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बरसात में ढह गई नाले की दीवार और कट गई सड़क

Sat, 13 Jul 2019 02:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2019 02:22 AM IST
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Nagar Nigam
बरेली। बीडीए कॉलोनी तुलाशेरपुर में निगम के वाहन की चपेट में आकर करीब सात दिन पहले क्षतिग्रस्त हुई नाले की दीवार बृहस्पतिवार रात में ढह गई। इसके साथ ही सड़क भी नदी में तब्दील हुए नाले में समा गई। साथ ही आसपास के पेड़ और बिजली के पोल भी धराशायी हो गए। नगर निगम की लापरवाही के चलते अब यहां के दर्जन भर से ज्यादा घर खतरे में आ गए हैं, लेकिन अफसर शुक्रवार को दिन भर प्लानिंग ही करते रहे।
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शहर के एक बड़े हिस्से का पानी तुलाशेरपुर नाले से होकर नकटिया नदी में पहुंचता है। पार्षद पति चमन सक्सेना ने बताया कि सप्ताह भर पहले नगर निगम की गाड़ी यहां से कूड़ा लेकर निकली तो नाले की दीवार उससे क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद पानी ने वहां रास्ता बना लिया। बृहस्पतिवार रात तेज बारिश में इस बड़े नाले की दीवार ढह गई। साथ ही आधी से ज्यादा सड़क भी इसमें समा गई। नाले के किनारे लगे दो पेड़ और बिजली के पोल भी उखड़कर उसमें गिर गए। चमन का आरोप है कि शुक्रवार सुबह उन्होंने नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. को फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल ही रिसीव नहीं की। इसके बाद चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर को फोन किया, लेकिन उन्होंने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। खतरनाक स्थिति होने के बावजूद मौके पर सिर्फ एक जेई गनेशी लाल और सुपरवाइजर खुवैब अली को भेजकर पल्ला झाड़ लिया।
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दहशत में रात भर जागते रहे लोग
बारिश के चलते रात करीब 12 बजे दीवार टूटने के बाद नाला नदी में तब्दील हो गया। सड़क का लगातार कटान होते देख वहां के लोग दहशत में आ गए और रात भर नहीं सोए। उन्हें चिंता थी कि अगर जल्द ही कटान नहीं रुका तो उनके घर भी खतरे में पड़ सकते हैं। क्योंकि नाले की दीवार ढहने से आसपास के निर्माण में भी दरारें आ गई हैं।
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चारपाई बही, बच्चा गिरने की चर्चा
लोगों ने बताया कि नाले के किनारे ही एक चारपाई पड़ी थी, जो सड़क कटने से नाले में बह गई। वहीं एक बच्चा और दो बकरी के भी नाले में गिरने की चर्चा रही। मगर बच्चा गिरने की किसी ने पुष्टि नहीं की।


दिन भर चली कागजी कवायद
दर्जन भर से ज्यादा घरों के खतरे में होने के बावजूद निगम के किसी बड़े अधिकारी ने मौके का निरीक्षण नहीं किया। दोपहर में एई सुशील सक्सेना पहुंचे। इसके बाद नगर निगम में वहां काम को लेकर प्लानिंग शुरू हुई। दोपहर बाद मौके पर बैरिकेडिंग कराकर रेता की बोरी पहुंचा दी गई हैं। शनिवार को यहां कटान रोकने के लिए काम किया जाएगा।
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