिन ये कुछ नहीं कहते। राहुल गांधी ने कहा कि हमने किसानों का कर्जा माफ, बिजली बिल हाफ और वाजिब समर्थन मूल्य दिलाने के लिए किसान यात्रा शुरू की है। सरकार मोदी की हो या अखिलेश की, गरीबों के लिए काम करना चाहिए लेकिन ये लोग ऐसा नहीं करना चाहते। यात्रा के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष के साथ पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व केेंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, राजाराम पाल और जिलाध्यक्ष रामदेव पांडेय आदि प्रमुख रूप से रहे।
राहुल को मिली दरगाह की हमदर्दी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को दरगाह आला हजरत पर हाजरी देने पहुंचे। सबसे पहले वह दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) के निवास पर उनसे मिलने पहुंचे। चार मिनट की गुफ्तगू के बाद जब राहुल गांधी चलने को हुए तो सुब्हानी मियां ने कहा: मुस्लिम तो आ ही जाएगा, हिंदू वोटों पर ध्यान दें। इस संक्षिप्त मुलाकात के दौरान राहुल गांधी से सुब्हानी मियां नेे मुस्लिम मुद्दों पर बात चीत हुई। उन्होंने राहुल से कांग्रेस मुस्लिम एजेंडा पूछा। उन्होंने कहा कि जिन प्रांतों में कांग्रेस की सरकार है वहां वह मुस्लिमों के लिए क्या कर रहे हैं। साथ ही यह कहा कि राजनीति में बरेलवी मसलक को नजर अंदाज किया जाता रहा है। हर बड़े-बड़े ओहदों पर दूसरे मसलक के लोग ही बैठे हैं।राहुल ने इस पर गौर करने का भरोसा दिलाया। सुब्हानी मियां के दामाद आसिफ मियां ने कहा कि उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड और वक्फ बोर्ड का गठन नहीं हुआ है। इनका गठन कराना चाहिए। इसके बाद राहुल चादर पोशी करने जाने लगे तो सुब्हानी मियां ने अपने हाथों से उनको चादर सौंपी। दरगाह पहुंच कर राहुल चादर व गुलपोशी के बाद हाछ जोड़ कर वापस हो गए। इस दौरान पूर्व सांसद प्रवीन सिंह ऐरन, पूर्व महानगर अध्यक्ष हाजी कासिम कश्मीरी, महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम मियां और दरगाह की ओर से आसिफ मियां, हाजी जावेद खान, शाहिद नूरी, अजमल नूरी, अहमद उल्ला वारसी, मोहसिन रजा, परवेज नूरी, शान, राहत हुसैन उनके साथ रहे।
तोहफे में दी अंगूठी, बादाम खिलाए
आला हजरत दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) के निवास पर जब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सामने नाश्ता रखा गया तो उसकी पूरी लिस्ट एसपीजी ने बना ली। इस बीच सुब्हानी मियां ने राहुल की ओर बादाम बढ़ाया तो राहुल ने एक बादाम उठा कर खा लिया। राहुल ने जैसे ही बादाम खाया एसपीजी ने तुरंत ही उस प्लेट से कुछ बादाम उठा कर बतौर सैंपल एक थैली में रख लिये और अपनी डायरी में नोट लिखा कि राहुल ने क्या खाया। इस बीच सुब्हानी मियां ने दरगाह की प्रसिद्ध नक्श की अंगूठी राहुल को तोहफे में भेंट किया। जिसको स्वीकार करते हुए राहुल ने अंगूठी को देखा और मुस्कुरा कर थैंक्स कहा।
विज्ञापन
दरगाह के बाकी दर रह गए
राहुल गांधी के दरगाह आला हजरत पर हाजरी के दौरान ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) मुरीदों से मिलने और लोगों को बैत करने में मशगूल रहे। उनके दरवाजे पर लोगों को भीड़ लगी हुई थी। राहुल आए दरगाह प्रमुख से मिले और हाजरी देकर चले गए। पहले ताजुश्शरिया अजहरी मियां व शहर काजी मौलाना असजद रजा खां मथुरापुर स्थित इस्लामिक सेंटर पर भी जाने का कार्यक्रम था। सूत्रों की माने तो शहर काजी थोड़ा वक्त चाहते थे कि कुछ मुद्दों पर बात कर सकें और राहुल के कार्यक्रम में समय का अभाव था। लिहाजा बात नहीं बनी और मिलने का कार्यक्रम रद्द हो गया।
देखी आला हजरत की किताबें और पुरानी तस्वीरें
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आला हजरत दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां के निवास पर बिल्कुल घरेलू अंदाज में नजर आए। सुब्हानी मियां से ऐसे मिले जैसे कोई अपने परिवार के बुजुर्गों से मिलता है। प्रारंभिक शिष्टाचार के दौरान ही राहुल की निगाह ड्राईंग रूम में शीशे की वार्डरोब में सजी रखी आला हजरत की किताबों पर पड़ी। वह फौरन उस ओर बढ़ गए और किताबों को देखने लगे। जिज्ञासा वश पूछा यह किताबें कैसी हैं। तो सुब्हानी मियां ने बताया कि यह आला हजरत की लिखीं किताबें हैं जो शरियत, कुरान का अनुवाद और फतवों आदि की हैं। बताया कि आला हजरत ने लगभग 13 सौ किताबें लिखीं हैं। जिन पर कई जगह शोध भी हो रहा है।
इस दौरान हाजी जावेद व शाहिद नूरी ने उन्हें एक फोटो एलबम दिखाई। जिसमें उनका पिछली बार दरगाह आने का फोटो था। दूसरा उनकी दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आने की फोटो थी। इतना देखते ही उन्होंने एलबम हाथ में ले ली और एक एक पेज पलट कर देखने लगे। इसी बीच उनकी नजर एलबम में लगे उनके पिछले समाचार पर पड़ी तो वह उसे पढ़ने भी लगे। हाजी जावेद ने कैप पहना कर स्वागत किया।
बिना बात नजरों और मुस्कराहट से संवाद
उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए सूबे में कांग्रेस की जमीन तैयार करने निकले कांग्रेस उपाध्यक्ष का रोड शो बुधवार को शहर के जिन इलाकों में हुआ, वे भाजपा का गढ़ माने जाते हैं। रोड शो करते हुए राहुल बिना बात किए संवाद की कला बखूबी सीख गए हैं। वह युवाओं को देखकर मुस्कुराते हुए दाहिना हाथ हिलाकर उनका ध्यान खींचने की कोशिश करते तो महिलाओं और बड़े-बुजुर्गों को दोनों हाथ जोड़कर अभिवादन करते।
शहामतगंज स्थित मौलाना आजाद इंटर कालेज से रोड शो की शुरुआत करके शहर में किला तक जहां-जहां से काफिला निकला, कांग्रेस उपाध्यक्ष ने बुलेट प्रूफ वाहन पर खड़े होकर हर तरफ खड़े लोगों का अभिवादन किया। आलमगीरीगंज, बड़ा बाजार और साहूकारा में बहुत सारे महिला, पुरुष और बच्चे छत से खड़े होकर राहुल को देख रहे थे। उनका भी हाथ हिलाकर उन्होंने अभिवादन किया। बच्चे भी जवाब में हाथ हिलाने लगते तो कांग्रेस उपाध्यक्ष मुस्कुरा देते। रोड शो में कार्यकर्ताओं की भीड़ से इतर राह चलते किसी पर नजर पड़ जाती तो भी वह उसका हाथ जोड़कर ध्यान खींचने लगते। दुकानों पर बैठे लोगों को भी उन्होंने नजर से नजर मिलाकर अभिवादन स्वीकार करने की कोशिश की। राहुल गांधी का पूरा प्रयास बिना बातचीत के ही हर व्यक्ति से अपने खास अंदाज में जुड़ाव बनाने की रही। इसके लिए अपने वाहन के बगल में खड़े लोगों से हाथ भी मिलाने लगते। उनके नीचे झुककर हाथ मिलाने से एसपीजी वालों को सांसें अटकने लगतीं फिर भी वह नहीं माने। दरगाह आला हजरत पहुंचने के रास्ते में मिले बहुत सारे लोगों से उन्होंने हाथ मिलाया। आलमगीरीगंज की मिर्धान गली में काफिला रुकवा लिया और वयोवृद्ध कांग्रेसी ओमकारनाथ शास्त्री के घर गए। उनसे मुलाकात की। इस तरह उन्होंने पुराने कांग्रेसियों के सम्मान का संदेश भी दिया।
ऐरन ने सारथी बन कराया नगर दर्शन
पूरे रोड शो का संचालन पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन के हाथ में रहा। वह रोड शो में मुख्य वाहन में राहुल गांधी के साथ उनके बगल में पूरे समय रहे और माइक संभालकर रास्ते भर लोगों का नाम लेकर परिचय कराते रहे।राहुल ने उनसे सवाल भी किया आप इतने लोगों को नाम से कैसे जानते हैं। आलमगीरीगंज में कई सराफा और दुकानदारों के नाम लिए। स्वागत करने वालों का परिचय भी कराते रहे। बड़ा बाजार, साहूकारा और किला बाजार में भी माइक से कई लोगों का नाम लिया। राहुल गांधी के वाहन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम पाल, जिलाध्यक्ष रामदेव पांडेय और महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम भी रहे। जितिन बीच-बीच में कई बार वाहन से उतरकर रोड शो में पैदल भी चले। जबकि कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी तो लगातार पैदल ही वाहन के आगे रोड शो में चलते रहे।
धोपेश्वरनाथ के पुजारी ने तिलक लगाकर दिया आशीर्वाद
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नाथ नगरी के प्रसिद्ध धोपेश्वरनाथ मंदिर में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन और पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन समेत तमाम कांग्रेसी नेताओं के साथ बुधवार सुबह 10.50 बजे भगवान शिव की पूजा अर्चना की। कड़ी सुरक्षा में राहुल गांधी तेज कदमों से मंदिर तक गए। जिलाध्यक्ष रामदेव पांडेय और महासचिव रवींद्र मिश्रा आदि कांग्रेसी राहुल गांधी को मंदिर के अंदर लेकर गए। पुजारी हरीश उपाध्याय ने गणेश वंदना के बाद वेदमंत्र पढ़कर उनके हाथ धुलवाए। फिर शिवाष्टि पढ़ा। इसके बाद राहुल गांधी ने भगवान शिव को जल, बेल पत्र, दूध, पुष्प और फल अर्पित कर पूजा अर्चना की। पुजारी ने राहुल गांधी के माथे पर तिलक लगाया और मंत्रोच्चारण से संक्षिप्त आरती कर प्रसाद भेंट किया। राहुल गांधी मंदिर में 15 मिनट तक रहे। इस दौरान अन्य श्रद्धालुओं के मंदिर जाने पर पुलिस ने रोक लगा दी थी।
विज्ञापन
राहुल को मिली दरगाह की हमदर्दी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को दरगाह आला हजरत पर हाजरी देने पहुंचे। सबसे पहले वह दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) के निवास पर उनसे मिलने पहुंचे। चार मिनट की गुफ्तगू के बाद जब राहुल गांधी चलने को हुए तो सुब्हानी मियां ने कहा: मुस्लिम तो आ ही जाएगा, हिंदू वोटों पर ध्यान दें। इस संक्षिप्त मुलाकात के दौरान राहुल गांधी से सुब्हानी मियां नेे मुस्लिम मुद्दों पर बात चीत हुई। उन्होंने राहुल से कांग्रेस मुस्लिम एजेंडा पूछा। उन्होंने कहा कि जिन प्रांतों में कांग्रेस की सरकार है वहां वह मुस्लिमों के लिए क्या कर रहे हैं। साथ ही यह कहा कि राजनीति में बरेलवी मसलक को नजर अंदाज किया जाता रहा है। हर बड़े-बड़े ओहदों पर दूसरे मसलक के लोग ही बैठे हैं।राहुल ने इस पर गौर करने का भरोसा दिलाया। सुब्हानी मियां के दामाद आसिफ मियां ने कहा कि उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड और वक्फ बोर्ड का गठन नहीं हुआ है। इनका गठन कराना चाहिए। इसके बाद राहुल चादर पोशी करने जाने लगे तो सुब्हानी मियां ने अपने हाथों से उनको चादर सौंपी। दरगाह पहुंच कर राहुल चादर व गुलपोशी के बाद हाछ जोड़ कर वापस हो गए। इस दौरान पूर्व सांसद प्रवीन सिंह ऐरन, पूर्व महानगर अध्यक्ष हाजी कासिम कश्मीरी, महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम मियां और दरगाह की ओर से आसिफ मियां, हाजी जावेद खान, शाहिद नूरी, अजमल नूरी, अहमद उल्ला वारसी, मोहसिन रजा, परवेज नूरी, शान, राहत हुसैन उनके साथ रहे।
विज्ञापन
तोहफे में दी अंगूठी, बादाम खिलाए
आला हजरत दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) के निवास पर जब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सामने नाश्ता रखा गया तो उसकी पूरी लिस्ट एसपीजी ने बना ली। इस बीच सुब्हानी मियां ने राहुल की ओर बादाम बढ़ाया तो राहुल ने एक बादाम उठा कर खा लिया। राहुल ने जैसे ही बादाम खाया एसपीजी ने तुरंत ही उस प्लेट से कुछ बादाम उठा कर बतौर सैंपल एक थैली में रख लिये और अपनी डायरी में नोट लिखा कि राहुल ने क्या खाया। इस बीच सुब्हानी मियां ने दरगाह की प्रसिद्ध नक्श की अंगूठी राहुल को तोहफे में भेंट किया। जिसको स्वीकार करते हुए राहुल ने अंगूठी को देखा और मुस्कुरा कर थैंक्स कहा।
विज्ञापन
दरगाह के बाकी दर रह गए
राहुल गांधी के दरगाह आला हजरत पर हाजरी के दौरान ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) मुरीदों से मिलने और लोगों को बैत करने में मशगूल रहे। उनके दरवाजे पर लोगों को भीड़ लगी हुई थी। राहुल आए दरगाह प्रमुख से मिले और हाजरी देकर चले गए। पहले ताजुश्शरिया अजहरी मियां व शहर काजी मौलाना असजद रजा खां मथुरापुर स्थित इस्लामिक सेंटर पर भी जाने का कार्यक्रम था। सूत्रों की माने तो शहर काजी थोड़ा वक्त चाहते थे कि कुछ मुद्दों पर बात कर सकें और राहुल के कार्यक्रम में समय का अभाव था। लिहाजा बात नहीं बनी और मिलने का कार्यक्रम रद्द हो गया।
देखी आला हजरत की किताबें और पुरानी तस्वीरें
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आला हजरत दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां के निवास पर बिल्कुल घरेलू अंदाज में नजर आए। सुब्हानी मियां से ऐसे मिले जैसे कोई अपने परिवार के बुजुर्गों से मिलता है। प्रारंभिक शिष्टाचार के दौरान ही राहुल की निगाह ड्राईंग रूम में शीशे की वार्डरोब में सजी रखी आला हजरत की किताबों पर पड़ी। वह फौरन उस ओर बढ़ गए और किताबों को देखने लगे। जिज्ञासा वश पूछा यह किताबें कैसी हैं। तो सुब्हानी मियां ने बताया कि यह आला हजरत की लिखीं किताबें हैं जो शरियत, कुरान का अनुवाद और फतवों आदि की हैं। बताया कि आला हजरत ने लगभग 13 सौ किताबें लिखीं हैं। जिन पर कई जगह शोध भी हो रहा है।
इस दौरान हाजी जावेद व शाहिद नूरी ने उन्हें एक फोटो एलबम दिखाई। जिसमें उनका पिछली बार दरगाह आने का फोटो था। दूसरा उनकी दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आने की फोटो थी। इतना देखते ही उन्होंने एलबम हाथ में ले ली और एक एक पेज पलट कर देखने लगे। इसी बीच उनकी नजर एलबम में लगे उनके पिछले समाचार पर पड़ी तो वह उसे पढ़ने भी लगे। हाजी जावेद ने कैप पहना कर स्वागत किया।
बिना बात नजरों और मुस्कराहट से संवाद
उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए सूबे में कांग्रेस की जमीन तैयार करने निकले कांग्रेस उपाध्यक्ष का रोड शो बुधवार को शहर के जिन इलाकों में हुआ, वे भाजपा का गढ़ माने जाते हैं। रोड शो करते हुए राहुल बिना बात किए संवाद की कला बखूबी सीख गए हैं। वह युवाओं को देखकर मुस्कुराते हुए दाहिना हाथ हिलाकर उनका ध्यान खींचने की कोशिश करते तो महिलाओं और बड़े-बुजुर्गों को दोनों हाथ जोड़कर अभिवादन करते।
शहामतगंज स्थित मौलाना आजाद इंटर कालेज से रोड शो की शुरुआत करके शहर में किला तक जहां-जहां से काफिला निकला, कांग्रेस उपाध्यक्ष ने बुलेट प्रूफ वाहन पर खड़े होकर हर तरफ खड़े लोगों का अभिवादन किया। आलमगीरीगंज, बड़ा बाजार और साहूकारा में बहुत सारे महिला, पुरुष और बच्चे छत से खड़े होकर राहुल को देख रहे थे। उनका भी हाथ हिलाकर उन्होंने अभिवादन किया। बच्चे भी जवाब में हाथ हिलाने लगते तो कांग्रेस उपाध्यक्ष मुस्कुरा देते। रोड शो में कार्यकर्ताओं की भीड़ से इतर राह चलते किसी पर नजर पड़ जाती तो भी वह उसका हाथ जोड़कर ध्यान खींचने लगते। दुकानों पर बैठे लोगों को भी उन्होंने नजर से नजर मिलाकर अभिवादन स्वीकार करने की कोशिश की। राहुल गांधी का पूरा प्रयास बिना बातचीत के ही हर व्यक्ति से अपने खास अंदाज में जुड़ाव बनाने की रही। इसके लिए अपने वाहन के बगल में खड़े लोगों से हाथ भी मिलाने लगते। उनके नीचे झुककर हाथ मिलाने से एसपीजी वालों को सांसें अटकने लगतीं फिर भी वह नहीं माने। दरगाह आला हजरत पहुंचने के रास्ते में मिले बहुत सारे लोगों से उन्होंने हाथ मिलाया। आलमगीरीगंज की मिर्धान गली में काफिला रुकवा लिया और वयोवृद्ध कांग्रेसी ओमकारनाथ शास्त्री के घर गए। उनसे मुलाकात की। इस तरह उन्होंने पुराने कांग्रेसियों के सम्मान का संदेश भी दिया।
ऐरन ने सारथी बन कराया नगर दर्शन
पूरे रोड शो का संचालन पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन के हाथ में रहा। वह रोड शो में मुख्य वाहन में राहुल गांधी के साथ उनके बगल में पूरे समय रहे और माइक संभालकर रास्ते भर लोगों का नाम लेकर परिचय कराते रहे।राहुल ने उनसे सवाल भी किया आप इतने लोगों को नाम से कैसे जानते हैं। आलमगीरीगंज में कई सराफा और दुकानदारों के नाम लिए। स्वागत करने वालों का परिचय भी कराते रहे। बड़ा बाजार, साहूकारा और किला बाजार में भी माइक से कई लोगों का नाम लिया। राहुल गांधी के वाहन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम पाल, जिलाध्यक्ष रामदेव पांडेय और महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम भी रहे। जितिन बीच-बीच में कई बार वाहन से उतरकर रोड शो में पैदल भी चले। जबकि कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी तो लगातार पैदल ही वाहन के आगे रोड शो में चलते रहे।
धोपेश्वरनाथ के पुजारी ने तिलक लगाकर दिया आशीर्वाद
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नाथ नगरी के प्रसिद्ध धोपेश्वरनाथ मंदिर में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन और पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन समेत तमाम कांग्रेसी नेताओं के साथ बुधवार सुबह 10.50 बजे भगवान शिव की पूजा अर्चना की। कड़ी सुरक्षा में राहुल गांधी तेज कदमों से मंदिर तक गए। जिलाध्यक्ष रामदेव पांडेय और महासचिव रवींद्र मिश्रा आदि कांग्रेसी राहुल गांधी को मंदिर के अंदर लेकर गए। पुजारी हरीश उपाध्याय ने गणेश वंदना के बाद वेदमंत्र पढ़कर उनके हाथ धुलवाए। फिर शिवाष्टि पढ़ा। इसके बाद राहुल गांधी ने भगवान शिव को जल, बेल पत्र, दूध, पुष्प और फल अर्पित कर पूजा अर्चना की। पुजारी ने राहुल गांधी के माथे पर तिलक लगाया और मंत्रोच्चारण से संक्षिप्त आरती कर प्रसाद भेंट किया। राहुल गांधी मंदिर में 15 मिनट तक रहे। इस दौरान अन्य श्रद्धालुओं के मंदिर जाने पर पुलिस ने रोक लगा दी थी।