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मंडलायुक्त और डीएम पहुंचे चौपुला पुल का निर्माण कार्य देखने
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कालीबाड़ी पर चल रही खोदाई।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बोले- 75 दिन में ही पूरा हो निर्माण, लापरवाही पर कार्रवाई
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रोजाना पाइप फटने पर के सवाल पर जवाब नहीं दे सके जिम्मेदार
बरेली। बीते दिनों समीक्षा बैठक में सेतु निगम और जल निगम के अफसरों को कड़ी फटकार लगाने के बाद सोमवार को मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद और डीएम नितीश कुमार निर्माणाधीन चौपुला ओवरब्रिज का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। डीएम ने बगैर ट्रैफिक के भी रोजाना पाइप लाइन फटने की जानकारी मिलने पर नाराजगी जताते हुए वजह पूछी। इस पर जल निगम के एई ने पाइप लाइन पुरानी होेने की बात कही। साथ ही, 24 घंटे में ही पूरी लाइन बदलवाने का दावा किया। इस पर अफसरों ने यह कार्य पहले ही पूरा न करने पर जमकर फटकार लगाई।
मंडलायुक्त ने पुलिस लाइन के मंदिर को कई दिनों से बंद होने पर जानकारी मांगी। जिस पर अफसर ने निर्माण कार्य के चलते ताला बंद किए जाने की जानकारी दी। डीएम ने पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल बुलवाकर मंदिर का ताला खुलवाया। सेतु निगम को तेजी से पिलर बनाने के निर्देश दिए। जल निगम के बाद डीएम ने नगर निगम की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई, क्योंकि उसकी इन कार्यों पर देखरेख कमजोर है। डीएम ने निर्धारित समय (75 दिन) पर काम पूरा न होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी जिम्मेदारों को दी। ब्यूरो
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रोजाना पाइप फटने पर के सवाल पर जवाब नहीं दे सके जिम्मेदार बरेली। बीते दिनों समीक्षा बैठक में सेतु निगम और जल निगम के अफसरों को कड़ी फटकार लगाने के बाद सोमवार को मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद और डीएम नितीश कुमार निर्माणाधीन चौपुला ओवरब्रिज का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। डीएम ने बगैर ट्रैफिक के भी रोजाना पाइप लाइन फटने की जानकारी मिलने पर नाराजगी जताते हुए वजह पूछी। इस पर जल निगम के एई ने पाइप लाइन पुरानी होेने की बात कही। साथ ही, 24 घंटे में ही पूरी लाइन बदलवाने का दावा किया। इस पर अफसरों ने यह कार्य पहले ही पूरा न करने पर जमकर फटकार लगाई।
मंडलायुक्त ने पुलिस लाइन के मंदिर को कई दिनों से बंद होने पर जानकारी मांगी। जिस पर अफसर ने निर्माण कार्य के चलते ताला बंद किए जाने की जानकारी दी। डीएम ने पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल बुलवाकर मंदिर का ताला खुलवाया। सेतु निगम को तेजी से पिलर बनाने के निर्देश दिए। जल निगम के बाद डीएम ने नगर निगम की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई, क्योंकि उसकी इन कार्यों पर देखरेख कमजोर है। डीएम ने निर्धारित समय (75 दिन) पर काम पूरा न होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी जिम्मेदारों को दी। ब्यूरो
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