UP: मौलाना शहाबुद्दीन ने यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड को बताया भ्रष्टाचार का अड्डा, सीएम योगी से कर दी बड़ी मांग
बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड को भ्रष्टाचार का अड्ढा बताया है। उन्होंने यूपी सरकार की मांग की है कि वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया जाए। भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों पर कार्रवाई की जाए।
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड पर बड़ा आरोप लगाया है। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि वक्फ बोर्ड को जल्द से जल्द भंग कर दिया जाए। चूंकि बोर्ड भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। ये जुमला लखनऊ में काफी मशहूर है कि जो शख्स वक्फ बोर्ड के दरवाजे से अंदर कदम रखता है तो बोर्ड की दीवारों से आवाजें आती है कि यहां की एक-एक ईंट पैसा मांगती है।
मौलाना ने कहा कि वक्फ बोर्ड के सदस्य, कर्मचारी और उच्च पदों पर बैठे हुए लोग भ्रष्टाचार में लिप्त है। एक छोटी सी मस्जिद या कब्रिस्तान की कमेटी या दरगाह की कमेटी बनवाने के लिए वर्षों तक बोर्ड कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। बगैर रिश्वत दिए काम नहीं हो सकता। इसलिए अब इस तरह के बोर्ड की जरूरत नहीं है। इसको तत्काल प्रभाव से उत्तर प्रदेश सरकार भंग करने की घोषणा करे।
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मौलाना ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार भ्रष्टाचार में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। मुसलमानों की सबसे बड़ी संस्था वक्फ बोर्ड से संबंधित सभी लोगों के भ्रष्टाचार की जांच की जानी चाहिए, इन लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में मुकदमे लिखे हुए हैं। उस पर भी कार्रवाई होना चाहिए।
अखिलेश यादव के चहेते हैं वक्फ बोर्ड अध्यक्ष
मौलाना ने कहा कि बोर्ड के उच्च पद पर बैठे हुए समाजवादी पार्टी के समर्थक को भी बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। बोर्ड के अध्यक्ष सपा मुखिया अखिलेश यादव के चहेते हैं। सपा शासन काल में भी वो अध्यक्ष थे और आज भी अध्यक्ष बने हुए हैं। मौलाना ने कहा कि मैं भाजपा के लोगों से पूछना चाहता हूं कि इनके अंदर कौन सी खूबिया हैं जिसकी वजह से अखिलेश यादव के चहेते को आठ साल से अध्यक्ष बना रखा है।