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टैक्स कटौती के शिकंजे से बचने को शासन की शरण
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 08 May 2018 06:34 PM IST
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ना-ना करते आखिरकार नगर निगम ने बोर्ड बैठक में तय की गई टैक्स की दरों को मंजूरी के लिए शासन को भेज ही दिया। ऐसा इसलिए किया गया है कि टैक्स से आय कम होने के बाद नगर निगम को ऑडिट रिपोर्ट की आपत्ति को न झेलना पड़े। इसके चलते नई दरें लागू होने का मामला कुछ दिन के लिए और टल गया है। अब शासन की मंजूरी के बाद ही नई दरों को लागू किया जा सकेगा।
एक अप्रैल से नगर निगम में टैक्स की नई दरों को लागू किया जाना था। इसके लिए 28 मार्च को हुई बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव भी पास हो गया, जिसमें तय हुआ कि 2007-09 के दौरान की दरों को ही दस प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ लागू किया जाएगा। इससे लोगों को टैक्स में 35-50 प्रतिशत तक राहत मिलेगी। बोर्ड में प्रस्ताव पास होने के बाद कई दिन तो मामला एजेंडा जारी न होने के चलते फंसा रहा। एजेंडा जारी हुआ तो टैक्स अनुभाग की टीमों ने कई दिन की कोशिश के बाद नई दरें तैयार की हैं। अब इन दरों को अनुमोदन के लिए शासन को भेजा गया है। सूत्रों का कहना है कि टैक्स की दरें कम होने के बाद टैक्स से नगर निगम को होने वाली आय कम हो जाएगी। ऐसा होने के बाद मामला ऑडिट में फंस सकता है, जिसका जवाब नगर आयुक्त को देना पड़ेगा। इससे बचने के लिए ही नगर आयुक्त ने दरें कम होने का प्रस्ताव अनुमोदन के लिए शासन को भेजा है।
टैक्स छूट से वंचित रह जाएंगे लोग
नगर निगम वित्तीय वर्ष का टैक्स मई तक जमा करने पर लोगों को दस प्रतिशत छूट देता है। मगर नई दरें तय होने से हुई देरी के चलते करदाताओं को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल सकेगा।
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मेयर बोले- शासन से भी अनुमोदन हो जाएगा
टैक्स की दरें शासन को भेजे जाने के मुद्दे पर मेयर उमेश गौतम ने कहा कि बोर्ड से दरें पास हो चुकी हैं। जैसे विधानसभा से कोई भी प्रस्ताव पास होने के बाद अनुमोदन के लिए राज्यपाल के पास जाता है, वैसे ही इसे भी शासन को भेजा गया है। जब बोर्ड की मंजूरी मिल गई है तो शासन से भी अनुमोदन हो जाएगा।
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एक अप्रैल से नगर निगम में टैक्स की नई दरों को लागू किया जाना था। इसके लिए 28 मार्च को हुई बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव भी पास हो गया, जिसमें तय हुआ कि 2007-09 के दौरान की दरों को ही दस प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ लागू किया जाएगा। इससे लोगों को टैक्स में 35-50 प्रतिशत तक राहत मिलेगी। बोर्ड में प्रस्ताव पास होने के बाद कई दिन तो मामला एजेंडा जारी न होने के चलते फंसा रहा। एजेंडा जारी हुआ तो टैक्स अनुभाग की टीमों ने कई दिन की कोशिश के बाद नई दरें तैयार की हैं। अब इन दरों को अनुमोदन के लिए शासन को भेजा गया है। सूत्रों का कहना है कि टैक्स की दरें कम होने के बाद टैक्स से नगर निगम को होने वाली आय कम हो जाएगी। ऐसा होने के बाद मामला ऑडिट में फंस सकता है, जिसका जवाब नगर आयुक्त को देना पड़ेगा। इससे बचने के लिए ही नगर आयुक्त ने दरें कम होने का प्रस्ताव अनुमोदन के लिए शासन को भेजा है।
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टैक्स छूट से वंचित रह जाएंगे लोग
नगर निगम वित्तीय वर्ष का टैक्स मई तक जमा करने पर लोगों को दस प्रतिशत छूट देता है। मगर नई दरें तय होने से हुई देरी के चलते करदाताओं को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल सकेगा।
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मेयर बोले- शासन से भी अनुमोदन हो जाएगा
टैक्स की दरें शासन को भेजे जाने के मुद्दे पर मेयर उमेश गौतम ने कहा कि बोर्ड से दरें पास हो चुकी हैं। जैसे विधानसभा से कोई भी प्रस्ताव पास होने के बाद अनुमोदन के लिए राज्यपाल के पास जाता है, वैसे ही इसे भी शासन को भेजा गया है। जब बोर्ड की मंजूरी मिल गई है तो शासन से भी अनुमोदन हो जाएगा।