UP: बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश करने वाला जमील 20 साल जेल में रहेगा, कोर्ट ने कहा- ऐसे लोग समाज के लिए घातक
बरेली में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश के दोषी जमील को कोर्ट ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त ने घृणित अपराध किया है। पीड़िता की मनोदशा पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है। ऐसे लोग समाज के लिए अत्यंत घातक होते हैं।
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बरेली के स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट नरेंद्र प्रकाश ने पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश के दोषी बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी जमील उर्फ बड़े को 20 साल की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सजा नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि अपराधी बिना दंड के न रह जाए। पीड़िता के साथ-साथ समाज को भी इस बात की संतुष्टि हो कि न्याय हुआ है।
बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी के निवासी व्यक्ति ने 22 जनवरी 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पांच साल की बेटी दोपहर एक बजे घर के बाहर खेल रही थी। कॉलोनी का ही जमील उर्फ बड़े उसे चीज दिलाने के बहाने ले गया। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद करने के बाद उसने बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश की।
बच्ची को ढूंढते हुए पहुंची मां ने बमुश्किल दरवाजा खुलवाया तो आरोपी वहां से भाग गया। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश साक्ष्यों और बच्ची के बयानों के आधार पर कोर्ट ने जमील को दोषी करार दिया।
ऐसे लोग समाज के लिए घातक : कोर्ट
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि आरोपी का पहला अपराध है। वह गरीब है। मुकदमा लड़ने के लिए वकील की फीस तक उसके पास नहीं थी। ऐसे में उसके लिए डीएलएसए की ओर से वकील उपलब्ध कराया गया है। कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त ने घृणित अपराध किया है। पीड़िता की मनोदशा पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है। ऐसे लोग समाज के लिए अत्यंत घातक होते हैं। दोषसिद्ध 50 वर्ष से अधिक उम्र का है और उसने पांच साल की बच्ची के साथ अपराध किया है। उसे कड़ी से कड़ी सजा देने पर ही समाज में विधि का शासन स्थापित हो सकेगा।
पॉक्सो एक्ट में दोषी सगे भाइयों समेत तीन को पांच-पांच साल की कैद
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने शुक्रवार को पॉक्सो एक्ट में दोषी बहेड़ी के एक मोहल्ले के निवासी कृष्णपाल उर्फ छोटू, बंटी मौर्य (सगे भाई) और टीकाराम को पांच-पांच साल की कैद और 22-22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक महिला ने बहेड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दो जनवरी 2018 की रात सात बजे कृष्णपाल उसके घर में घुस आया।उसने नाबालिग बेटी से छेड़खानी की। बेटी के चीखने पर परिवार के लोग जाग गए। इसके बाद कृष्णपाल गालियां और जाति सूचक शब्दों से अपमानित करते हुए चला गया।
कुछ देर के बाद कृष्णपाल ने अपने भाई बंटी और दोस्त टीकाराम के साथ आकर मारपीट की। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।अभियोजन की ओर से सुनवाई के दौरान चार गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कृष्णपाल, बंटी और टीकाराम को पॉक्सो एक्ट, मारपीट में दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।
शहर में बवाल के आरोपियों ने जमानत के लिए किया हाईकोर्ट का रुख
शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल के आरोपी जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख करने लगे हैं। आठ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। बारादरी थाने में दर्ज मामले में नामजद अजमल रफी की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने स्वीकार कर ली है। नामजदों में अग्रिम जमानत का यह पहला मामला है।
बवाल के आठ आरोपियों ने अग्रिम जमानत मांगी थी। सात की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने अगली तारीख तय कर दी है। बवाल के 22 आरोपियों को अब तक जिला सत्र न्यायालय व हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिल चुकी है। 10 आरोपियों की नियमित जमानत याचिकाएं अदालतों में विचाराधीन हैं। दो अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं कोर्ट निरस्त कर चुका है। मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा की ओर से भी उसके वकील ने जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है। हाई कोर्ट में पांच जमानत याचिकाओं पर 13 मार्च को सुनवाई होनी है।