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Bareilly News: फरीदपुर में सर्वाधिक बैनामे... नवाबगंज पिछड़ा, पर 15 फीसदी बढ़ाया राजस्व
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बरेली। भूमि, भवन, फ्लैट आदि की खरीद-बिक्री में शहर के सापेक्ष ग्रामीण इलाका अव्वल रहा। लिहाजा, बीते वित्त वर्ष में राजस्व में 4.10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। फरीदपुर का निबंधन कार्यालय बैनामों के मामले में अव्वल रहा। नवाबगंज तहसील के निबंधन कार्यालय में बैनामे सबसे कम हुए, पर राजस्व में करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
निबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 के सापेक्ष 2024-25 में फरीदपुर निबंधन कार्यालय में 3,501 बैनामे ज्यादा हुए। 3,367 बैनामों की वृद्धि के साथ सदर तहसील का निबंधक कार्यालय दूसरे स्थान पर रहा। क्रमवार बहेड़ी में 726, आंवला में 360, मीरगंज में 240 बैनामे अधिक हुए। तहसील सदर के निबंधन कार्यालय द्वितीय में 153 बैनामा कम हुए, पर राजस्व 2.61 फीसदी अधिक रहा। नवाबगंज में 978 बैनामे कम हुए। यह सबसे निचले पायदान पर रहा, पर राजस्व में 14.74 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
एआईजी स्टांप तेज सिंह यादव के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 में शासन से 70.2 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष 62.3 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त किया गया। यह लक्ष्य का 88.83 फीसदी रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के सापेक्ष इसमें 4.10 फीसदी बढ़ोतरी हुई है।
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1,17,955 बैनामे हुए, 52.24 करोड़ के स्टांप बिके
निबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में 1,17,955 बैनामे हुए। 52.24 करोड़ रुपये के स्टांप बिके। निबंधन से 10.10 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व कर के तौर पर मिला। वित्त वर्ष 2023-24 में 1,10,892 बैनामे हुए थे। 50.20 करोड़ रुपये के स्टांप बिके थे।
शहर में जमीन खरीदना हुआ महंगा
रियल एस्टेट कारोबारियों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में घर बनाना अब आसान नहीं। सर्किल रेट भी पहुंच के बाहर हैं और संपत्ति का बाजार मूल्य भी कई गुना ज्यादा है। फरीदपुर में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहा है। दो निजी यूनिवर्सिटी समेत शाहजहांपुर होते हुए राजधानी के लिए हाईवे भी गुजरता है। लिहाजा, महंगाई के दौर में भूमि में निवेश के लिए फरीदपुर अब विकल्प के तौर पर उभरा है। ब्यूरो
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निबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 के सापेक्ष 2024-25 में फरीदपुर निबंधन कार्यालय में 3,501 बैनामे ज्यादा हुए। 3,367 बैनामों की वृद्धि के साथ सदर तहसील का निबंधक कार्यालय दूसरे स्थान पर रहा। क्रमवार बहेड़ी में 726, आंवला में 360, मीरगंज में 240 बैनामे अधिक हुए। तहसील सदर के निबंधन कार्यालय द्वितीय में 153 बैनामा कम हुए, पर राजस्व 2.61 फीसदी अधिक रहा। नवाबगंज में 978 बैनामे कम हुए। यह सबसे निचले पायदान पर रहा, पर राजस्व में 14.74 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
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एआईजी स्टांप तेज सिंह यादव के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 में शासन से 70.2 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष 62.3 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त किया गया। यह लक्ष्य का 88.83 फीसदी रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के सापेक्ष इसमें 4.10 फीसदी बढ़ोतरी हुई है।
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1,17,955 बैनामे हुए, 52.24 करोड़ के स्टांप बिके
निबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में 1,17,955 बैनामे हुए। 52.24 करोड़ रुपये के स्टांप बिके। निबंधन से 10.10 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व कर के तौर पर मिला। वित्त वर्ष 2023-24 में 1,10,892 बैनामे हुए थे। 50.20 करोड़ रुपये के स्टांप बिके थे।
शहर में जमीन खरीदना हुआ महंगा
रियल एस्टेट कारोबारियों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में घर बनाना अब आसान नहीं। सर्किल रेट भी पहुंच के बाहर हैं और संपत्ति का बाजार मूल्य भी कई गुना ज्यादा है। फरीदपुर में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहा है। दो निजी यूनिवर्सिटी समेत शाहजहांपुर होते हुए राजधानी के लिए हाईवे भी गुजरता है। लिहाजा, महंगाई के दौर में भूमि में निवेश के लिए फरीदपुर अब विकल्प के तौर पर उभरा है। ब्यूरो