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भूखे रहने से हमलावर हो रहे हैं बंदर

Tue, 13 Mar 2018 06:18 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Tue, 13 Mar 2018 06:18 PM IST
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Monkey attacks increases due to starvation
बन्दर - फोटो : SELF
अगर आपको बाइक से पीलीभीत के जंगल से होकर गुजरना पड़े तो बेहद सतर्क रहें। वहां बाघ का ही नहीं अब बंदरों भी खतरा है। बंदर आप पर अचानक हमला करके लहूलुहान कर सकते हैं। दरअसल, भूख ने उन्हें हमलावर बना दिया है। एक महीने में बंदरों के हमलों के मामले तेजी से बढ़े हैं। वैज्ञानिक मान रहे हैं कि आसानी से खाना न मिलने से उनमें हमलावर होने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। वैज्ञानिक इसे प्राकृतिक असंतुलन का कारण भी मान रहे हैं। फलदार वृक्ष तेजी से खत्म हुए हैं। पीलीभीत के जंगलों में फलदार वृक्ष बहुत कम हैं। इससे बंदरों को भरपेट खाना नहीं मिल पा रहा। वैज्ञानिकों ने यह भी माना कि अगर लंबे समय तक बंदर एक जैसे हालात में रहते हैं तो वे और भी खतरनाक हो सकते हैं। 
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शुक्रवार को कई लोगों को बनाया निशाना
पीलीभीत में गजरौला-पूरनपुर मार्ग पर करीब चार किलोमीटर जंगल पड़ता है। शुक्रवार को हाईवे किनारे बंदरों के झुंड ने दर्जनों लोगों पर हमला किया। पांच लोग बाइक से गिरकर घायल हो गए। एक बाइक सवार के पैर से मांस नोच लिया। आसपास के लोगों से इसका कारण पूछा तो उनका कहना था कि इन दिनों लोगों ने इनको खाने का सामान डालना कम कर दिया है। भूख के कारण ये आते जाते लोगों पर हमला कर रहे हैं। वहां पास में मंदिर भी है। वहां बैठे लोगों ने भी बताया कि पहले बंदरों का ऐसा बर्ताव कभी नहीं देखा। पिछले दिनों से ऐसी हरकत कर रहे हैं।
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छोटे जानवर तभी आक्रामक होते हैं जब उनको खतरा हो या फिर उनको खाना न मिले। इन दिनों इस तरह के मामले खासतौर से बंदरों में देखने को मिल रहे हैं। आसानी से खाना न मिलने के कारण उनमें आक्रामकता लगातार बढ़ रही है। - डॉ. एके शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक वाइल्ड लाइफ आईवीआरआई 
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भूखे होने पर बंदर सबसे ज्यादा हमलावर होते हैं। पीलीभीत के जंगलों की बात करें तो वहां फलदार वृक्ष कम हैं। जंगल के साल के पेड़ काफी हैं बंदरों को मजबूरन इन्हीं का फल खाना पड़ता है। सड़क किनारे अक्सर लोग इनको खाना डाल देते हैं। अगर वहां उनको खाना न मिले तो हमलावर जरूर होंगे। 

- डॉॅ. बीएम सिंह, पूर्व वैज्ञानिक आईवीआरआई



गिलहरी खा गई छिपकली
छोटे जीव जंतुओं में केवल बंदर ही नहीं बल्कि अन्य जीव भी भूख मिटाने के लिए आक्रामक हो रहे हैं। ऐसी एक घटना बरेली कॉलेज परिसर में भी हुई। गर्ल्स कॉमन रूम में उस वक्त लड़कियां चीख पड़ीं जब उन्होंने एक गिलहरी को छिपकली पर हमला करते देखा। देखते ही देखते गिलहरी छिपकली खा गई। बरेली कॉलेज के बॉटनी विभाग के डॉ. अलोक खरे ने बताया कि गिलहरी मांसाहारी नहीं होती। छिपकली खा जाने की घटना आश्चर्यचकित करने वाली है। खाना ने मिलने से कहीं ने कहीं छोटे जीव जंतु आक्रामक हो रहे हैं।
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