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Bareilly News: मोहम्मद आरिफ की अय्यारी निगल गई रोजगार, दुकानों का बचा मलबा और दुकानदारों पर कर्ज
Thu, 27 Nov 2025 02:41 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 27 Nov 2025 02:41 PM IST
सार
बरेली में आरिफ की मार्केट ध्वस्त होने से कई दुकानदारों का रोजगार छिन गया। अब वहां सिर्फ मलबा बचा है। पीड़ित व्यापारियों ने कहा कि लाखों रुपये डूबने से उनका चैन-सुकून छिन गया है।
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मलबे में तब्दील हुई मार्केट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली में मौलाना तौकीर रजा के करीबी मोहम्मद आरिफ की अय्यारी (धोखेबाजी) ने 16 व्यापारियों की रोजी-रोटी छीन ली। सजी-सजाई दुकान मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। आय ठप हो गई, अब कर्ज का बोझ सता रहा है। जिन पांच व्यापारियों ने दुकान खरीद ली थी, उनको मोटा नुकसान हुआ है। जिसने किराये पर ले रखी थी, उनकी पगड़ी आदि डूब गई है। सभी विकल्प तलाश रहे हैं।
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जगतपुर रोड के किनारे स्थित आरिफ की मार्केट में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली बुशरा खान ने दूसरी दुकान किराये पर लेकर अपना काम शुरू कर दिया है, लेकिन अभी सजावट नहीं कर पाई हैं। सैलून संचालक नदीम समेत अन्य व्यापारी कर्ज के बोझ तले दब गए हैं। किस्तें अदा करने की चिंता उन्हें परेशान कर रही है।
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मरते दम तक नहीं भूलेंगे यह दर्द
35 लाख रुपये में दुकान की रजिस्ट्री कराने वाले किला क्षेत्र के निवासी सादिक मेडिकल स्टोर खरीदने की तैयारी में थे। सात लाख रुपये खर्च कर फर्नीचर, काउंटर, शीशा आदि लगवाया था, लेकिन पलभर में ही उनके सपने बिखर गए। अब सादिक को रात में नींद नहीं आ रही है और दिन में सुकून नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि आरिफ के दिए दर्द को वह मरते दम तक नहीं भूलेंगे। कर्ज लेकर दुकान खरीदी थी। अब गम और आंसू के सिवाय कुछ नहीं बचा है।
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जगतपुर में पानी टंकी के पास रहने वाले तनवीर मलिक ने बताया कि दुकानों को खाली करने का मौका नहीं मिला। शनिवार रात में मॉर्केट सील हुई और सुबह 11 बजे से तोड़फोड़ शुरू हो गई थी। माहभर पहले चार लाख रुपये के फर्नीचर से दुकान सजाई थी। आरिफ को एडवांस में 50 हजार रुपये दिए थे। नौ हजार रुपये प्रतिमाह किराया दे रहे थे।
मार्केट की दूसरी मंजिल पर नदीम अपना सैलून चलाते थे। उन्होंने बताया कि 10 फीसदी ब्याज पर कर्ज लेकर आरिफ को 30,000 रुपये पगड़ी दी थी। दुकान सजाने में दो लाख रुपये खर्च किए थे। आठ हजार रुपये महीने किराया दे रहे थे। एक झटके में सबकुछ बर्बाद हो गया। काम छिन गया, अब ब्याज और उधार कहां से चुकाएंगे? नई दुकान भी नहीं मिल रही है।
जमीन के लिए करेंगे दावा
सराफ रुचिन अग्रवाल ने बताया कि जिस जमीन पर आरिफ ने 16 दुकानों की दो मंजिला मॉर्केट बनाई थी, वह उनकी पत्नी आसफा जमाल के नाम है। आरिफ ने पॉवर ऑफ अटार्नी के तहत उनको दो दुकानों की रजिस्ट्री की थी। इसके लिए उन्होंने 64 लाख रुपये आरिफ को दिए थे। मॉर्केट के भूतल पर पांच नंबर की दुकान भी थी। रुचिन ने कहा कि दुकानें ध्वस्त हो गईं, पर जमीन के लिए दावा करेंगे। उनकी तरह ही तीन अन्य लोगों ने भी आरिफ से दुकानें खरीदी थीं।
स्टे का झांसा देकर फंसाए रखा
पीलीभीत जिले के डॉ. महफूज ने 11 महीने का अनुबंध कराकर दुकान ली थीं। उनका एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम है। उन्होंने दुकान की सजावट में ही 8.50 लाख रुपये खर्च कर दिया था। बताया कि आरिफ को 1.50 लाख रुपये पगड़ी दे रखी है। 10 हजार रुपये महीने किराया देते थे।
आरिफ ने उन्हें अंधेरे में रखा। वह कहता रहा कि 15 दिन रुक जाओ, कोर्ट से स्टे मिलने वाला है, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिस दिन दुकान टूटी, महफूज लखनऊ में थे। वह सामान भी नहीं निकाल पाए। एसी, दो लैपटॉप, काउंटर, डायरियां, रजिस्टर, बच्चों का डाटा सब मलबे में दब गया। उन्होंने बताया कि अब वह आरिफ से नुकसान की भरपाई करने के लिए कह रहे हैं।
जमीन के लिए करेंगे दावा
सराफ रुचिन अग्रवाल ने बताया कि जिस जमीन पर आरिफ ने 16 दुकानों की दो मंजिला मॉर्केट बनाई थी, वह उनकी पत्नी आसफा जमाल के नाम है। आरिफ ने पॉवर ऑफ अटार्नी के तहत उनको दो दुकानों की रजिस्ट्री की थी। इसके लिए उन्होंने 64 लाख रुपये आरिफ को दिए थे। मॉर्केट के भूतल पर पांच नंबर की दुकान भी थी। रुचिन ने कहा कि दुकानें ध्वस्त हो गईं, पर जमीन के लिए दावा करेंगे। उनकी तरह ही तीन अन्य लोगों ने भी आरिफ से दुकानें खरीदी थीं।
स्टे का झांसा देकर फंसाए रखा
पीलीभीत जिले के डॉ. महफूज ने 11 महीने का अनुबंध कराकर दुकान ली थीं। उनका एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम है। उन्होंने दुकान की सजावट में ही 8.50 लाख रुपये खर्च कर दिया था। बताया कि आरिफ को 1.50 लाख रुपये पगड़ी दे रखी है। 10 हजार रुपये महीने किराया देते थे।
आरिफ ने उन्हें अंधेरे में रखा। वह कहता रहा कि 15 दिन रुक जाओ, कोर्ट से स्टे मिलने वाला है, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिस दिन दुकान टूटी, महफूज लखनऊ में थे। वह सामान भी नहीं निकाल पाए। एसी, दो लैपटॉप, काउंटर, डायरियां, रजिस्टर, बच्चों का डाटा सब मलबे में दब गया। उन्होंने बताया कि अब वह आरिफ से नुकसान की भरपाई करने के लिए कह रहे हैं।