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14 दिन क्वारंटीन किए जाने के बाद घर वापसी पर भावुक हुए प्रवासी मजदूर
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बरेली के हरुनगला से अपनो घरों को रवाना होते प्रवासी मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
प्रशासन ने रोडवेज की बसों से सभी 447 लोगों को उनके घर भेजा
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लॉकडाउन के दौरान विभिन्न शेल्टर होम में ठहराए गए थे यह मजदूर
बरेली। लॉकडाउन के बाद शेल्टर होम में ठहराए गए 447 प्रवासी मजदूरों को बुधवार को उनके घर भेज दिया गया। 14 दिन क्वारंटीन रहने के बाद घर जाते वक्त कई मजदूर भावुक हो गए। प्रत्येक रोडवेज बस में 20-25 की संख्या में बैठाकर उन्हें उनके घर भिजवाया गया। वापसी के दौरान उन्हें 15 दिन का राशन भी दिया गया।
लॉकडाउन के दौरान प्रशासन ने शाहजहांपुर, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर सहित कई जिलों के रहने वाले प्रवासी मजदूरों को हरूनगला, फ्यूचर कॉलेज, मीरगंज, फरीदपुर आदि जगहों पर बनाए गए शेल्टर होम में क्वारंटीन किया गया था। उनकी समयावधि पूरी होने के बाद बुधवार को 447 प्रवासी मजदूरों को उनके घरों की ओर रवाना कर दिया गया। प्रशासन ने इन सभी के लिए 20 रोडवेज बसों की व्यवस्था की थी। प्रत्येक बस में सामाजिक दूरी के लिए केवल 20-25 लोगों को ही बैठने दिया गया। अब इन्हें अपने घर पहुंचकर 14 दिन के लिए क्वारंटीन रहना होगा। इन्हें इस अवधि में कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन ने सभी 447 प्रवासी मजदूरों को 15-15 दिन का राशन भी साथ भेजा है। हालांकि बिहार सहित दूसरे प्रांतों में रहने वाले 68 प्रवासी मजदूरों को उनके घर भिजवाने के लिए अभी कोई दिशा निर्देश शासन से नहीं मिले हैं।
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इन 447 लोगों को घरों के पास तक पहुंचाने के लिए बीस रोडवेज बसें लगाई गई थीं। बरेली व रुहेलखंड डिपो की दस-दस बसें सुबह ही निकल गई थीं। इनमें से पांच बसें सीतापुर भेजी गईं। बाकी को मिर्जापुर, बलिया, देवरिया, महाराजगंज, गोरखपुर, श्रावस्ती आदि जिलों में भेजा गया है। -चीनी प्रसाद, एआरएम कार्मिक बरेली डिपो
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मुरादाबाद से आए 20 प्रवासी मजदूर घर भिजवाए गए
लॉकडाउन में बरेली के 20 मजदूरों को मुरादाबाद में क्वारंटीन किया हुआ था। बुधवार को वहां से भी बरेली के 20 मजदूरों को सैटेलाइट पर पहुंचा दिया गया। इसके बाद एडीएम प्रशासन वीके सिंह ने इन सभी लोगों को उनके घरों पर भिजवाने की व्यवस्था की।
दूसरे प्रांतों को छोड़ बाकी सभी जगहों के मजदूरों को उनके घर पर भिजवाते हुए संबंधित जिलों के डीएम को भी इस संबंध में अवगत करा दिया गया है।
-वीके सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन
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लॉकडाउन के दौरान विभिन्न शेल्टर होम में ठहराए गए थे यह मजदूर बरेली। लॉकडाउन के बाद शेल्टर होम में ठहराए गए 447 प्रवासी मजदूरों को बुधवार को उनके घर भेज दिया गया। 14 दिन क्वारंटीन रहने के बाद घर जाते वक्त कई मजदूर भावुक हो गए। प्रत्येक रोडवेज बस में 20-25 की संख्या में बैठाकर उन्हें उनके घर भिजवाया गया। वापसी के दौरान उन्हें 15 दिन का राशन भी दिया गया।
लॉकडाउन के दौरान प्रशासन ने शाहजहांपुर, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर सहित कई जिलों के रहने वाले प्रवासी मजदूरों को हरूनगला, फ्यूचर कॉलेज, मीरगंज, फरीदपुर आदि जगहों पर बनाए गए शेल्टर होम में क्वारंटीन किया गया था। उनकी समयावधि पूरी होने के बाद बुधवार को 447 प्रवासी मजदूरों को उनके घरों की ओर रवाना कर दिया गया। प्रशासन ने इन सभी के लिए 20 रोडवेज बसों की व्यवस्था की थी। प्रत्येक बस में सामाजिक दूरी के लिए केवल 20-25 लोगों को ही बैठने दिया गया। अब इन्हें अपने घर पहुंचकर 14 दिन के लिए क्वारंटीन रहना होगा। इन्हें इस अवधि में कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन ने सभी 447 प्रवासी मजदूरों को 15-15 दिन का राशन भी साथ भेजा है। हालांकि बिहार सहित दूसरे प्रांतों में रहने वाले 68 प्रवासी मजदूरों को उनके घर भिजवाने के लिए अभी कोई दिशा निर्देश शासन से नहीं मिले हैं।
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इन 447 लोगों को घरों के पास तक पहुंचाने के लिए बीस रोडवेज बसें लगाई गई थीं। बरेली व रुहेलखंड डिपो की दस-दस बसें सुबह ही निकल गई थीं। इनमें से पांच बसें सीतापुर भेजी गईं। बाकी को मिर्जापुर, बलिया, देवरिया, महाराजगंज, गोरखपुर, श्रावस्ती आदि जिलों में भेजा गया है। -चीनी प्रसाद, एआरएम कार्मिक बरेली डिपो
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मुरादाबाद से आए 20 प्रवासी मजदूर घर भिजवाए गए
लॉकडाउन में बरेली के 20 मजदूरों को मुरादाबाद में क्वारंटीन किया हुआ था। बुधवार को वहां से भी बरेली के 20 मजदूरों को सैटेलाइट पर पहुंचा दिया गया। इसके बाद एडीएम प्रशासन वीके सिंह ने इन सभी लोगों को उनके घरों पर भिजवाने की व्यवस्था की।दूसरे प्रांतों को छोड़ बाकी सभी जगहों के मजदूरों को उनके घर पर भिजवाते हुए संबंधित जिलों के डीएम को भी इस संबंध में अवगत करा दिया गया है।
-वीके सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन