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अब सभी जिलों में होंगे मिड डे मील के सैंपल सर्वे
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 24 Jun 2016 01:39 AM IST
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प्रमुख सचिव (खाद्य सुरक्षा) ने प्रदेश के सभी जिलों में हर माह आधा दर्जन सैंपल सर्वे कराने का फैसला लिया है। इस बारे में विस्तृत गाइड लाइन तैयार की जा रही है। फिलहाल यही निर्देश दिए गए हैं कि यह सैंपल सर्वे बतौर लिए जाएंगे, उनकी रिपोर्ट के आधार पर मिड डे मील में सुधार कराया जाएगा। एक स्थान से दो बार या उससे अधिक सैंपल अनसेफ पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के प्रमुख सचिव हेमंत राव ने यह फैसला बरेली सहित प्रदेश के कुछ कई जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में मिड डे मील की सब्जी खतरनाक पाए जाने के बाद लिया है। यहां की सब्जी में इस्तेमाल किए गए तेल और मसालों में सूडान डाई सेंकड केमिकल की पुष्टि हुई है। इसी के बाद उन्होंने कहा है कि बच्चों को स्कूलों में स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर खान पान मिले। इसीलिए मिड डे मील के हर महीने औसतन छह नमूने ले लिए जाए। स्कूलों के अलावा सरकारी अस्पतालों में मरीज और जेल में बंदियों को दिए जाने वाले भोजन का नमूना भी लेने के निर्देश दिए गए हैं। नमूने लेने और उनका प्रयोगशाला में परीक्षण कराकर समय - समय सुधार के दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं।
एक जुलाई से स्कूल कालेज खुल जाएंगे और उनमें मिड डे मील का वितरण भी शुरू होगा। इसीलिए इस खान पान के लिए जिम्मेदारी भी तय हो, इस बारे में विस्तृत दिशा निर्देश जुलाई के पहले सप्ताह में शासन स्तर पर तैयार हो जाएंगे। जिसमें स्कूलों के लिए यह तय करना है कि मिड डे मील की किचन में ही खान पान का सामान रहेगा। इसके लिए कौन - कौन जिम्मेदार होंगे। अभी तक तो खान पान के सामान के रख रखाव की कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। सैंपल लेने स्कूलों में पहुंच रही टीम को किचन में तेल मसाले नहीं मिलते है। अक्सर कर एफएसडीए की टीम की शिकायत रहती है कि तेल मसाले और खाद्यान्न प्रधान के घर पर है। ऐसे में प्रधान के घर से इन सामान को मंगाने में खाद्य सुरक्षा टीम को काफी समय बरबाद करना पड़ता है।
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खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के प्रमुख सचिव हेमंत राव ने यह फैसला बरेली सहित प्रदेश के कुछ कई जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में मिड डे मील की सब्जी खतरनाक पाए जाने के बाद लिया है। यहां की सब्जी में इस्तेमाल किए गए तेल और मसालों में सूडान डाई सेंकड केमिकल की पुष्टि हुई है। इसी के बाद उन्होंने कहा है कि बच्चों को स्कूलों में स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर खान पान मिले। इसीलिए मिड डे मील के हर महीने औसतन छह नमूने ले लिए जाए। स्कूलों के अलावा सरकारी अस्पतालों में मरीज और जेल में बंदियों को दिए जाने वाले भोजन का नमूना भी लेने के निर्देश दिए गए हैं। नमूने लेने और उनका प्रयोगशाला में परीक्षण कराकर समय - समय सुधार के दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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एक जुलाई से स्कूल कालेज खुल जाएंगे और उनमें मिड डे मील का वितरण भी शुरू होगा। इसीलिए इस खान पान के लिए जिम्मेदारी भी तय हो, इस बारे में विस्तृत दिशा निर्देश जुलाई के पहले सप्ताह में शासन स्तर पर तैयार हो जाएंगे। जिसमें स्कूलों के लिए यह तय करना है कि मिड डे मील की किचन में ही खान पान का सामान रहेगा। इसके लिए कौन - कौन जिम्मेदार होंगे। अभी तक तो खान पान के सामान के रख रखाव की कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। सैंपल लेने स्कूलों में पहुंच रही टीम को किचन में तेल मसाले नहीं मिलते है। अक्सर कर एफएसडीए की टीम की शिकायत रहती है कि तेल मसाले और खाद्यान्न प्रधान के घर पर है। ऐसे में प्रधान के घर से इन सामान को मंगाने में खाद्य सुरक्षा टीम को काफी समय बरबाद करना पड़ता है।
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