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एमडीएम में ‘खेल’ पर लगेगी रोक, समिति करेगी निगरानी
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बरेली। मिर्जापुर में एमडीएम (मिड डे मील) में बच्चों को नमक रोटी परोसने का मामला प्रकाश में आने के बाद अब सूबे में एमडीएम वितरण की निगरानी की जाएगी। एमडीएम परियोजना निदेशक के आदेश पर बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने पांच सदस्यीय समिति गठित कर एमडीएम की निगरानी के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। साथ ही, निगरानी के बावजूद खामियां मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पिछले दिनों भुता के जूनियर हाईस्कूल खटेली के एमडीएम में सूडियां परोसने का वीडियो वायरल हुआ था। इससे पूर्व मीरगंज बलेही प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम वितरण के मामले पर प्रधानाध्यपक पूरनलाल कश्यप पर प्रधान पति ने हमला किया था। इस पर शिक्षक संगठनों ने आक्रोश जताते हुए शासन को सौंपे ज्ञापन में एमडीएम वितरण से शिक्षकों को मुक्त करने की मांग की थी। बताया जाता है कि सूबे के अन्य जिलों से भी एमडीएम वितरण और प्रधानों के दवाब बनाए जाने की शिकायत शासन तक पहुंची थी। इसका संज्ञान लेेते हुए एमडीएम परियोजना निदेशक ने सूबे के सभी जिलों में ग्राम पंचायतवार समिति गठित करने का आदेश दिया है। इस पर बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने बीइओ को अपने-अपने क्षेत्रों में समिति का तत्काल गठन कराने और उसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम प्रधान होंगे अध्यक्ष
एमडीएम निगरानी के लिए गठित की जाने वाली समिति में ग्राम प्रधान अध्यक्ष, ग्राम पंचायत द्वारा मनोनीत दो महिलाएं व दो पुरुष (अभिभावक भी हों) सदस्य, पंचायत शिक्षा समिति के सदस्य, स्कूल प्रधानाध्यापक सचिव बनेंगे। इन्हें सरकारी गल्ले से राशन लाने, उसे पकाने और वितरण करने तक क ी निगरानी करनी होगी। साथ ही, इस दौरान स्वच्छता का भी ध्यान रखना होगा।
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यह हैं वितरण की गाइडलाइन
- मानकों के अनुसार भोजन वितरण
- वितरण से पहले भोजन चखना
- भोजन पकाने में प्रयोग सामग्री का बेहतर रखरखाव
- रसोइया को पोषण फिल्म दिखाकर प्रशिक्षित करना
- खाने के बाद छात्रों को हाथ धोने की जानकारी देना
- गठित टास्क फोर्स की ओर से स्थलीय निरीक्षण
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पिछले दिनों भुता के जूनियर हाईस्कूल खटेली के एमडीएम में सूडियां परोसने का वीडियो वायरल हुआ था। इससे पूर्व मीरगंज बलेही प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम वितरण के मामले पर प्रधानाध्यपक पूरनलाल कश्यप पर प्रधान पति ने हमला किया था। इस पर शिक्षक संगठनों ने आक्रोश जताते हुए शासन को सौंपे ज्ञापन में एमडीएम वितरण से शिक्षकों को मुक्त करने की मांग की थी। बताया जाता है कि सूबे के अन्य जिलों से भी एमडीएम वितरण और प्रधानों के दवाब बनाए जाने की शिकायत शासन तक पहुंची थी। इसका संज्ञान लेेते हुए एमडीएम परियोजना निदेशक ने सूबे के सभी जिलों में ग्राम पंचायतवार समिति गठित करने का आदेश दिया है। इस पर बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने बीइओ को अपने-अपने क्षेत्रों में समिति का तत्काल गठन कराने और उसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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ग्राम प्रधान होंगे अध्यक्ष
एमडीएम निगरानी के लिए गठित की जाने वाली समिति में ग्राम प्रधान अध्यक्ष, ग्राम पंचायत द्वारा मनोनीत दो महिलाएं व दो पुरुष (अभिभावक भी हों) सदस्य, पंचायत शिक्षा समिति के सदस्य, स्कूल प्रधानाध्यापक सचिव बनेंगे। इन्हें सरकारी गल्ले से राशन लाने, उसे पकाने और वितरण करने तक क ी निगरानी करनी होगी। साथ ही, इस दौरान स्वच्छता का भी ध्यान रखना होगा।
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यह हैं वितरण की गाइडलाइन
- मानकों के अनुसार भोजन वितरण
- वितरण से पहले भोजन चखना
- भोजन पकाने में प्रयोग सामग्री का बेहतर रखरखाव
- रसोइया को पोषण फिल्म दिखाकर प्रशिक्षित करना
- खाने के बाद छात्रों को हाथ धोने की जानकारी देना
- गठित टास्क फोर्स की ओर से स्थलीय निरीक्षण