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खराब मिड डे मील परोसने वाले स्कूल गुम
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 27 Jun 2016 12:59 AM IST
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने जिन तीन स्कूलों से मिड डे मील के नमूने लिए थे, उसमें से दो स्कूल गुम हो गए हैं। यह न तो कागजों में हैं और न कोई अन्य जानकारी है। अब बेसिक शिक्षा विभाग भी एफएसडीए विभाग के पत्र की राह देख रहा है।
एफएसडीए विभाग ने फरवरी में आलमपुर जाफराबाद के प्राइमरी विद्यालय डपटा श्यामपुर में मिड डे मील में परोसी गई आलू-टमाटर की सब्जी का सैंपल लिया था। नमूना जांच को भेजा गया तो इसमें सुडान डाई सेकंड केमिकल पाया गया। यह लीवर व किडनी के लिए खतरनाक है। अप्रैल में बहेड़ी के दो स्कूलों के मिड डे मील के नमूने लिए गए। इसकी रिपोर्ट में भी केमिकल मिला। बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से आलमपुर जाफराबाद के खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूछा गया है कि स्कूल ने कौन सा मसाला प्रयोग किया। बहेड़ी के दोनों स्कूलाें का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। बेसिक शिक्षा विभाग ने भी इस फेर में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
बहेड़ी में नहीं है दोनों स्कूल
खंड शिक्षा अधिकारी भानुशंकर गंगवार बताते हैं कि प्राथमिक विद्यालय बहेड़ी और मिर्जापुर बहेड़ी नाम से कोई स्कूल नहीं है। कहां से कब सैंपल लिए गए कुछ भी नहीं पता। रिपोर्ट में भी इसी नाम का जिक्र है। उनका कहना है कि सही स्कूल पता चले तब प्रधानाध्यापक से पूछताछ की जाए।
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वर्जन
आलमपुर जाफराबाद के स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा गया है, लेकिन बहेड़ी के दो स्कूलों के संबंध में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। एफएसडीए से सूचना मांगी गई है।
- ऐश्वर्या लक्ष्मी, बीएसए
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एफएसडीए विभाग ने फरवरी में आलमपुर जाफराबाद के प्राइमरी विद्यालय डपटा श्यामपुर में मिड डे मील में परोसी गई आलू-टमाटर की सब्जी का सैंपल लिया था। नमूना जांच को भेजा गया तो इसमें सुडान डाई सेकंड केमिकल पाया गया। यह लीवर व किडनी के लिए खतरनाक है। अप्रैल में बहेड़ी के दो स्कूलों के मिड डे मील के नमूने लिए गए। इसकी रिपोर्ट में भी केमिकल मिला। बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से आलमपुर जाफराबाद के खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूछा गया है कि स्कूल ने कौन सा मसाला प्रयोग किया। बहेड़ी के दोनों स्कूलाें का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। बेसिक शिक्षा विभाग ने भी इस फेर में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
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बहेड़ी में नहीं है दोनों स्कूल
खंड शिक्षा अधिकारी भानुशंकर गंगवार बताते हैं कि प्राथमिक विद्यालय बहेड़ी और मिर्जापुर बहेड़ी नाम से कोई स्कूल नहीं है। कहां से कब सैंपल लिए गए कुछ भी नहीं पता। रिपोर्ट में भी इसी नाम का जिक्र है। उनका कहना है कि सही स्कूल पता चले तब प्रधानाध्यापक से पूछताछ की जाए।
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आलमपुर जाफराबाद के स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा गया है, लेकिन बहेड़ी के दो स्कूलों के संबंध में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। एफएसडीए से सूचना मांगी गई है।
- ऐश्वर्या लक्ष्मी, बीएसए