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Bareilly News: झोलाछाप के इलाज से कई पशुओं की मौत, नोटिस जारी
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पशु चिकित्साधिकारी ने तीन दिन के अंदर शैक्षिक प्रमाण पत्र दिखाने को कहा
शाही। झोलाछाप के इलाज से कई पशुओं की मौत के बाद अब विभाग जाग गया है। अब मामले में नोटिस जारी कर झोलाछाप से शैक्षिक व पंजीयन प्रमाण पत्र के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने इसकी रिपोर्ट डीएम व उच्च अधिकारियों को भी भेज दी है।
शाही पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिशंकर ने बताया कि क्षेत्र में गलत इलाज होने से कई पशुओं की मौत हो चुकी है। उनको गांव के झोलाछाप राजेंद्र के खिलाफ शिकायत मिली थी। ग्रामीणों ने बताया कि थाना क्षेत्र के गांव गणेशपुर के रहने वाले राजेंद्र पुत्र नत्थू लाल खुद को पशु चिकित्सक बताकर पशुओं का इलाज चिकित्सालय क्षेत्र के अंतर्गत लगने वाले कई गांव में घूम-घूम कर करते हैं। इस कारण दो-तीन माह में दस पशुओं की मौत हो चुकी है।
शाही पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि झोलाछाप से तीन दिन के अंदर शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र और पशु चिकित्सा पंजीयन प्रमाण पत्र मांगे हैं। उसके बाद शाही थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा। नोटिस की प्रति पशु चिकित्सा अधिकारी के द्वारा जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित एसडीएम मीरगंज सहित इंसपेक्टर शाही को भेज दी गई है। संवाद
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शाही। झोलाछाप के इलाज से कई पशुओं की मौत के बाद अब विभाग जाग गया है। अब मामले में नोटिस जारी कर झोलाछाप से शैक्षिक व पंजीयन प्रमाण पत्र के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने इसकी रिपोर्ट डीएम व उच्च अधिकारियों को भी भेज दी है।
शाही पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिशंकर ने बताया कि क्षेत्र में गलत इलाज होने से कई पशुओं की मौत हो चुकी है। उनको गांव के झोलाछाप राजेंद्र के खिलाफ शिकायत मिली थी। ग्रामीणों ने बताया कि थाना क्षेत्र के गांव गणेशपुर के रहने वाले राजेंद्र पुत्र नत्थू लाल खुद को पशु चिकित्सक बताकर पशुओं का इलाज चिकित्सालय क्षेत्र के अंतर्गत लगने वाले कई गांव में घूम-घूम कर करते हैं। इस कारण दो-तीन माह में दस पशुओं की मौत हो चुकी है।
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शाही पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि झोलाछाप से तीन दिन के अंदर शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र और पशु चिकित्सा पंजीयन प्रमाण पत्र मांगे हैं। उसके बाद शाही थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा। नोटिस की प्रति पशु चिकित्सा अधिकारी के द्वारा जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित एसडीएम मीरगंज सहित इंसपेक्टर शाही को भेज दी गई है। संवाद
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