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लखनऊ के एक कृपा संदेश से सपा में खलबली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 07 Sep 2016 01:15 AM IST
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लखनऊ के एक कृपा संदेश से सपा में खलबली
कनौजिया की उपाध्यक्ष पर फिर ताजपोशी, वीरपाल का झटके से जिलाध्यक्षी से इस्तीफा
ब्लाक प्रमुख चुनाव में ऑडियो बम फूटने के बाद उपाध्यक्ष की कुर्सी से उतारे गए संदेश कनौजिया की सपा हाईकमान नेे फिर इसी पद पर ताजपोशी का पत्र उन्हें भेजा तो बरेली सपा में खलबली मच गई। लंबे समय से सपा की छतरी संभाले जिलाध्यक्ष वीरपाल यादव तुरंत ही अध्यक्ष पद से इस्तीफा लिखा और लखनऊ भेज दिया। फोन ज्यादा घनघनाने लगे तो स्विच आफ कर बैठ गए। खास बात यह है संदेश का क्षेत्र वही है जहां से वीरपाल को विधानसभा का चुनाव लड़ना है। इधर शहर अध्यक्ष समेत उनके तमाम वफादार साथी उनके घर पहुंचने लगे। लखनऊ में पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र सिंह अभी उनका इस्तीफे की सूचना और पार्टी में नाराजगी के बारे में अनविज्ञता जता रहे हैं। इधर वीरपाल अपने इस्तीफे की वजह अपने चुनाव में व्यस्तता बता रहे हैं।
आठ फरवरी को बिथरी में सपा के कैंप में चली कुर्सियों के बाद फोन पर वीरपाल सिंह के बारे में अशोभनीय बातें करने पर संदेश कनौजिया को घटना के छह दिन बाद हटाना पड़ा था क्योंकि अध्यक्ष ने इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया था। संदेश ने सपा में जाने के लिए सबसे पहले वीरपाल की मदद मांगी थी लेकिन हिस्ट्रीशीट की वजह से ठिठक गए थे बाद में संदेश सपा के एक बड़े नेता से मिल कर उपाध्यक्ष का पद ले आए थे। एक बार हटाने के बाद पुन: संदेश को उसी जगह स्थापित करने से वीरपाल विरोधी माने जाने वाले सपा नेता भी हैरत में हैं। सूत्रों के मुताबिक हाईकमान के इस फैसले को वीरपाल सिंह यादव ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए जिलाध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा हाईकमान को भेज दिया। हालांकि वीरपाल ने अपने इस्तीफे की वजह बिथरी चैनपुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की वजह से संगठन को समय न दे पाना बताया। वीरपाल सिंह यादव के जिलाध्यक्ष पद छोड़ने की चर्चा फैलते ही उनके घर पर समर्थकों का तांता लग गया। महानगर अध्यक्ष जफरबेग, संजीव यादव, मलखान सिंह यादव, अशोक यादव, ब्लाक प्रमुख आदेश यादव गुड्डू समेत तमाम समर्थक मायूस दिखे।
मैं न्याय नहीं कर पा रहा था
जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि पार्टी ने उनको बिथरी विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। तबसे वह जिलाध्यक्ष पद के साथ न्याय नहीं कर पा रहे थे। दो अक्टूबर को गांधी जयंती से नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के जन्म दिन 22 नवंबर तक ग्राम यात्रा का प्रोग्राम है। इसमें 50 दिन तक बिथरी विधानसभा में रात्रि प्रवास करेंगे। इन व्यस्तताओं की वजह से जिलाध्यक्ष पद छोड़ दिया।
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संदेश कनौजिया पर नो कमेंट
जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव ने बताया कि संदेश कनौजिया के जिला उपाध्यक्ष बनने की जानकारी अभी उनको नहीं मिली है। अगर वह जिला उपाध्यक्ष बन गए हैं तो अच्छी बात है। संदेश के उपाध्यक्ष बनने पर नो कमेंट। बिथरी चुनाव में बिजेंद्र और संदेश के बीच तालमेल बिठाने के सवाल पर वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि जब पार्टी ने उनको जिला उपाध्यक्ष बनाया है तो उनको चुनाव तैयारियों में लगाया जाएगा।
वीरपाल के बाद कौन
वीरपाल सिंह यादव के जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद अगला जिलाध्यक्ष कौन होगा। इसको लेकर अटकलें लगने लगी हैं। सपा के अंदर वीरपाल विरोधी धड़ा भी नए जिलाध्यक्ष को लेकर सक्रिय हो गया है। हाईकमान से अभी वीरपाल का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। अभी सबकी नजरें हाईकमान से इस्तीफा स्वीकृत करने या न करने के निर्णय पर है। वीरपाल सिंह यादव से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने जिला उपाध्यक्ष अरविंद गंगवार, हरीशंकर यादव, संजीव यादव, डीसीबी चेयरमैन मलखान सिंह यादव के नाम लिए। कहा कि इनमें कोई भी जिलाध्यक्ष बन सकता है।
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कनौजिया की उपाध्यक्ष पर फिर ताजपोशी, वीरपाल का झटके से जिलाध्यक्षी से इस्तीफा
ब्लाक प्रमुख चुनाव में ऑडियो बम फूटने के बाद उपाध्यक्ष की कुर्सी से उतारे गए संदेश कनौजिया की सपा हाईकमान नेे फिर इसी पद पर ताजपोशी का पत्र उन्हें भेजा तो बरेली सपा में खलबली मच गई। लंबे समय से सपा की छतरी संभाले जिलाध्यक्ष वीरपाल यादव तुरंत ही अध्यक्ष पद से इस्तीफा लिखा और लखनऊ भेज दिया। फोन ज्यादा घनघनाने लगे तो स्विच आफ कर बैठ गए। खास बात यह है संदेश का क्षेत्र वही है जहां से वीरपाल को विधानसभा का चुनाव लड़ना है। इधर शहर अध्यक्ष समेत उनके तमाम वफादार साथी उनके घर पहुंचने लगे। लखनऊ में पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र सिंह अभी उनका इस्तीफे की सूचना और पार्टी में नाराजगी के बारे में अनविज्ञता जता रहे हैं। इधर वीरपाल अपने इस्तीफे की वजह अपने चुनाव में व्यस्तता बता रहे हैं।
आठ फरवरी को बिथरी में सपा के कैंप में चली कुर्सियों के बाद फोन पर वीरपाल सिंह के बारे में अशोभनीय बातें करने पर संदेश कनौजिया को घटना के छह दिन बाद हटाना पड़ा था क्योंकि अध्यक्ष ने इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया था। संदेश ने सपा में जाने के लिए सबसे पहले वीरपाल की मदद मांगी थी लेकिन हिस्ट्रीशीट की वजह से ठिठक गए थे बाद में संदेश सपा के एक बड़े नेता से मिल कर उपाध्यक्ष का पद ले आए थे। एक बार हटाने के बाद पुन: संदेश को उसी जगह स्थापित करने से वीरपाल विरोधी माने जाने वाले सपा नेता भी हैरत में हैं। सूत्रों के मुताबिक हाईकमान के इस फैसले को वीरपाल सिंह यादव ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए जिलाध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा हाईकमान को भेज दिया। हालांकि वीरपाल ने अपने इस्तीफे की वजह बिथरी चैनपुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की वजह से संगठन को समय न दे पाना बताया। वीरपाल सिंह यादव के जिलाध्यक्ष पद छोड़ने की चर्चा फैलते ही उनके घर पर समर्थकों का तांता लग गया। महानगर अध्यक्ष जफरबेग, संजीव यादव, मलखान सिंह यादव, अशोक यादव, ब्लाक प्रमुख आदेश यादव गुड्डू समेत तमाम समर्थक मायूस दिखे।
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मैं न्याय नहीं कर पा रहा था
जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि पार्टी ने उनको बिथरी विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। तबसे वह जिलाध्यक्ष पद के साथ न्याय नहीं कर पा रहे थे। दो अक्टूबर को गांधी जयंती से नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के जन्म दिन 22 नवंबर तक ग्राम यात्रा का प्रोग्राम है। इसमें 50 दिन तक बिथरी विधानसभा में रात्रि प्रवास करेंगे। इन व्यस्तताओं की वजह से जिलाध्यक्ष पद छोड़ दिया।
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संदेश कनौजिया पर नो कमेंट
जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव ने बताया कि संदेश कनौजिया के जिला उपाध्यक्ष बनने की जानकारी अभी उनको नहीं मिली है। अगर वह जिला उपाध्यक्ष बन गए हैं तो अच्छी बात है। संदेश के उपाध्यक्ष बनने पर नो कमेंट। बिथरी चुनाव में बिजेंद्र और संदेश के बीच तालमेल बिठाने के सवाल पर वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि जब पार्टी ने उनको जिला उपाध्यक्ष बनाया है तो उनको चुनाव तैयारियों में लगाया जाएगा।
वीरपाल के बाद कौन
वीरपाल सिंह यादव के जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद अगला जिलाध्यक्ष कौन होगा। इसको लेकर अटकलें लगने लगी हैं। सपा के अंदर वीरपाल विरोधी धड़ा भी नए जिलाध्यक्ष को लेकर सक्रिय हो गया है। हाईकमान से अभी वीरपाल का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। अभी सबकी नजरें हाईकमान से इस्तीफा स्वीकृत करने या न करने के निर्णय पर है। वीरपाल सिंह यादव से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने जिला उपाध्यक्ष अरविंद गंगवार, हरीशंकर यादव, संजीव यादव, डीसीबी चेयरमैन मलखान सिंह यादव के नाम लिए। कहा कि इनमें कोई भी जिलाध्यक्ष बन सकता है।