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ज्यादा दूध, बेहतर उत्पाद और खूब रोजगार
बहेड़ी।
Updated Sun, 23 Apr 2017 01:28 AM IST
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ज्यादा दूध, बेहतर उत्पाद और खूब रोजगार
- फोटो : More milk, better product and a lot of employment
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यूपी उत्तराखंड की सीमा के किनारे फोरलेन पर बसे मुड़िया मुकर्रमपुर गांव में सरकार को चार साल पहले करीब 326 एकड़ जमीन सीलिंग (सरप्लस) में मिली थी। तत्कालीन सरकार ने पशु पालकों के विकास के लिए 40 एकड़ जमीन पर देश की सबसे बडी ऐंब्रियो ट्रांसवर टेक्नालाजी ईटीटी लैब और 250 एकड़ जमीन पर मेगा फूड पार्क बनाने का प्रस्ताव पास किया था। साथ ही गांव के करीब 20 लोगों को 20 एकड़ जमीन पट्टे पर दी थी। इन दोनों प्रोजेक्ट का प्रस्ताव पास कर करीब 28 करोड़ रुपये के बजट पास हुआ था। बाद में इसे बढ़ाकर 36 करोड़ रुपये कर दिया गया। सरकार बदली तो इस योजना को जल्द से जल्द पूरा कराने के आदेश हो गए। निर्माण उप्र राजकीय निर्माण निगम कर रहा है।
क्या है पशु उत्थान वर्ध शंकर केंद्र -
डीएम सुरेंद्र सिंह के मुताबिक, इसमें एडवांस ऐंब्रियो ट्रांसवर टेक्नालाजी के जरिये ऐंब्रियो का ट्रांसप्लेंट कर उच्च गुणवत्ता के पशु तैयार किए जाते हैं। यह लैब स्थापित होने के बाद उच्च गुणवत्ता के नर व मादा पशु तैयार होंगे। इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी। लैब का मुख्य उद् देश्य ऐसी ब्रीड तैयार करना है जो क्लाइमेट के हिसाब से एडजस्ट करे, कम से कम रोग हों और दूध की मात्रा ज्यादा हो।
कैसा होगा मेगा फूड पार्क -
ढाई सौ एकड़ में बन रहे मेगा फूड पार्क में करीब सौ से ज्यादा फैक्ट्रियां लगेंगी जो मिल्क, साफ्ट ड्रिंक और अन्य उत्पाद बनाएंगी। दूध, मक्खन, दही, खीर, ब्रेड, कोल्ड ड्रिंक, घी, छाछ आदि का निर्माण होगा आदि होंगे। इसमें क्षेत्र के करीब बीस हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। बाबा रामदेव ने पतंजलि के लिए भी सौ एकड़ जमीन की डिमांड की है। प्रोजेक्ट का उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम की देखरेख में हो रहा है।
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सौ एकड़ जमीन का प्रस्ताव भी भेजा
मेगा फूड पार्क के लिए ढाई सौ एकड़ जमीन कम पड़ रही है। अभी सौ एकड़ जमीन की और आवश्यकता है। गांव से सटी करीब सौ एकड़ जमीन को क्षेत्र के करीब चालीस किसानों से खरीदने के लिए वार्ता करने के बाद शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इस सौ एकड़ जमीन को मेगा फूड पार्क का हिस्सा बनाकर करीब पचास और फैक्ट्रियों को जगह दी जाएगी।
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क्या है पशु उत्थान वर्ध शंकर केंद्र -
डीएम सुरेंद्र सिंह के मुताबिक, इसमें एडवांस ऐंब्रियो ट्रांसवर टेक्नालाजी के जरिये ऐंब्रियो का ट्रांसप्लेंट कर उच्च गुणवत्ता के पशु तैयार किए जाते हैं। यह लैब स्थापित होने के बाद उच्च गुणवत्ता के नर व मादा पशु तैयार होंगे। इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी। लैब का मुख्य उद् देश्य ऐसी ब्रीड तैयार करना है जो क्लाइमेट के हिसाब से एडजस्ट करे, कम से कम रोग हों और दूध की मात्रा ज्यादा हो।
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कैसा होगा मेगा फूड पार्क -
ढाई सौ एकड़ में बन रहे मेगा फूड पार्क में करीब सौ से ज्यादा फैक्ट्रियां लगेंगी जो मिल्क, साफ्ट ड्रिंक और अन्य उत्पाद बनाएंगी। दूध, मक्खन, दही, खीर, ब्रेड, कोल्ड ड्रिंक, घी, छाछ आदि का निर्माण होगा आदि होंगे। इसमें क्षेत्र के करीब बीस हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। बाबा रामदेव ने पतंजलि के लिए भी सौ एकड़ जमीन की डिमांड की है। प्रोजेक्ट का उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम की देखरेख में हो रहा है।
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सौ एकड़ जमीन का प्रस्ताव भी भेजा
मेगा फूड पार्क के लिए ढाई सौ एकड़ जमीन कम पड़ रही है। अभी सौ एकड़ जमीन की और आवश्यकता है। गांव से सटी करीब सौ एकड़ जमीन को क्षेत्र के करीब चालीस किसानों से खरीदने के लिए वार्ता करने के बाद शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इस सौ एकड़ जमीन को मेगा फूड पार्क का हिस्सा बनाकर करीब पचास और फैक्ट्रियों को जगह दी जाएगी।