मोहन भागवत के बयान का समर्थन: मौलाना शहाबुद्दीन बोले- भारत में मुसलमान सुरक्षित, किसी से डरने की जरूरत नहीं
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया है। मौलाना ने कहा कि देश के मुसलमानों को किसी से डरने की जरूरत नहीं है। यहां सभी सुरक्षित हैं।
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है। यहां सभी धर्मों और पंथों को मानने वाले रहते हैं। कुछ देशों के मुकाबले में यहां मुसलमान सुरक्षित हैं। यहां स्वतंत्र तरीके से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं, जिसमें कहीं भी कोई रुकावट नहीं होती है। मौलाना ने यह प्रतिक्रिया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर दी है, जिसमें कहा गया है कि भारत में मुसलमान सुरक्षित है।
मौलाना ने संघ प्रमुख के बयान को उचित और दुरुस्त बताते हुए कहा कि इस तरह के बयानों से उन लोगों के हौसले पस्त होंगे, जो लोग देश में कट्टरता और नफरत फैला रहे हैं। देश की आजादी में हिंदू और मुसलमान दोनों ने कंधे से कंधा मिलाकर देश को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसलिए किसी भी सांप्रदाय के योगदान और भूमिका को कमतर नहीं आंका जा सकता।
'मुसलमानों को किसी से डरने की जरूरत नहीं'
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि देश के बंटवारे के वक्त जिन लोगों को जाना था, वो लोग चले गए। जिन लोगों को यहां रहना था, वे यहीं के होकर रह गए। अब 1947 की बातें गुजरी हुई हो गईं। पुरानी बातों को मुद्दा बनाकर बार-बार मुसलमानों को निशाना साधना यह समाज और देश के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। यह देश हमारा है, हमारे बुज़ुर्गों ने खून पसीने से सींचा है। इसलिए भारत में मुसलमानों को किसी से डरने की जरूरत नहीं है।
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मौलाना बरेलवी ने कहा कि अब इन बातों की आवश्यकता नहीं है। जरूरत इस बात की है कि हर व्यक्ति देश की तरक्की में साझेदार बने। देश की तरक्की ही हर शख्स की तरक्की है। मौजूदा परस्थितियों में भारत विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। दुनियाभर के लोग भारत की तरफ उम्मीदभरी नजरों से देख रहें हैं। ऐसे में देश के अंदर सांप्रदायिक भावना से बात करना और एक दूसरे से ऊंच नीच दिखाने की कोशिश करना देश की तरक्की में बाधा बन सकती है।