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पीलीभीत सामूहिक हत्याकांड : तंत्र मंत्र के बहाने पूरे परिवार को पिलाया था जहर मिला दूध
Thu, 10 Jan 2019 06:10 PM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पीलीभीत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पीलीभीत
Published by: राजेश सैनी
Updated Thu, 10 Jan 2019 06:10 PM IST
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पीलीभीत
- फोटो : self
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जहानाबाद के बेनीपुर गांव में लूट के लिए ही सोमवार रात वेगराज समेत परिवार के पांच लोगों की जहर देकर हत्या की गई थी। एडीजी प्रेमप्रकाश ने बृहस्पतिवार को हत्या आरोपी गुलशेर को गिरफ्तार कर इसका खुलासा किया। आरोपी से 3.85 लाख रुपये भी बरामद हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी गुलशेर ने कबूल किया कि उसने और उसके साथी इकरार ने जहर मिला दूध पिलाने के लिए तंत्र-मंत्र का ढोंग किया था ताकि परिवार के पांचों लोग बिना विरोध के एक साथ दूध पी लें। रिटायर्ड रेलवे कर्मी वेगराज के बेटे नेमचंद के दोस्त गुलशेर ने साथियों की मदद से वेगराज (60), उनकी पत्नी रामवती (55), बेटा नेमचंद (38), पुत्रवधू ममता (35) और विवाहित बेटी गायत्री (30) की दूध में जहर देकर हत्या की थी। गुलशेर भोजीपुरा (बरेली) के गांव खंजनपुर का रहने वाला है।
मंगलवार सुबह मकान से आधा किलोमीटर दूर एक खेत में नेमचंद के बेहोशी की हालत में मिलने पर हत्याकांड का खुलासा हुआ था। घर में बाकी चार सदस्यों के शव मिले थे। बरेली ले जाते वक्त रास्ते में नेमचंद ने भी दम तोड़ दिया था। एटा से आए बड़े बेटे चेतराम ने प्लॉट खरीदने के लिए रखे साढ़े सात लाख रुपये और एक लाख कीमत के जेवरात गायब होने की बात कही थी। ग्रामीणों के बताने पर दो मेहमानों के सोमवार रात वेगराज के घर आने का पता लगा था। इन दोनों को नेमचंद ही पड़ोसी भगवान दास की बाइक से शाही स्टेशन से घर तक लेकर आया था। इसी से पुलिस को लूट के लिए हत्या की सुराग मिला।
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एडीजी प्रेमप्रकाश ने खुलासा किया कि हत्या गुलशेर ने अपने साथी इकरार और संजीव के साथ मिलकर की थी। वारदात के दिन इकरार उसके साथ आया था, जबकि प्लानिंग में संजीव भी शामिल था। अभी तक पुलिस गुलशेर को ही गिरफ्तार कर पाई है। उसके पास से लूटे गए रुपयों में से 3.85 लाख मिल गए हैं। दूध में दिए गए जहर (न्यूबॉन) की शीशी और गिलास भी पुलिस ने निशानादेही पर बरामद होना बताया है। संजीव और इकरार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
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पुलिस के मुताबिक आरोपी गुलशेर ने कबूल किया कि उसने और उसके साथी इकरार ने जहर मिला दूध पिलाने के लिए तंत्र-मंत्र का ढोंग किया था ताकि परिवार के पांचों लोग बिना विरोध के एक साथ दूध पी लें। रिटायर्ड रेलवे कर्मी वेगराज के बेटे नेमचंद के दोस्त गुलशेर ने साथियों की मदद से वेगराज (60), उनकी पत्नी रामवती (55), बेटा नेमचंद (38), पुत्रवधू ममता (35) और विवाहित बेटी गायत्री (30) की दूध में जहर देकर हत्या की थी। गुलशेर भोजीपुरा (बरेली) के गांव खंजनपुर का रहने वाला है।
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मंगलवार सुबह मकान से आधा किलोमीटर दूर एक खेत में नेमचंद के बेहोशी की हालत में मिलने पर हत्याकांड का खुलासा हुआ था। घर में बाकी चार सदस्यों के शव मिले थे। बरेली ले जाते वक्त रास्ते में नेमचंद ने भी दम तोड़ दिया था। एटा से आए बड़े बेटे चेतराम ने प्लॉट खरीदने के लिए रखे साढ़े सात लाख रुपये और एक लाख कीमत के जेवरात गायब होने की बात कही थी। ग्रामीणों के बताने पर दो मेहमानों के सोमवार रात वेगराज के घर आने का पता लगा था। इन दोनों को नेमचंद ही पड़ोसी भगवान दास की बाइक से शाही स्टेशन से घर तक लेकर आया था। इसी से पुलिस को लूट के लिए हत्या की सुराग मिला।
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एडीजी प्रेमप्रकाश ने खुलासा किया कि हत्या गुलशेर ने अपने साथी इकरार और संजीव के साथ मिलकर की थी। वारदात के दिन इकरार उसके साथ आया था, जबकि प्लानिंग में संजीव भी शामिल था। अभी तक पुलिस गुलशेर को ही गिरफ्तार कर पाई है। उसके पास से लूटे गए रुपयों में से 3.85 लाख मिल गए हैं। दूध में दिए गए जहर (न्यूबॉन) की शीशी और गिलास भी पुलिस ने निशानादेही पर बरामद होना बताया है। संजीव और इकरार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।