फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   many project on hold due to revise estimate

एस्टीमेट रिवाइज करने का खेल वक्त पर पूरे नहीं होने दे रहा निर्माण कार्य

Tue, 31 May 2022 12:49 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 31 May 2022 12:49 PM IST
विज्ञापन
many project on hold due to revise estimate
बरेली। राजकीय निर्माण निगम एस्टीमेट को रिवाइज करने के खेल में माहिर है। इसके लिए तय समय में काम पूरा नहीं किया जाता है। खजाने में जमा रकम भी खर्च नहीं की जा रही है। इसका खुलासा विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान हुआ। अफसरों ने बड़ी लापरवाही पकड़ी तो निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
विज्ञापन

शासन ने वर्ष 2015 में फोरेंसिक लैब की स्थापना के लिए 23.11 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था। लैब का निर्माण झुमका चौराहे के पास ट्यूलिया गांव की जमीन पर राजकीय निर्माण निगम ने शुरू किया। निर्माण कार्य तीन साल में पूरा होना था लेकिन सात साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। सात साल में निर्माण कार्य पूरा न होने पर अधिकारियों ने समीक्षा की तो पाया कि अब तक केवल 30 फीसदी ही काम हो पाया है। काम पूरा होने में लगभग दो साल और लगेंगे।
विज्ञापन

बताते हैं कि निर्माण निगम ने शासन की मंशा पर पानी फेर दिया है। प्रयोगशाला बन जाती तो अपराधियों को पकड़ने में आसानी हो जाती। पुलिस का काम आसान होता लेकिन इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में निर्माण निगम ने तेजी नहीं दिखाई। हैरत तो ये है कि निर्माण निगम के खजाने में प्रोजेक्ट के करोड़ों रुपये हैं, जो खर्च नहीं हो पाए हैं, ऊपर से एस्टीमेट को रिवाइज किया जा रहा है। बताते हैं कि सात-आठ करोड़ रुपये और निर्माण निगम को चाहिए। काम धीमा होने पर सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग ने निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर को नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

300 बेड अस्पताल का 43 करोड़ का प्रोजेक्ट 73 करोड़ तक पहुंचा दिया
300 बेड अस्पताल का निर्माण 43 करोड़ से होना था। निर्माण का जिम्मा राजकीय निर्माण निगम को वर्ष 2013 में मिला लेकिन आज तक पूरी तरह यह अस्पताल तैयार नहीं हो पाया है। काम पूरा नहीं हुआ लेकिन लागत 73 करोड़ तक पहुंच गई है। सात साल से यह निर्माण कार्य चल रहा है। कोरोना के कारण इस भवन का प्रयोग कोविड अस्पताल के रूप में किया गया। निर्माण निगम के अधूरा कार्य को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आज तक इस भवन को टेकओवर नहीं किया है। सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह का कहना है कि निर्माण निगम जब काम पूरा कर देगा तभी भवन लेंगे। निर्माण निगम को इस कार्य में लेटलतीफी पर भी नोटिस जारी हुआ है।
पीडब्ल्यूडी, आवास विकास के भी प्रोजेक्ट अधूरे
अटल आवासीय विद्यालय के निर्माण का जिम्मा पीडब्ल्यूडी भवन खंड को दिया गया था लेकिन अब तक 24 फीसदी ही काम पूरा हो सका है, जबकि अब तक 45 फीसदी से अधिक काम हो जाना चाहिए था। काम धीमा होने पर एक्सईएन को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन को भी नोटिस जारी हुआ है। प्रांतीय खंड को फतेहगंज और शेरगढ़ में पुल निर्माण का काम दिया गया था। फरवरी 2022 में इस कार्य को पूरा किया जाना था, लेकिन नहीं किया गया। आवास विकास के एक्सईएन को राजकीय पॉलीटेक्निक भुता के काम में लेटलतीफी के लिए नोटिस दिया गया है। अब तक 62 फीसदी ही कार्य किया गया है, जबकि जुलाई 2022 में काम पूरा होना है। आवास विकास को राजकीय महाविद्यालय बहेड़ी और नवाबगंज के निर्माण का भी जिम्मा मिला था। इनकी गति भी धीमी है।
विकास कार्यों की धीमी गति बर्दाश्त नहीं होगी। कुछ कार्यदायी संस्थाओं ने कार्य काफी धीमा किया है, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - चंद्र मोहन गर्ग, सीडीओ

फोरेंसिक लैब का काम इसलिए लेट हुआ कि यह जमीन ग्रीन बेल्ट में आ गई थी। शासन स्तर से इस पर कार्रवाई हुई। उसके बाद काम शुरू हुआ। कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही 300 बेड अस्पताल पूरी तरह बनकर तैयार है। - सतेंद्र कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, राजकीय निर्माण निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed