Bareilly News: आगरा फोर्ट ट्रेन को किया जाए नियमित, बरेली के सांसद छत्रपाल ने संसद में उठाई मांग
आगरा फोर्ट एक्सप्रेस का नियमित संचालन न होने से उत्तराखंड, पीलीभीत, बदायूं, बरेली और कासगंज के यात्रियों को खासी परेशानी होती है। लंबे समय से इसका नियमित संचालन करने की मांग उठ रही है। अब बरेली सांसद ने फिर संसद में मांग रखी है।
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बरेली के भाजपा सांसद छत्रपाल गंगवार ने आमजन की समस्या को देखते हुए आगरा फोर्ट ट्रेन के नियमित संचालन की मांग संसद में रखी है। यह मांग कई बार सांसदों ने जीएम की बैठक में भी रखी थी, लेकिन नियमित संचालन की मांग अब तक पूरी नहीं हो पाई है।
बरेली लोकसभा सीट से सांसद छत्रपाल गंगवार ने संसद में शून्यकाल में मुद्दे को रखते हुए कहा कि ट्रेन संख्या 15055-15056 आगरा फोर्ट एक्सप्रेस रामनगर से चलकर आगरा तक जाती है। इसका संचालन उत्तर मध्य रेलवे की ओर से वर्तमान में सप्ताह में तीन दिन यानी रविवार, मंगलवार और शुक्रवार को किया जा रहा है। इस ट्रेन की सेवा से उत्तराखंड, पीलीभीत, बरेली, बदायूं और कासगंज की जनता ले रही है।
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तीन दिन संचालन की वजह से शेष तीन दिन इन जिलों की जनता को विभिन्न संसाधनों की तलाश में भटकना पड़ता है। इसकी वजह से जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री से मांग करते हुए कहा कि अगर आगरा फोर्ट एक्सप्रेस का संचालन नियमित रूप से कर दिया जाए तो जनता को समस्याओं से निजात मिलेगी।
अमर उजाला लगातार उठाता रहा है यह मुद्दा
आगरा फोर्ट एक्सप्रेस के नियमित संचालन के मुद्दे को अमर उजाला अपने समाचार पत्र के माध्यम से लगातार उठाता रहा है। पीलीभीत-मैलानी-लखनऊ रेलमार्ग के आमान परिवर्तन से पहले तक लखनऊ से आगरा के बीच आगरा फोर्ट एक्सप्रेस का नियमित संचालन होता था।
पूर्व सांसद और वर्तमान में राज्यपाल ने दिया था तीन बार प्रस्ताव
पूर्व सांसद और वर्तमान में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार भी आगरा फोर्ट के नियमित संचालन के लिए तीन बार प्रस्ताव दे चुके हैं। लेकिन कोई मंजूरी नहीं मिली। उस दौरान भी आगरा मंडल में ट्रेन के लिए पथ न मिलने की समस्या आड़े आई थी।
फाइलें खंगालने तक ही सीमित रहा है प्रस्ताव
जीएम ने सांसदों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद इज्जतनगर मंडल कार्यालय से इसकी रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद कार्यालय में पुरानी फाइलें खंगालने का कार्य शुरू हुआ था। लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में रह गया।