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मॉकड्रिल : वेंटिलेटर का संचालन नहीं कर सका स्टाफ
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बरेली। कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित मिलने पर इलाज समेत अन्य व्यवस्थाएं परखने के लिए शुक्रवार को मॉकड्रिल हुई। तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय में मॉकड्रिल सफल रही मगर जब अफसरों ने स्टाफ से वेंटिलेटर संचालित करने को कहा तो उनके हाथ पांव फूल गए। वेंटिलेटर संचालन की कोशिश की मगर वह शुरू नहीं हो सका। जिसके बाद अन्य स्टाफ ने दूसरा वेंटिलेटर चलाकर दिखाया।
सुबह करीब 11 बजे तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय में मॉकड्रिल शुरू हुई। एंबुलेंस एक संक्रमित बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंची। अस्पताल का स्टाफ उसे एंबुलेंस से स्ट्रेचर के जरिए इमरजेंसी तक ले गया। जहां बच्ची के तापमान, ऑक्सीजन लेवल आदि जांच की गई। इसके बाद उसे वार्ड में इलाज के लिए शिफ्ट किया गया। इस दौरान सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह समेत अन्य अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे। इसके बाद सभी आईसीयू में पहुंचे। वहां पर वेंटिलेटर का संचालन करने का आदेश अधिकारी ने दिया तो स्टाफ घबरा गया। उससे वेंटिलेटर का संचालन ही नहीं हो सका। मौजूद अन्य स्टाफ ने विद्युत कनेक्शन या अन्य कोई तकनीकी होने की बात कही और फिर दूसरा वेंटिलेटर चलाकर दिखाया। अधिकारी ने स्टाफ को प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया।
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सुबह करीब 11 बजे तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय में मॉकड्रिल शुरू हुई। एंबुलेंस एक संक्रमित बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंची। अस्पताल का स्टाफ उसे एंबुलेंस से स्ट्रेचर के जरिए इमरजेंसी तक ले गया। जहां बच्ची के तापमान, ऑक्सीजन लेवल आदि जांच की गई। इसके बाद उसे वार्ड में इलाज के लिए शिफ्ट किया गया। इस दौरान सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह समेत अन्य अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे। इसके बाद सभी आईसीयू में पहुंचे। वहां पर वेंटिलेटर का संचालन करने का आदेश अधिकारी ने दिया तो स्टाफ घबरा गया। उससे वेंटिलेटर का संचालन ही नहीं हो सका। मौजूद अन्य स्टाफ ने विद्युत कनेक्शन या अन्य कोई तकनीकी होने की बात कही और फिर दूसरा वेंटिलेटर चलाकर दिखाया। अधिकारी ने स्टाफ को प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया।
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