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Bareilly News: ठंड से निपटने के लिए गोशालाओं में बदइंतजामी
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नवाबगंज। तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने बुधवार को क्षेत्र की छह से अधिक गोशालाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई गोशालाओं में ठंड से निपटने के इंतजाम नहीं मिले। हरे चारे तो कहीं गोशालाओं की हालत दयनीय मिली। दलेलनगर गांव की गोशाला की हालत सबसे खराब मिली। तहसीलदार ने नाराजगी जताते हुए गोशालाओं की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने के आदेश दिए।
बुधवार को तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने अपने सरकारी अमले के साथ नवाबगंज की छह से अधिक गोशालाओं का औचक निरीक्षण किया। वह सबसे पहले दलेलनगर गांव की गोशाला पहुंचे। वहां गोवंश ठंड में ठिठुरते मिले। उनके ऊपर झूल और हवा को रोकने के लिए तिरपाल की कोई व्यवस्था नहीं थी। भूसा तो मिला। लेकिन, हरा चारा नहीं था। उन्होंने नहरपुर गौरीखेड़ा, धिमरी, सूरजपुर परौरिया, मधुनगला गांंव की गोशालाओं का निरीक्षण किया। यहां भी पशुओ को ठंड से बचाने के कोई इंतजाम नहीं थे। तहसीलदार ने केयर टेकरों को पशुओं को ठंड से बचाने के लिये झूल, त्रिपाल और मानक के अनुसार चारा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने कहा कि तीन दिन बाद इन गोशालाओं का पुन: निरीक्षण किया जाएगा। यदि व्यवस्था में नहीं सुधरी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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राधेनगर गांव में 20 से अधिक पशु बीमार, पशुपालक परेशान
बिशारतगंज। मझगवां ब्लॉक के राधेनगर गांव में कई पशु मुंहपका व खुरपका रोग से पीड़ित हैं। गांव निवासी मुन्नालाल लोधी, प्रेमपाल,महिपाल, देवेंद्र, ताराचंद, राजेंद्र, जयपाल, देवपाल, वेदपाल, वीरेंद्र, पन्नालाल, विजयपाल आदि पशुपालकों ने बताया कि पशुओं में मुंहपका व खुरपका रोग तेजी से बढ़ रहा है। उनके 20 से अधिक पशु बीमार है। ग्रामीणों का आरोप है कि पशुओं के इलाज के सरकारी व्यवस्था न होने के कारण मजबूरन झोलाछाप पशु चिकित्सकों से इलाज कराना पड़ रहा है। पशुपालकों ने बताया कि उन्होंने पशु हेल्पलाइन पर कॉल की। एक एंबुलेंस से टीम आई, जो चार-पांच पशुओं का इलाज करके लौट गई। इस संदर्भ में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मनमोहन पांडे ने बताया कि बृहस्पतिवार को राधेनगर गांव में टीम भेजकर कैंप लगवाकर पशुपालकों की समस्या को सुनेंगे। पशुओं का उपचार किया जाएगा। संवाद
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बुधवार को तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने अपने सरकारी अमले के साथ नवाबगंज की छह से अधिक गोशालाओं का औचक निरीक्षण किया। वह सबसे पहले दलेलनगर गांव की गोशाला पहुंचे। वहां गोवंश ठंड में ठिठुरते मिले। उनके ऊपर झूल और हवा को रोकने के लिए तिरपाल की कोई व्यवस्था नहीं थी। भूसा तो मिला। लेकिन, हरा चारा नहीं था। उन्होंने नहरपुर गौरीखेड़ा, धिमरी, सूरजपुर परौरिया, मधुनगला गांंव की गोशालाओं का निरीक्षण किया। यहां भी पशुओ को ठंड से बचाने के कोई इंतजाम नहीं थे। तहसीलदार ने केयर टेकरों को पशुओं को ठंड से बचाने के लिये झूल, त्रिपाल और मानक के अनुसार चारा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
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तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने कहा कि तीन दिन बाद इन गोशालाओं का पुन: निरीक्षण किया जाएगा। यदि व्यवस्था में नहीं सुधरी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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राधेनगर गांव में 20 से अधिक पशु बीमार, पशुपालक परेशान
बिशारतगंज। मझगवां ब्लॉक के राधेनगर गांव में कई पशु मुंहपका व खुरपका रोग से पीड़ित हैं। गांव निवासी मुन्नालाल लोधी, प्रेमपाल,महिपाल, देवेंद्र, ताराचंद, राजेंद्र, जयपाल, देवपाल, वेदपाल, वीरेंद्र, पन्नालाल, विजयपाल आदि पशुपालकों ने बताया कि पशुओं में मुंहपका व खुरपका रोग तेजी से बढ़ रहा है। उनके 20 से अधिक पशु बीमार है। ग्रामीणों का आरोप है कि पशुओं के इलाज के सरकारी व्यवस्था न होने के कारण मजबूरन झोलाछाप पशु चिकित्सकों से इलाज कराना पड़ रहा है। पशुपालकों ने बताया कि उन्होंने पशु हेल्पलाइन पर कॉल की। एक एंबुलेंस से टीम आई, जो चार-पांच पशुओं का इलाज करके लौट गई। इस संदर्भ में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मनमोहन पांडे ने बताया कि बृहस्पतिवार को राधेनगर गांव में टीम भेजकर कैंप लगवाकर पशुपालकों की समस्या को सुनेंगे। पशुओं का उपचार किया जाएगा। संवाद