फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Managed to pull down the bloody eighth death

जुगाड़ के खूनी पुल से गिरकर आठवीं मौत

Wed, 10 Aug 2016 01:12 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Wed, 10 Aug 2016 01:12 AM IST
विज्ञापन
थाना इज्जतनगर के पहाड़गंज गांव को महानगर से जोड़ने के लिए गांव वालों ने जुगाड़ का पुल बनाया था। शार्टकट के चक्कर में बने इस पुल ने मंगलवार को फिर एक जान ले ली। बमुश्किल डेढ़ फुट चौड़ाई के इस खुले पुल से साइकिल सवार मजदूर प्रताप सिंह नकटिया नदी में गिर गया। तीन घंटे बाद नदी से उसकी लाश निकाली गई। बताते हैं कि पुल से गुजरते समय साइकिल का पैंडल खंभे में अटकने से यह हादसा हुआ। परिवार वाले पोस्टमार्टम कराने को भी तैयार नहीं हुए। इस पर पुलिस ने शव बिना पोस्टमार्टम के ही परिवार वालों को सौंप दिया। गांव वालों का कहना है कि अबतक इस पुल से गिरकर आठ लोगों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

ग्राम पहाड़गंज के लोगों ने महानगर कालोनी से सटी नकटिया नदी को पार करने के लिए  सीमेंट के खंभों की मदद से जुगाड़बाजी करके तीन साल पहले पुल बना लिया। इसी पुल को पार करके पहाड़गंज निवासी दुर्गपाल सिंह का इकलौता बेटा प्रताप सिंह मंगलवार को मजदूरी करने के लिए साइकिल से बीसलपुर अड्डे आया था।  उसने अपने 14 वर्षीय तहेरे भाई यशपाल सिंह को भी शहर राशन लाने के लिए बुला लिया। महानगर कालोनी में यशपाल को साइकिल से उतारने के बाद प्रताप सिंह पुल पार करने लगा। इसी बीच पैंडल खंभे में अटक ने से उसकी साइकिल डगमगा गई और वह साइकिल सहित नदी में गिर गया। पीछे से आए यशपाल ने बड़े भाई को साइकिल समेत नदी में बहते देखा तो वह चीखता हुआ काफी दूर तक दौड़ा। पुल से थोड़ी दूरी पर जाकर प्रताप भंवर में फंसकर डूब गया। यशपाल  शोर मचाते हुए गांव पहुंचे तो कई लोग नदी किनारे पहुंच गए। तैरना जानने वाले गांव के लड़कों ने प्रताप की तलाश शुरू की। सूचना पर इंस्पेक्टर इज्जतनगर रामगोपाल शर्मा भी पहुंच गए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने रामगंगा चौकी इंचार्ज की मदद से गोताखोरों को बुलाकर शव बरामद कर लिया। हादसे से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।       
विज्ञापन

‘ पहाड़गंज में पुल का निर्माण जरूरी है। इसके लिए  बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिलेंगे। उन्हीं से मिलकर पुल मंजूर कराएंगे। इस समय मुख्यमंत्री का बरेली के विकास पर जोर है।’ शहजिल इस्लाम, विधायक भोजीपुरा
विज्ञापन
विज्ञापन

‘इस जगह पर पुल के लिए प्रदेश सरकार को लिखा गया है। शनिवार को बरेली आकर इस बारे में प्रशासनिक और विकास विभाग के अधिकारियों से बात करेंगे। क्रिटिकल गेप तथा अन्य स्कीम से पुल बनवाने के लिए कहेंगे।’ संतोष गंगवार, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री
आठ की बलि ले चुका है यह  रास्ता
बरेली। पहाड़गंज गांव ग्राम पंचायत के अब्दुल्लापुर माफी मजरे  से शहर आने के लिए दो रास्ते हैं। खजुरिया घाट होकर पहाड़गंज से शहर करीब 10 किलोमीटर दूर है। जबकि डोहरा होकर आने पर छह किलोमीटर। इसी दिक्कत को देखते हुए 2013 में ग्रामीणों ने नकटिया नदी पर  सीमेंट के खंभे रखकर अस्थाई पुल बना लिया। यहां से महानगर कॉलोनी होते हुए शहर सिर्फ डेढ़ किलोमीटर पड़ता है।  साइकिल और बाइक वाले भी इसी पुल से होकर गुजरते हैं। दो साल पहले इस पुल से गिरकर पहाड़गंज के ही कालीचरण की मौत हो गई थी। पिछले साल सुदंरलाल का बेटा भी नदी में नदी में मर चुका है। वह पुल से नदी में कूदकर नहा रहा था। ग्रामीणों का कहना है इनके अलावा पांच बच्चे भी यहां डूबकर मर चुके हैं। 
नेता वादा करके भूल गए
बरेली। गांव वाले  बता रहे हैं कि कई बार जन प्रतिनिधियों से समस्या का समाधान कराने का वादा लिया था लेकिन कुछ नहीं हुआ तो खुद यह पुल बनाया था।
 मनीष कुमार कहते हैं सांसद संतोष गंगवार और भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम ने चुनाव के समय ग्रामीणों से पुल बनवाने का वादा किया था, लेकिन आए दिन पुल से गिरकर लोगों की जानें जा रही हैं। अभी तक किसी ने सुध नहीं ली है। मैं ट्रक ड्राइवर हरीश चंद्र ने कहा  रात में इस पुल से निकलने में सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है। नेताओं के चुनाव में पुल बनवाने के वायदे भी किए, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।
छात्र  रितिक और राजेश  का कहना था हमें तो ज्योति पब्लिक स्कूल जाने के लिए रोजाना जान जोखिम में डालना पड़ती है। मजबूरी है, ऐसा नहीं करेंगेे तो स्कूल ही नहीं जा पाएंग  
 पत्नी ने की आत्महत्या की कोशिश 
बरेली। पति की मौत की खबर पाकर प्रताप सिंह की पत्नी विनीता देवी ने भी जान देने की कोशिश की। पति के नदी में डूबने से मौत पर रोती-बिलखती विनीता अचानक खड़ी हो गई और  परिवार की महिलाएं कुछ समझ पाती, इससे पहले ही उसने नदी की तरफ आत्महत्या करने के लिए दौड़ लगा दी। महिलाओं ने दौड़कर बमुश्किल विनीता को पकड़ लिया। प्रताप सिंह और विनीता की शादी चार साल पहले हुई थी। विनीता पर तीन मासूम बच्चे हैं। एक बेटा दो बेटियों के साथ पहाड़ सी जिंदगी काटना उसके लिए बेहद मुश्किल होगा। प्रताप सिंह 65 वर्षीय बुजुर्ग पिता दुर्गपाल सिंह और 62 वर्षीय माता कलावती की बुढ़ापे की लाठी था। 

 इसी पुल से जाते हैं स्कूल
पहाड़गंज गांव में जूनियर हाईस्कूल है। शहर में पढ़ने आने के लिए तमाम बच्चे  इस पुल का ही इस्तेमाल करते हैं। सवेरे स्कूल बच्चे इसी पुल से होकर गए थे। दोपहर को इसी पुल से होकर घर भी लौट रहे थे।  विकलांगों को तो सबसे ज्यादा जोखिम उठाकर पुल से निकलता होता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed