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Bareilly News: नगर निगम ने जल निगम की निर्माण शाखा पर टाली जिम्मेदारी, जलभराव बरकरार
Sat, 17 Feb 2024 04:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 17 Feb 2024 04:13 AM IST
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बरेली। अनुपमनगर के लोग करीब एक साल से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन नगर निगम समाधान नहीं निकाल पा रहा है। निगम के अफसर निरीक्षण और पत्राचार तक सीमित हैं। अब अफसरों ने स्थायी समाधान का मुद्दा जल निगम की निर्माण शाखा पर टाल दिया है। उनका कहना है कि जल निगम नालों का स्तर ठीक करवाएगा तो जल निकासी की समस्या दूर होगी। वहीं लोग समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
शहर के वार्ड संख्या सात में स्थित अनुपमनगर कॉलोनी में लाखों रुपये खर्च करके आशियाना बनवाने वाले लोगों के रास्ते में पानी भरा है। नागरिकों का कहना है कि वे टैक्स दे रहे हैं पर नगर निगम में सुनवाई नहीं हो रही। अफसर सुविधाओं के स्थान पर सिर्फ आश्वासन देकर टाल देते हैं। यह स्थिति तब है जबकि महापौर उमेश गौतम, नगर निगम और जल निगम की निर्माण शाखा के अभियंता मौके का दौरा कर चुके हैं। क्षेत्रीय नागरिक दो-दो बार नगर आयुक्त से मिल चुके हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ शहर को स्मार्ट बनाने का दावा है, स्वच्छता की रैकिंग में प्रथम आने की तैयारी है तो दूसरी ओर आम रास्ते पर गंदगी के साथ पानी भरा है। लोग गिर रहे हैं और निगम के अभियंता जल निकासी का इंतजाम नहीं करा पा रहे हैं। अमर उजाला में यहां की समस्या उठाए जाने पर नगर निगम ने पानी आने वाले स्थान पर मिट्टी डलवाकर खानापूर्ति की है। स्थाई समाधान का लोगों को इंतजार है।
कोट-
नगर निगम के अभियंताओं ने मौके का निरीक्षण कर लिया है। जलभराव न होने पाए, इसके लिए जिस रास्ते से पानी आता था उसे रोका गया है। वहीं नालों का जलस्तर लेने के बाद नाला निर्माण कराने के लिए जल निगम की निर्माण शाखा को तीन पत्र लिखे गए हैं। -सुनील यादव, अपर नगर आयुक्त
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कोट-
मैंने दो अभियंताओं को भेजा था, लेकिन अतिक्रमण और जलभराव के चलते नालों की जमीन से ऊंचाई की स्थिति पता नहीं चल सकी। मैंने नगर आयुक्त को मौके के वीडियो भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। जैसे ही जलभराव खत्म होगा तो सर्वेक्षण करके एस्टीमेट तैयार करेंगे। नाले का निर्माण जरूरी है, लोग वहां परेशान भी हो रहे हैं। -रघुवंशराम, परियोजना प्रबंधक, जल निगम की निर्माण शाखा
कोट-
मैंने पिछले दिनों मौके का दौरा किया था। अभियंताओं को भेजा। इसके बाद बदायूं रोड की ओर से आने वाला पानी रोका गया है। आम रास्ते में पानी कम हो गया है। आने वाले दिनों में लोगों को दिक्कत नहीं आएगी। स्थायी समाधान के लिए नाला बनाने के लिए मौके का सर्वेक्षण कराया जाना है। इसकी जिम्मेदारी जल निगम की निर्माण शाखा को दी गई है।- उमेश गौतम, महापौर
कर समय पर ले रहे, सुविधाएं देने में देरी
हम गृहकर और जलकर अदा कर रहे हैं लेकिन नगर निगम से सुविधाएं नहीं मिल रहीं। मेरे बेटे की शादी होनी है। इसलिए मैं बहुत ज्यादा परेशान था। रास्ते में पानी भरा है तो रिश्तेदार कैसे आएंगे जाएंगे। इसको लेकर मैं नगर आयुक्त से से तीन बार मिला। अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजे पर कहीं कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है। तहसील दिवस में एडीएम को भी प्रार्थना पत्र दिया था। अफसर एक-दूसरे पर टाल रहे हैं और जनता समस्या झेल रही है। - छेदालाल, सेवानिवृत्त, उप निरीक्षक, यूपी पुलिस
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शहर के वार्ड संख्या सात में स्थित अनुपमनगर कॉलोनी में लाखों रुपये खर्च करके आशियाना बनवाने वाले लोगों के रास्ते में पानी भरा है। नागरिकों का कहना है कि वे टैक्स दे रहे हैं पर नगर निगम में सुनवाई नहीं हो रही। अफसर सुविधाओं के स्थान पर सिर्फ आश्वासन देकर टाल देते हैं। यह स्थिति तब है जबकि महापौर उमेश गौतम, नगर निगम और जल निगम की निर्माण शाखा के अभियंता मौके का दौरा कर चुके हैं। क्षेत्रीय नागरिक दो-दो बार नगर आयुक्त से मिल चुके हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ शहर को स्मार्ट बनाने का दावा है, स्वच्छता की रैकिंग में प्रथम आने की तैयारी है तो दूसरी ओर आम रास्ते पर गंदगी के साथ पानी भरा है। लोग गिर रहे हैं और निगम के अभियंता जल निकासी का इंतजाम नहीं करा पा रहे हैं। अमर उजाला में यहां की समस्या उठाए जाने पर नगर निगम ने पानी आने वाले स्थान पर मिट्टी डलवाकर खानापूर्ति की है। स्थाई समाधान का लोगों को इंतजार है।
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नगर निगम के अभियंताओं ने मौके का निरीक्षण कर लिया है। जलभराव न होने पाए, इसके लिए जिस रास्ते से पानी आता था उसे रोका गया है। वहीं नालों का जलस्तर लेने के बाद नाला निर्माण कराने के लिए जल निगम की निर्माण शाखा को तीन पत्र लिखे गए हैं। -सुनील यादव, अपर नगर आयुक्त
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मैंने दो अभियंताओं को भेजा था, लेकिन अतिक्रमण और जलभराव के चलते नालों की जमीन से ऊंचाई की स्थिति पता नहीं चल सकी। मैंने नगर आयुक्त को मौके के वीडियो भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। जैसे ही जलभराव खत्म होगा तो सर्वेक्षण करके एस्टीमेट तैयार करेंगे। नाले का निर्माण जरूरी है, लोग वहां परेशान भी हो रहे हैं। -रघुवंशराम, परियोजना प्रबंधक, जल निगम की निर्माण शाखा
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मैंने पिछले दिनों मौके का दौरा किया था। अभियंताओं को भेजा। इसके बाद बदायूं रोड की ओर से आने वाला पानी रोका गया है। आम रास्ते में पानी कम हो गया है। आने वाले दिनों में लोगों को दिक्कत नहीं आएगी। स्थायी समाधान के लिए नाला बनाने के लिए मौके का सर्वेक्षण कराया जाना है। इसकी जिम्मेदारी जल निगम की निर्माण शाखा को दी गई है।- उमेश गौतम, महापौर
कर समय पर ले रहे, सुविधाएं देने में देरी
हम गृहकर और जलकर अदा कर रहे हैं लेकिन नगर निगम से सुविधाएं नहीं मिल रहीं। मेरे बेटे की शादी होनी है। इसलिए मैं बहुत ज्यादा परेशान था। रास्ते में पानी भरा है तो रिश्तेदार कैसे आएंगे जाएंगे। इसको लेकर मैं नगर आयुक्त से से तीन बार मिला। अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजे पर कहीं कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है। तहसील दिवस में एडीएम को भी प्रार्थना पत्र दिया था। अफसर एक-दूसरे पर टाल रहे हैं और जनता समस्या झेल रही है। - छेदालाल, सेवानिवृत्त, उप निरीक्षक, यूपी पुलिस