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Bareilly News: नियमित होगी भोजन की निगरानी... मरीजों को पसंद आना जरूरी
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बरेली। सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिल रहे भोजन की गुणवत्ता बेहतर है या नहीं, इसकी निगरानी अब नियमित होगी। प्रदेश भर से प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेकर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने दिशानिर्देश जारी किए हैं।
बरेली में भी पिछले दिनों सीएचसी पर भर्ती गर्भवतियों ने भोजन की गुणवत्ता घटिया होने का आरोप लगाया था। दो दिन तक जमकर हंगामा हुआ था। इस पर सीएचसी प्रभारी ने भोजन का ठेका लेने वाली फर्म के संचालक को नोटिस जारी किया था। कोविड महामारी के दौरान भी खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे।
हालांकि, महामारी के चलते स्वास्थ्यकर्मियों और प्रभारियों पर कोई खास कार्रवाई नहीं हुई। ठेकेदार को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। कोविड थमने के बाद अब भोजन की गुणवत्ता की भी निगरानी का आदेश जारी किया गया है। दिशानिर्देश में कहा है कि आईपीडी वार्ड में उपलब्ध कराए गए भोजन की नियमित जांच होगी। मरीज और उनके तीमारदारों से भोजन संबंधी फीडबैक लिया जाएगा। टेस्टिमोनियल को रिकॉर्ड कर उसे शेयर भी किया जाएगा, ताकि कोई अड़चन न रहे।
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जेनेरिक नाम से ही पर्चे पर लिखें दवा
प्रमुख सचिव ने सीएमओ और सीएमएस को निर्देश दिए हैं कि डॉक्टर पर्चे पर जेनरिक दवा का ही नाम लिखेंगे। कौन सी दवाएं अस्पताल में हैं और कौन सी नहीं हैं, इसकी सूचना भी बोर्ड पर चस्पा की जाए। आपातकालीन क्षेत्र में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ की डयूटी लगाने, मरीजों को एंबुलेंस, व्हीलचेअर, स्ट्रेचर मुस्तैदी से उपलब्ध कराएंगे। दस दिन के भीतर दिशानिर्देश के तहत व्यवस्थाएं हुई हैं या नहीं, इसकी सूचना चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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बरेली में भी पिछले दिनों सीएचसी पर भर्ती गर्भवतियों ने भोजन की गुणवत्ता घटिया होने का आरोप लगाया था। दो दिन तक जमकर हंगामा हुआ था। इस पर सीएचसी प्रभारी ने भोजन का ठेका लेने वाली फर्म के संचालक को नोटिस जारी किया था। कोविड महामारी के दौरान भी खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे।
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हालांकि, महामारी के चलते स्वास्थ्यकर्मियों और प्रभारियों पर कोई खास कार्रवाई नहीं हुई। ठेकेदार को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। कोविड थमने के बाद अब भोजन की गुणवत्ता की भी निगरानी का आदेश जारी किया गया है। दिशानिर्देश में कहा है कि आईपीडी वार्ड में उपलब्ध कराए गए भोजन की नियमित जांच होगी। मरीज और उनके तीमारदारों से भोजन संबंधी फीडबैक लिया जाएगा। टेस्टिमोनियल को रिकॉर्ड कर उसे शेयर भी किया जाएगा, ताकि कोई अड़चन न रहे।
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जेनेरिक नाम से ही पर्चे पर लिखें दवा
प्रमुख सचिव ने सीएमओ और सीएमएस को निर्देश दिए हैं कि डॉक्टर पर्चे पर जेनरिक दवा का ही नाम लिखेंगे। कौन सी दवाएं अस्पताल में हैं और कौन सी नहीं हैं, इसकी सूचना भी बोर्ड पर चस्पा की जाए। आपातकालीन क्षेत्र में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ की डयूटी लगाने, मरीजों को एंबुलेंस, व्हीलचेअर, स्ट्रेचर मुस्तैदी से उपलब्ध कराएंगे। दस दिन के भीतर दिशानिर्देश के तहत व्यवस्थाएं हुई हैं या नहीं, इसकी सूचना चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।